सहानुभूति पाने के लिए आतुर रहते हैं पुरुष

By Super

लंदन। विश्व में आधे से अधिक पुरुष लोगों की सुहानभूति हासिल करने के लिए सर्दी जैसी छोटी सी बीमारी को भी बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। वेबसाइट 'डेलीमेल डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक 'एन्गेज म्युचूअल' द्वारा कराए गए शोध के माध्यम से पता चला है कि दो में से एक पुरुष सामान्य सर्दी-जुकाम को बुखार और सिरदर्द को माइग्रेन का नाम देते हैं।

शोधपत्र में यह भी कहा गया है कि बीमारी को बढ़ाकर पेश करने के दौरान पुरुष महिलाओं की तुलना में काफी अधिक उबासी लेते हैं। तीन हजार से अधिक लोगों पर कराए गए शोध में साफ तौर पर कहा गया है कि पुरुष अपनी बीमारी के लक्षणों को आमतौर पर काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि वे लोगों की सुहानभूति हासिल करना चाहते हैं।

"एन्गेज म्युचूअल" के कार्ल इलियट कहते हैं, "एक वर्ष में पुरुष बहुत कम बीमार पड़ते हैं लेकिन जब बीमारी उन्हें अपनी चपेट में लेती है, तब वे लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। वैसे बीमारी को बढ़ाकर पेश करने के बावजूद पुरुष काम से ज्यादा समय तक छुट्टी नहीं ले पाते।" इसके विपरीत पुरुषों का कहना है कि 50 फीसदी महिलाएं तबीयत खराब होने के दौरान दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहती हैं जबकि 56 फीसदी उबासियां लेती हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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