Latest Updates
-
कौन हैं कोमल रानी स्वर्णकार? जिनके गोविंदा संग हो रहे अफेयर के चर्चे, जानें दोनों के रिश्ते का पूरा सच -
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं क्या करें और क्या नहीं? जानें खाने-पीने और सोने से जुड़े नियम -
Surya Grahan 2026: आज लगेगा साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, दिन में छा जाएगा अंधेरा; जानें भारत में दिखेगा? -
Hariyali Amavasya 2026: क्यों मनाई जाती है हरियाली अमावस्या? जानें स्नान-दान का मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sawan Shivratri Vrat Katha 2026: सावन शिवरात्रि पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, भगवान शिव दूर करेंगे हर संकट -
Happy Sawan Shivratri 2026 Wishes: भोले की भक्ति...सावन शिवरात्रि पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
दिल्ली में बढ़े H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामले, अब तक 1344 केस, ये लक्षण दिखें तो बिल्कुल नजरअंदाज न करें -
सोनू निगम की किस बीमारी के चलते हुई सर्जरी? ऑपरेशन थिएटर में गाया रफी साहब का गीत, वायरल हुआ वीडियो -
Sara Tendulkar: सारा तेंदुलकर बनीं दुल्हन! व्हाइट गाउन और लीफ-कट वेल में दिखा परी जैसा लुक, देखें फोटोज -
Sawan Shivratri 2026: कब है सावन शिवरात्रि? जानें सही तिथि, जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त,पूजा विधि और मंत्र
डकार रोकने के 15 सरल घरेलू उपचार
डकार में पेट की गैस को मुंह से निकाला जाता है जिसमें कभी कभी अजीब सी आवाज़ और गंध होती है। अधिकतर डकार आना किसी बीमारी का संकेत नहीं है। फिर भी समाज में इसे स्वीकार नहीं किया जाता। भारतीय और चायनीज़ संस्कृति में कुछ स्थितियों में इसे स्वीकार नहीं किया जाता। जापान में इसे शिष्टाचार के विरुद्ध समझा जाता है।
पश्चिमी सभ्यता जैसे उत्तरी अमेरिका, फ्रेंच और जर्मन में भी डकार को उचित नहीं समझा जाता तथा ऐसा माना जाता है कि डकार आने पर आपको आवाज़ दबाने का प्रयत्न करना चाहिए तथा माफ़ी मांगनी चाहिए।
READ: पेट दर्द, गैस, या लूज मोशन, सबका इलाज है यहां
हवा निगलने के कारण डकार आती है। पेट पहले भोजन नलिका तथा बाद में मुंह के माध्यम से गैस निकलने का प्रयत्न करता है। यहाँ डकार से राहत पाने के लिए 15 घरेलू उपचार बताए गए हैं। ये पदार्थ आपके रसोईघर में आसानी से उपलब्ध होते हैं।

1. अदरक:
खाना खाने से पहले अदरक का पावडर या मिश्रण या अदरक एक छोटा टुकड़ा चबाने से डकार को रोका जा सकता है। यदि आपको इसका तीखा स्वाद सहन नहीं होता तो आप अदरक और शहद की चाय भी बना कर पी सकते हैं। पहले उबलते हुए पानी में किसा हुआ अदरक डालें तथा बाद में इसमें शहद या नींबू मिलाएं ताकि यह पीने योग्य हो जाए।

2. नीबू का रस:
एक गिलास में नींबू का रस तथा बेकिंग सोड़ा और पानी मिलकर पीयें। इससे आपको डकार से तुरंत राहत मिलेगी। इससे पाचन में भी सहायता मिलती है। यह प्राकृतिक रूप से बनाए गए ईनो के समान है।

3. पपीता:
पपीते के द्वारा भी डकार की समस्या को रोका जा सकता है। पपीते में पापिन नामक एंजाइम होता है जो गैस्ट्रिक समस्याओं को दूर करता है जो डकार का प्रमुख कारण है। पपीते को अपने दैनिक आहार का घटक बनायें।

4. दही:
भोजन में एक कटेरे दही खाना एक सामान्य और प्राचीन भारतीय परंपरा है। इसका कारण यह है कि दही भोजन के पाचन में सहायक होता है। इसमें उपस्थित बैक्टीरिया पेट तथा आँतों से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर कर देते हैं। यदि आपको लैक्टोस सहन नहीं होता है तो आप विकल्प के रूप में छाछ (या लस्सी) का उपयोग भी कर सकते हैं।

5. काला जीरा :
काला जीरा पाचन तंत्र को शांत रखता है तथा डकार को प्राकृतिक रूप से कम करता है। इसे ऐसे ही खाया जा सकता है या सलाद में डाला जा सकता है।

6. सौंफ और अजवाइन:
ये सभी चीज़ें सभी किराना दुकानों और सुपर मार्केट्स में आसानी से उपलब्ध हैं। खाना खाने के बाद डकार से बचने के लिए इसकी कुछ मात्र चबाएं। इन बीजों में वात को कम करने वाले कारक होते हैं जो आँतों से गैस बाहर निकलने में सहायक होते हैं।

7. कैमोमिल चाय:
पेट दर्द से राहत पाने और डकार को कम करने का यह एक पारंपरिक उपाय है। सोने से पहले एक कप कैमोमिल चाय पीने से डकार से राहत मिलती है।

8. इलायची वाली चाय:
इससे पाचन में सुधार होता है। यह गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों को पचाने में सहायक होता है तथा इस प्रकार डकार को कम करता है। एक कप पानी में एक चम्मच इलायची मिलाएं तथा इसे 10 मिनिट तक उबालें। डकार को रोकने के लिए खाना खाने के पहले इसे पीयें।

9. जीरा:
खाना खाने के बाद भुना हुआ जीरा खाने से गैस से संबंधित समस्याओं से और डकार से राहत मिलती है।

10. पेपरमिंट:
डकार के लिए यह एक सबसे अच्छा घरेलू उपचार है। एक कप उबलते पानी को पेपरमिंट की कुछ पत्तियों पर डालें। इसे पांच मिनिट तक हिलाएं। सोने से पहले इसे पीयें।

11. लहसुन:
लहसुन की एक कली निगलें और उसके बाद एक गिलास पानी पी लें। यदि इसे खाली पेट लिया जाए तो यह अधिक प्रभावकारी होता है। लहसुन से पाचन बढ़ता है तथा डकार से आराम मिलता है।

12. हींग:
एक गिलास गरम पानी में एक चुटकी हींग मिलाएं तथा खाना खाने के पहले इसे पीयें। इससे पेट का भारीपन से राहत मिलती है। डकार से राहत पाने का यह एक प्राकृतिक उपाय है।

13. मेथी:
मेथी की पत्तियों को 2 से 3 घंटे पानी में भुगाकर रखें तथा खाली पेट इसे पीयें। डकार के लिए यह एक सर्वोत्तम प्राकृतिक उपाय है। इससे मुंह भी ताज़ा रहता है।

14. सोयाबीन का तेल:
एक बूँद सोयाबीन तेल में एक चम्मच शहद मिलाएं तथा खाना खाने के बाद इसे खाएं। इससे डकार से तुरंत आराम मिलता है।

15. लौंग की पत्तियां:
लौंग की ताजी पत्तियां भी पाचन तंत्र को आराम पहुंचाती हैं तथा डकार को रोकती हैं। डकार से आराम पाने के लिए खाना खाने के बाद लौंग की पत्त्तियाँ चबाएं।



Click it and Unblock the Notifications