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सुमोना चक्रवर्ती की हुई एंडोमेट्रियोसिस सर्जरी, 2 महीने से दर्द में थीं; जानें इस गंभीर बीमारी के 7 लक्षण
Sumona Chakravarti Endometriosis Surgery: कपिल शर्मा की ऑनस्क्रिन पत्नी सुमोना चक्रवर्ती ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने एंडोमेट्रिओसिस की वजह सर्जरी करवानी पड़ी है। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर अपनी इस बीमारी के बारे में बताया कि वो कई सालों से इस दर्द को नजरअंदाज कर रही थीं लेकिन अब परेशानी बहुत अधिकढ़ गई। सुमोना ने कहा कि वो इस वजह से बीते दो महीने से सोशल मीडिया से दूर रही थीं। अब सुमोना की इस बीमारी के सामने आने से लोगों ने सोशल मीडिया पर इस बारे में सर्च करना शुरू कर दिया है। डब्लूएचओ के मुताबिक, दुनिया की 10% महिलाएं इससे प्रभावित हो रही हैं। आइए जान लेते हैं कि क्या है एंडोमेट्रिओसिस और इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं जिन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी।

एंडोमेट्रिओसिस क्या होता है?
सुमोना चक्रवर्ती ने हाल ही में बताया है कि उन्हें एंडोमेट्रिओसिस की वजह से सर्जरी करवानी पड़ी। बता दें कि एंडोमेट्रिओसिस महिलाओं में होने वाली एक सामान्य लेकिन गंभीर स्त्री रोग है। इस बीमारी में गर्भाशय (Uterus) की अंदरूनी परत (Endometrium) जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं। ये ऊतक, अंडाशय (Ovary), फैलोपियन ट्यूब, पेल्विस और कभी-कभी आंत या मूत्राशय तक फैल सकते हैं। बहुत सी महिलाएं इसे पीरियड्स का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
ये हैं एंडोमेट्रिओसिस के 7 प्रमुख लक्षण
1. पीरियड्स के दौरान पेल्विक एरिया में असहनीय दर्द
यह इस बीमारी का सबसे आम और गंभीर लक्षण है। इसमें मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से (पेड़ू), पीठ और कमर में इतना तेज और असहनीय दर्द होता है कि महिला का रोजमर्रा का काम करना भी मुश्किल हो जाता है। यह दर्द सामान्य पीरियड क्रैम्प्स से कहीं ज्यादा खतरनाक होता है और समय के साथ बढ़ता जाता है।
2. अत्यधिक या अनियमित ब्लीडिंग
एंडोमेट्रिओसिस से पीड़ित महिलाओं को पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है। कई बार उन्हें दो पीरियड्स के बीच के दिनों में भी खून के धब्बे या ब्लीडिंग की शिकायत हो सकती है।

3. शारीरिक संबंध बनाते समय तेज दर्द होना
इंटरकोर्स के दौरान या उसके तुरंत बाद पेट के निचले हिस्से और पेल्विक एरिया में तेज दर्द होना एंडोमेट्रिओसिस का एक बड़ा संकेत है। गर्भाशय के बाहर टिशू के बढ़ने और वहां सूजन होने के कारण यह दर्द महसूस होता है।
4. यूरिन पास करते या शौच के दौरान दर्द
जब एंडोमेट्रियम टिशू मूत्राशय या आंतों के आसपास फैल जाता है, तो यूरिन पास करते समय या मल त्याग के दौरान तेज दर्द और खिंचाव महसूस हो सकता है। यह लक्षण विशेष रूप से पीरियड्स के दिनों में और ज्यादा बढ़ जाता है।
5. कंसीव करने में दिक्कत या बांझपन
कई बार महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस का पता तब चलता है जब वे मां बनने की कोशिश कर रही होती हैं। यह बीमारी फैलोपियन ट्यूब और ओवरी को प्रभावित करती है, जिससे अंडा फर्टिलाइज नहीं हो पाता या गर्भाशय तक नहीं पहुंच पाता। एंडोमेट्रिओसिस से पीड़ित करीब 30 से 50 फीसदी महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
6. अत्यधिक थकान
कई महिलाओं को अक्सर थकान जैसी महसूस होती है। बिना किसी भारी काम किए भी ये थकान लगती है और आराम करने के बाद भी कमजोरी सी महसूस होती है। ये लक्षण भी एंडोमेट्रिओसिस का ही है।
7. पेट संबंधी परेशानियां होना
बहुत सी महिलाओं को अत्यधिक कब्ज, पेट फूलना और दस्त जैसी समस्याएं अक्सर होती रहती हैं लेकिन वो इसे आम सी परेशानी समझ नजरअंदाज कर देती हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।
जिनके परिवार में यह बीमारी रही हो, कम उम्र में पीरियड्स शुरू हुए हों, लंबे समय तक भारी ब्लीडिंग होती हो या लंबे समय से पेल्विक दर्द रहता हो, उनमें जोखिम अधिक हो सकता है।
हां। दवाइयों, हार्मोन थेरेपी और जरूरत पड़ने पर सर्जरी के जरिए इसका इलाज किया जाता है। सही इलाज डॉक्टर की सलाह पर ही तय होता है।
यह महिलाओं की एक बीमारी है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं, जिससे तेज दर्द और प्रजनन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।



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