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अवश्य जानिये हर्निया होने के 8 प्रमुख कारण
हम में से अधिकाँश लोग यह नहीं जानते कि हर्निया क्या है तथा अधिकाँश लोग यह समझते हैं कि यह उतकों की आवश्यकता से अधिक वृद्धि या फैट जमा होना है। हालाँकि डॉक्टरों के अनुसार शरीर के आंतरिक अंगों का विकास बाहरी तरफ की दीवार की ओर होने के कारण हर्निया होता है। यह विषमता मांसपेशियों में कमज़ोरी के कारण आती है। जानलेवा इबोला वायरस के लक्षणों की करें पहचान
हालाँकि कई मामलों में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते तथा इसके कारण कोई तकलीफ नहीं होती परन्तु कई मालों में यह जानलेवा भी हो सकता है। अक्सर किसी ऑपरेशन के बाद हर्निया होता है परंतु चिकित्सकों ने हर्निया के अन्य कई कारण भी बताए हैं। ये कारक इस प्रकार हैं:

1. उतकों को नुकसान:
किसी चोट के कारण जब उतक फट जाते हैं तो अक्सर इसके कारण हर्निया हो जाता है। उतकों को नुकसान पहुँचने के कारण आंतरिक अंगों के लिए बढ़ने का रास्ता आसान हो जाता है जिसके कारण यह समस्या आती है।

2. वृद्धावस्था
युवावस्था की तुलना में वृद्धावस्था में हर्निया का खतरा बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि उम्र के साथ साथ मांसपेशियां (इसमें पेट की मांसपेशियां भी शामिल हैं) कमज़ोर हो जाती हैं तथा इसके कारण आंतिरक अंगों को फैलाव की सुविधा मिल जाती है।

3. लिंग
महिलाओं की तुलना में पुरुषों को हर्निया की समस्या अधिक होती है। अधिकाँश मामलों में पुरुषों में हर्निया कमर के भाग में होता है। पुरुषों में कमर की मांसपेशियों में कमज़ोरी आने पर हर्निया होता है।

4. सर्जिकल प्रक्रिया
ऑपरेशन के बाद होने वाला हर्निया बहुत सामान्य है तथा महिलाओं में (जिनके पेट का ऑपरेशन हुआ है) कभी न कभी यह अवश्य होता है। इसे इन्किसिओनल हर्निया कहा जाता है। इस प्रकार का हर्निया अक्सर मोटी औरतों में होता है।

5. जन्म दोष
जन्म के बाद नाभि के पास के क्षेत्र में उभार भी हर्निया का एक प्रकार हो सकता है। पेट की दीवार में जन्मजात दोष भी इस प्रकार के हर्निया का एक कारण हो सकता है।

6. कब्ज़
यदि आप पुरानी कब्ज़ से परेशान हैं तो आपको मल त्याग करते समय बहुत ज़ोर लगाना पड़ सकता है। इस भारी दबाव के कारण पेट के नरम उतक फट सकते हैं जिसके कारण हर्निया हो सकता है।

7. अनुवांशिक कारक
शोधकर्ताओं से पता चला है कि मांसपेशियों की कमज़ोरी वंशानुगत होती है। अत: वे लोग जिनके नज़दीक के रिश्तेदार हर्निया से ग्रसित हैं उनमें हर्निया होने की संभावना अधिक हो जाती है।

8. मोटापा
आवश्यकता से अधिक वसा जमा होने पर पेट की मांसपेशियां फ़ैल जाती हैं तथा धीरे धीरे कमज़ोर हो जाती हैं। कमज़ोर मांसपेशियां हर्निया का मुख्य कारण होती हैं।



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