Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद
मॉनसून में रहता है यूरीन इंफेक्शन का खतरा

इसके अलावा, गर्म और ह्यूमिड परिस्थितियों के कारण बैक्टीरिया आदि भी काफी तादात में पनपते है। मूत्र पथ संक्रमण (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यूटी आई) मूत्र प्रणाली में जीवाणु संक्रमण है। इस क्षेत्र के आस पास मौजूद बैक्टीरिया मॉनसून में काफी तेजी से पनप सकते हैं जिससे कि इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। यह महिलाओं और पुरुषों दोनो को हो सकता है। हालांकि, ये महिलाओं में आम है। ऐसा इसलिए होता है यह है क्योंकि महिलाओं का मूत्र पथ पुरुषों में की तुलना में कम होता है। महिलाओं आवर्तक संक्रमण की शिकायत नहीं है।
मूत्र पथ संक्रमण के लक्षण आम और आसानी से पहचानने योग्य हैं। इनमें पेशाब के दौरान दर्द, बार-बार पेशाब लगना, पेशाब के दौरान जलन, बुखार, मतली और लोअर बैक में दर्द शामिल हैं। मूत्र पथ के संक्रमण वाले व्यक्ति को अच्छी खासी परेशानी हो सकती है।
अगर कोई व्यक्ति यूटीआई से संक्रमित हो जाता है, तो उसे ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह यूरीन कल्चर के माध्यम से पता लगाया जाता है और आसानी से एंटीबायोटिक दवाओं से इसका इलाज होता है। मूत्र पथ संक्रमण की रोकथाम निश्चित रूप से कुछ उपायों द्वारा संभव है। एक इस तरह के संक्रमण के दौरान खूब पानी, जूस, सूप, पीना चाहिए। इससे मूत्र प्रवाह बढ़ाता है और किसी भी संक्रमण संकुचन की संभावना कम होती है। इसके अलावा, मूत्र का करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और जब आए तब ही कर लेना चाहिए।
महिलाओं को इस तरह के मौसम के दौरान विशेष रूप से कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। यूटीआई के सबसे सामान्य कारणों में आंत्र है कि बैक्टीरिय त्वचा पर रहता है और मूत्र पथ में फैल हो जाता है। ये बैक्टीरिया ऊपर की तरफ बढ़ते हैं और मूत्राशय में संक्रमण का कारण बन सकते है। महिलाओं को पीछे की ओर से सामने की दिशा में साफ करने के बजाए सामने की ओर से पीछे की तरफ साफ करना चाहिए। इसके अलावा, यौन संबन्धों के दौरान कई बार जननांग क्षेत्र से जीवाणु मूत्रमार्ग में मूत्र पथ के संक्रमण के कारण में पारित हो सकते हैं। सर्वोच्च क्रम के उचित स्वच्छता बनाए रखना के सभी महिलाओं के लिए आवश्यक है।
इसके अलावा, महिलाओं, जो मधुमेह, गर्भवती या उनकी रजोनिवृत्ति के समय में कर रहे हैं और मूत्र पथ के संक्रमण के लिए अनुबंध ग्रस्त हैं। बरसात के मौसम के दौरान पूरी तरह से सूखे हुए कपड़े ही पहनें। यहां तक की अंडरगारमेंट्स भी सत्री करके पहनें। विभिन्न तरह के प्रॉडक्ट्स में से आने वाली खुशबू से भी आपको इरीटेशन हो सकता है और कभी-कभी ये ही संक्रमण का कारण भी बन सकता है।
लेखक परिचय- डा. भीम सेन बंसल, आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैपरोस्कोपी हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











