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पेट के फैट (मोटापे) से संबंधित 10 तथ्य
संयुक्त राज्य में मोटापे के विरुद्ध आधिकारिक तौर पर लड़ाई शुरू हो गई है तथा लड़ाई की सीमा को आपकी कमर के आसपास खींचा गया है। जो लोग अपना वज़न नियंत्रण करने के संघर्ष में लगे होते हैं उनके लिए पेट का मोटापा सबसे बड़ी समस्या होती है। पेट के मोटापे से निपटने के लिए कई तथ्य और मिथक प्रसिद्ध हैं।
यहाँ पेट के मोटापे से संबंधित 10 तथ्य दिए गए हैं जो आपको अपने डाईट प्लान (आहार योजना) की कल्पना और तथ्य को अलग करने में मदद करेंगे और आपको सफलता के मार्ग पर ले जायेंगे। फ्लैट पेट के लिये खाइये ये फूड

1. शरीर के अन्य भागों के मोटापे की तुलना में यह अधिक बुरा है
मानव शरीर में मोटापा, मोटापे के प्रकार के कारण अधिक या कम खतरनाक नहीं है बल्कि वह इसलिए खतरनाक है कि मोटापा शरीर के किस भाग में हैं। पेट के आसपास का मोटापा शरीर के अन्य भागों के मोटापे की तुलना में अधिक खतरनाक होता है क्योंकि यह पेट में स्थित महत्वपूर्ण अंगों के आसपास होता है। पेट के आसपास स्थित मोटापे के कारण कई हार्मोंस स्त्रावित होते हैं जिसके कारण आसपास के अंगों को नुकसान हो सकता है।

2. लंबे समय तक बैठे रहने से पेट का मोटापा बढ़ता है
अमेरिकी लोग टी.वी. देखने में बहुत समय व्यतीत करते हैं। केवल टी.वी. बंद करके तथा बैठकर टी. वी. देखने और अल्पाहार लेने के समय को कम करें। प्रतिदिन कुछ देर वॉक करने (चलने) से भी पेट का मोटापा कम होने में सहायता मिलती है। पेट के मोटापे को कम करने के लिए सप्ताह में तीन घंटे चलना काफी होता है

3. तनाव के कारण पेट का मोटापा बढ़ता है
जब हमारे शरीर को भावनात्मक तनाव महसूस होता है तो हमारा शरीर कॉर्टिसोल नामक हार्मोंस का अधिक मात्रा में उत्सर्जन करता है। इस हार्मोन के कारण भूख भी ज़्यादा लगती है। जीवन में कुछ कॉमेडी ढूँढने का प्रयत्न करें। हंसी के कारण शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ता है जिसके कारण रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है तथा कॉर्टिसोल का स्तर कम होता है।

4. पेट की कसरतों से पेट का मोटापा कम नहीं होता
पेट के फैट को तुरंत कम नहीं किया जा सकता तथा पेट की सभी कसरतें इस प्रकार बनाई गई हैं कि वे शरीर के विभिन्न भागों को लक्षित करती हैं। सिट अप और क्रंचेस से पेट की मांस पेशियाँ मज़बूत और टोन होती हैं परंतु इससे पेट का फैट कम नहीं होता और नीचे की मांस पेशियाँ दिखने लगती हैं। केवल कार्डियो व्यायाम ही वह व्यायाम है जिससे शरीर और पेट दोनों का फैट कम होता है।

5.पेट के मोटापे को कम करने के लिए बहुत अधिक व्यायाम करने की आवश्यकता नहीं होती
वास्तव में तथ्य यह है कि पेट के व्यायाम को कम करने के लिए बहुत अधिक कार्डियो व्यायाम करने की आवश्यकता नहीं होती। केवल वॉकिंग, जॉगिंग, रनिंग और अन्य कार्डियो आधारित जिम के उपकरणों की सहायता से पेट के मोटापे को कम किया जा सकता है।

6. कैलोरी की गणना करना प्रभावी नहीं है
कई डाईट प्लान और लोकप्रिय प्रोग्राम यह वादा करते हैं कि वे प्रतिदिन ग्रहण की जाने वाली कैलोरी की मात्रा के बारे में सूचित करके वज़न बढ़ने से रोकने में सहायता कर सकते हैं। वास्तव में तथ्य यह है कि केवल आहार में कैलोरी की मात्रा कम करके पेट के मोटापे को कम नहीं किया जा सकता। यह बात अधिक महत्वपूर्ण है कि आप किस प्रकार का खाना खाते हैं न कि आप कितना खाते हैं।

7. हमेशा आहार में वसा की मात्रा कम करने से पेट के मोटापे में कमी नहीं होती
लोगों पर मोटापे से लड़ने का जुनून इस कदर सवार है कि उन्होंने मानव आहार में सम्मिलित सभी प्रकार के वसा को बुरा मान लिया है। सच यह है कि मानव आहार में स्वस्थ और अस्वास्थ्कर दोनों प्रकार के वसा होते हैं और स्वस्थ वसा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक होते हैं।
जिस प्रकार कैलोरी ग्रहण करने की मात्रा से पेट के मोटापे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता उसी प्रकार आहार में वसा की मात्रा बहुत अधिक कम करने से पेट का मोटापा कम नहीं होता। भूमध्यीय आहार में स्वस्थ वसा पर प्रकाश डाला गया है तथा यह स्वस्थ वसा का अच्छा उदाहरण है। स्वस्थ वसा से समृद्ध इस प्रकार के आहार में बड़ी मात्रा में ऑलिव ऑइल (जैतून का तेल) और बादाम आदि शामिल होते हैं।

8. कुछ खाद्य पदार्थ पेट के वसा को कम करते हैं
इसका एक उदाहरण ऐप्पल सीडर विनेगर है। एक अध्ययन में सहभागियों को 1 से 2 टेबल स्पून ऐप्पल सीडर विनेगर प्रतिदिन लेने के लिए कहा गया। किसी प्राकृतिक औषधि लेने वालों की तुलना में ऐप्पल सीडर विनेगर लेने वालों के पेट से वसा की अधिक मात्रा कम हुई।

9. पेट के फैट की कमी को इंच में नापा जाना चाहिए न कि पाउंड्स में
जैसे सप्ताह और महीने गुजरें, अपनी कम होती कमर को इंच में नापें न कि पाउंड्स में। आखिरकार कुछ बाह्य कारकों के कारण हम सभी के शरीर का वज़न पूरे दिन में चढ़ता उतरता रहता है तथा ये बाह्य कारक पूर्ण रूप से हमारे नियंत्रण के बाहर होते हैं जैसे हमारे शरीर में उपस्थित तरल पदार्थ में होने वाला परिवर्तन

10. आप अधिक खाकर भी पेट के मोटापे को कम कर सकते हैं
अधिक खाने से भी महत्वपूर्ण यह है कि आप अधिक बार खाएं और इस प्रकार आप वज़न कम कर सकते हैं। वास्तव में यदि आपने अभी तक कोई कोई डाईट प्लान शुरू नहीं किया है तो उपरोक्त उपाय अपना सकते हैं।
ऐतिहासिक रूप से भी आपको दिन में तीन भोजन सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना की अवधारणा पर कोई संशय नहीं होगा। अध्ययनों से पता चलता है कि वे लोग जो दिन में पांच से छह बार थोड़ा थोड़ा खाते हैं वे लोग उन लोगों की तुलना में अधिक दुबले होते हैं जो दिन में तीन बार अधिक खाना खाते हैं।



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