ताहिरा कश्यप को दोबारा हुआ ब्रेस्ट कैंसर, आखिर क्यों लौट आता है कैंसर? एक्सपर्ट से जानिए इसकी वजह

Tahira Kashyap Suffering From Breast Cancer Again : फिल्ममेकर और लेखक ताहिरा कश्यप, जो एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी हैं, ने हाल ही में इंस्टाग्राम के जरिए बताया कि उन्हें एक बार फिर से ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। साल 2018 में वे स्टेज जीरो ब्रेस्ट कैंसर से जूझ चुकी थीं और सफल इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो गई थीं। लेकिन अब, सात साल बाद, कैंसर दोबारा लौट आया है।

अपने पोस्ट में ताहिरा ने 'नियमित स्क्रीनिंग' की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह दूसरी बार है और वो फिर से इस जंग के लिए तैयार हैं।

Tahira Kashyap Suffering From Breast Cancer Again

कैंसर दोबारा क्यों लौट आता है?

कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब एक बार कैंसर का इलाज हो चुका होता है, तो वह फिर से क्यों लौट आता है? इस बारे में जैन कैंसर क्लिनिक के कंसल्टेंट और सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. पार्थ जैन बताते हैं कि यदि कैंसर का पुनः विकास होता है, तो उसे रिकररेंट कैंसर कहते हैं। यह उसी स्थान पर या शरीर के किसी और हिस्से में हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि पहली बार इलाज असफल रहा, बल्कि यह दर्शाता है कि कैंसर जैसी बीमारी बहुत जटिल होती है और इसकी कोशिकाएं पूरी तरह नष्ट नहीं भी हो सकतीं।

1. सुप्त कोशिकाएं (Dormant Cells)

कैंसर के लौटने का सबसे सामान्य कारण सुप्त कैंसर कोशिकाएं होती हैं। इलाज के बाद भी शरीर में कुछ कैंसर कोशिकाएं रह जाती हैं जो तत्काल सक्रिय नहीं होतीं। ये कोशिकाएं कई सालों तक निष्क्रिय रहती हैं और बाद में फिर से सक्रिय होकर कैंसर का रूप ले सकती हैं।

2. कैंसर का पहले से फैल जाना (Micrometastasis)

कई बार कैंसर का निदान करते वक्त वह शरीर के अन्य भागों में सूक्ष्म रूप में फैल चुका होता है, जो जांचों में दिखाई नहीं देता। बाद में ये कोशिकाएं बढ़कर नया ट्यूमर बना सकती हैं।

3. कैंसर की आक्रामक प्रकृति

कुछ प्रकार के कैंसर बहुत अधिक आक्रामक होते हैं और उनमें दोबारा होने की संभावना ज़्यादा होती है। इसके लिए मरीज की उम्र, कैंसर की स्टेज और ग्रेड, जेनेटिक म्यूटेशन आदि जिम्मेदार हो सकते हैं।

क्या है आगे का इलाज?

कैंसर के लौटने पर इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस जगह लौटा है, किस प्रकार का है और मरीज की संपूर्ण सेहत कैसी है। आमतौर पर डॉक्टर निम्नलिखित विकल्पों पर विचार करते हैं:

सर्जरी: अगर कैंसर सीमित क्षेत्र में है तो उसे शल्य क्रिया से हटाया जा सकता है।

कीमोथेरेपी: शरीर में फैली कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए।

रेडिएशन थेरेपी: ट्यूमर के स्थान पर रेडिएशन द्वारा कोशिकाओं को खत्म करना।

टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी: जो कैंसर कोशिकाओं पर सीधा असर करती हैं, और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं।

सुझाव

नियमित जांच और स्क्रीनिंग से अगर समय रहते कैंसर का दोबारा पता चल जाए, तो उसका इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है। मरीजों और उनके परिवारों को यह समझना चाहिए कि दोबारा कैंसर होना हार मानना नहीं है, बल्कि फिर से एक बार लड़ने का अवसर है। सकारात्मक सोच, समय पर इलाज, और मेडिकल प्रगति से जीवन की उम्मीद हमेशा बनी रहती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, April 7, 2025, 14:56 [IST]
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