हाई हील की शौकीन हो जाएं सावधान!

हाई हील का जमाना हमेशा रहता है और लड़कियों के बीच में इसका चलन आज कल खूब चल रहा है। हाई हील फैशन के मामले में तो बेहतरीन है, लेकिन यह बड़ी बीमारियों का कारण भी है। अगर आप हाई हील की शौकीन हैं, तो यह जान लें कि पैर से लेकर रीढ की हड्डी तक इसका प्रभाव पडता है। शुरुआत में इसका असर पैरों में सूजन के रूप में दिखता है, लेकिन बार-बार हाई हील के प्रयोग से पंजों, पांव में दर्द, नसों में खिंचाव, कमर दर्द, पीठ दर्द और घुटनों में दर्द की समस्‍या होने लगती है।

इन बातों का रखें ध्यान

1. आपको हमेशा आरामदायक जूते-चप्‍पल ही खरीदने चाहिये। अगर आपको फुटवियर खरीदना हो तो, जहां तक तक संभव हो शाम को ही फुटवियर खरीदें क्योंकि इस समय पैर अपनी सामान्य अवस्था में होते हैं।

2. हाई हील के बजाए फ्लैट चप्पल या फिर हल्‍के हील वाली सैंडल ही पहनें। वरना आपके शरीर का पोस्‍चर बिगड़ जाएगा।

3. रबर और हार्ड सोल एडियों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए सिंथेटिक के बजाए चमडे के बने जूतों को प्राथमिकता दें।

4. लगातार हाई हील पहनने से आपकी हर मासपेशियों को काम करना पड़ता है, इसलिए कमर दर्द, पीठ दर्द और आर्थराइटिस यानी गठिया होने का खतरा रहता है।

समस्या होने पर क्या करें

1. अगर दर्द बढने लगे तो डॉक्टर की सलाह लें। ज्यादा दर्द रहने पर उन्‍हीं की सलाह से ही दर्द निवारक दवा लें।

2.
पैरों, घुटनों, रीढ की हड्डी में दर्द होने पर सिकाई करें। चाहें तो गर्म पानी में नमक डालकर सेंक सकते हैं।

3. जॉगिंग के समय या पैदल चलते वक्त सही नाप और चौडे पंजे वाले जूते-चप्पल ही पहनने चाहिए। ध्यान रहे इनका भीतरी सोल कटा-फटा न हो।

4. ऊंची एडी के जूतों से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए थोडी-सी मोटी एडी वाले जूते पहनें।

5. आगे से नोंक वाले जूते न खरीदें। पंजा इतना चौडा होना चाहिए कि अंगुलिया हिल-डुल सकें। उनमें दबाव महसूस नहीं होना चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, April 5, 2012, 10:31 [IST]
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