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बॉडी स्प्रे और पर्फ्यूम त्वचा के लिए कैंसर का कारण हो सकते हैं

डि-इथाइलहेक्सिल (डीईएचपी) इन रसायनों का एक उदाहरण है। एक स्वीडिश अध्ययन के अनुसार, कुछ स्प्रे और परफ्यूम्स जैसे चैनल नं 5, केल्विन क्लेन का इटरनिटी, लैनकोम का ट्रीज़र और क्रिस्चन डायर का पॉइज़न नामक कुछ 34 टॉयलेटरीज़ में यह रसायन पाए जाते हैं।
सौंदर्य प्रसाधन माने जाने वाले इत्र और अन्य इसी तरह के उत्पाद के भीतर भी जहरीला पदार्थ हो सकता है। वैसे तो इत्र बनाने के लिए रहस्मई तरीके और विधियां होती हैं जो किसी दूसरे को बताई नहीं जातीं इसलिए अधिकारियों दा्रा इन रासायनिक रचनाओं की निगरानी नहीं हो पाती और इनके तथ्य खुल कर सामने नहीं आ पाते। उदहारण के तौर पर कोलोजिन जिसमें एथिल अल्कोहल और इसोप्रोपेनॉल मिला होता है। जिससे शरीर के कई भाग को नुक्सान पहुंचता है। अगर इन पदार्थों का बड़ी मात्रा में इस्तमाल किया जाता है तो पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे जोखिम भी हो सकते हैं।
इसके अलावा, इसका ज्यादा इस्तमाल लो ब्लडप्रेशर और साँस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है। यदि इसकी महक को ज्यादा मात्रा में सूघं लिया जाए तो इसमें मौजूद केमिकल, अवसाद और तंत्रिका प्रणाली को सिकोड़ने का कार्य कर सकते हैं। जो शरीर के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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