फर्टिलिटी बूस्ट करने में मदद करते हैं ये 5 योगासन, जानें अभ्यास का सही तरीका

Yoga For Fertility: शादी के बाद मां बनना हर महिला का सपना होता है। लेकिन कई महिलाएं शादी के सालों बाद भी चाह कर भी मां नहीं बन पाती हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण इनफर्टिलिटी होता है। आजकल इनफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ सकती है, जिसके कारण महिलाओं को कंसीव करने में कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रही हैं, तो अपने डेली रूटीन में प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले कुछ योगासनों को शामिल कर सकती हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से फर्टिलिटी को बूस्ट करने में मदद मिल सकती है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

Yoga Poses For Fertility

बद्धकोणासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पैरों को सीधा करके बैठ जाएं।

फिर अपने घुटनों को मोड़कर दोनों तलवों को एक-दूसरे से मिला लें।

इसके बाद अपने हाथों को इंटरलॉक कर लें और पैरों के तलवों को पकड़ लें।

इसके बाद अपनी दोनों आंखें बंद कर लें और पैरों को ऊपर-नीचे हिलाएं।

इस आसन को आप 3-5 मिनट तक कर सकती हैं।

उत्तानासन

इस आसन को करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हाे जाएं।

अपने दोनों पैराें के बीच करीब एक फीट की दूरी बनाकर रखें।

अब लंबी गहरी सांस लें और हाथाें काे सिर से ऊपर की तरफ ले जाएं।

सांस छाेड़ते हुए हाथाें काे नीचे की तरफ लाएं।

अब अपने हाथाें से पैराें के अंगूठे काे छूने की काेशिश करें।

इस दौरान आपके पैर घुटनाें से मुड़ने नहीं चाहिए।

कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आप इस प्रक्रिया काे 3-5 बार दाेहरा सकते हैं।

बालासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।

अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।

अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।

फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।

कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आप इस प्रक्रिया को 3-5 बार कर सकती हैं।

वीरभद्रासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।

अब अपने दोनों पैरों 2-3 फीट की दूरी पर रखें।

फिर अपने सीधे पैर को आगे लेकर आए और उल्टेे पैर को पीछे की ओर स्ट्रेेच करें।

इस दौरान हाथों को 180 डिग्री पर फैला कर रखें।

इस अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें।

फिर प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।

पश्चिमोत्तानासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।

अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।

अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।

माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, March 1, 2026, 18:45 [IST]
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