खूबसूरती बढ़ाने के लिए शरीर छिदवाने का शौक कहीं महंगा न पड़ जाए

जेवर पहनने के लिए कान नाक में छेद करवाने का चलन दुनियाभर में सदियों से रहा है, लेकिन अब फैशन की मारी युवा पीढ़ी होठ और नाभि से लेकर शरीर के विभिन्न हिस्सों को छिदवाने में लगी है, जबकि इस दौरान घाव या संक्रमण होने पर लेने के देने पड़ सकते हैं और लंबे समय तक इलाज कराने की नौबत आ सकती है।

 Body Piercing

अपोलो अस्पताल में प्लास्टिक सर्जन रह चुकीं डॉ चारू शर्मा ने कहा आम तौर पर हर महिला कान में छेद करवाती है। अब तो कुछ पुरूष भी एक कान में बाली या बुंदे पहने नजर आते हैं। अगर साफ सफाई का ध्यान रखते हुए संक्रमण रहित सुई से पीयर्सिंग की जाए तो कोई समस्या नहीं होती वर्ना संक्रमण हो जाता है। उन्होंने कहा सुई संक्रमण रहित न हुई तो हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी से लेकर सिफिलिस और एचआईवी जैसी संक्रामक बीमारियों का संक्रमण हो सकता है और रक्त में संक्रमण सेप्सिस भी हो सकता है।

पर्सोना प्लास्टिक क्लीनिक के डॉ मनोज कुमार के अनुसार, कई महिलाएं कान के बाहरी हिस्से में कई छेद करवाती हैं। ऐसा होने पर कानों को आकार देने वाली कार्टिलेज में भी छेद किया जाता है और इसमें घाव बन सकता है। ऐसे घाव को भरने में बहुत समय लगता है और संक्रमण की भी आशंका होती है।

डॉ धीर कहते हैं अक्सर कहा जाता है कि मधुमेह के रोगियों के घाव भरने में बहुत मुश्किल होती है। लेकिन न्यूमोनिया से लेकर ल्यूपस तक कई बीमारियां ऐसी हैं जिनकी वजह से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और इसका पता भी नहीं चल पाता। ऐसे में यदि पीयर्सिंग हो तो संक्रमण की आशंका अधिक होती है। अगर घाव बन गया तो उसके ठीक होने के बाद भी उसका निशान लंबे समय तक रह सकता है।

डॉ चारू ने कहा मुंह, जीभ, नाक, भौंह, नाभि आदि में भी छेद करवाने का चलन है। हर स्थान का छेद भरने में समय लगता है और इसके लिए सावधानी भी बेहद जरूरी है। लेकिन कुछ स्थानों पर पीयर्सिंग करवाने पर खास ध्यान देना पड़ता है। मुंह और नाभि में छेद करवाने पर अगर सावधानी नहीं बरती गई तो संक्रमण की आशंका बहुत होती है। नाभि में अक्सर कपड़ों की रगड़ लगने की वजह से घाव भरने में बहुत समय लगता है।

डॉ मनोज कुमार ने कहा जिस जगह छेद करवाया गया हो, जरूरी नहीं है कि उस छेद में हर तरह की धातु के गहने पहने जा सकें। कुछ धातुओं से शरीर की त्वचा को एलर्जी होती है और यह भी नुकसानदेह हो सकता है। कुछ धातुओं से शरीर के किसी भाग की त्वचा में समस्या हो सकती है और किसी भाग में नहीं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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