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प्राकृतिक रूप से कैसे रोकें ऑस्टियोपोरोसिस
आस्टिओपरोसिस हड्डी की एक ऐसी समस्या है जिसमें हार्मोनल बदलाव से हड्डी का घनत्व और द्रव्यमान प्रभावित हो जाता है। इससे हड्डियों में फ्रैक्चर और जोड़ों के दर्द का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टोरेन के जरिए कैल्सियम होमियोस्टेसिस का स्तर बरकरार रहता है। पर महिलाओं में 60 के बाद और पुरुषों में 70 के बाद इन हार्मोन का स्राव कम हो जाता है। यही वजह है कि बूढ़े लोगों को आस्टिओपरोसिस का खतरा ज्यादा रहता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए कई सारे हार्मोनल सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं, पर आप प्राकृतिक रूप से भी आस्टिओपरोसिस को रोक सकते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस से लड़ने के तरीके
अगर आप प्राकृतिक रूप से आस्टिओपरोसिस को रोकना चाहते हैं तो आपको अपने डाइट पर ध्यान देना होगा। आपको अपने आहार में नीचे बताई गई चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए।

1. कैल्सियम
शरीर की कई कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने के लिए कैल्सियम की जरूरत पड़ती है। अगर हम प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में कैल्सियम नहीं लेंगे तो शरीर हड्डियों से कैल्सियम लेना शुरू कर देगा। कुछ समय बाद कैल्सियम की कमी से हड्डी नाजुक और कमजोर हो जाएगा। अब सवाल उठता है कि हमें कितनी कैल्सियम की जरूरत होती है और इसका सेवन कैसे किया जाना चाहिए। प्राकृतिक रूप से आस्टिओपरोसिस को रोकने के लिए हर दिन कम से कम 1000 से 1200 मिलीग्राम कैल्सियम लेना चाहिए। दही, दूध, सोया मिल्क, टोफू, सोयाबीन, फ्रोजन दही, कम फैट वाला आइसक्रीम, बोक चोय, सफेद बीन, केल, कोलार्ड ग्रीन, ब्रोकली, बादाम और बादाम बटर कैल्सियम का सबसे अच्छा स्रोत है।

2. विटामिन डी
पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लिए बिना कैल्सियम का सेवन बेकार हो जाएगा, क्योंकि विटामिन डी आंत से कैल्सियम को सोखने में मदद करता है। इंसान का शरीर सूरज की रोशनी से विटामिन डी बनाने में सक्षम होता है। चूंकि सूरज की रोशनी के ज्यादा संपर्क में आने से कैंसर का खतरा रहता है, इसलिए भोजन के जरिए विटामिन डी लेना बेहतर रहेगा। इसके लिए आप वाइल्ड सामन, मैकरल (छोटी समुद्री मछली), सार्डाइन (एक प्रकार की मछली), हिसला मछली, फॉर्टफाइड मिल्क, सोया मिल्क और अंडे की जर्दी का सेवन कर सकते हैं।

3. नियमित व्यायाम
आप कई तरह के व्यायाम करके भी आस्टिओपरोसिस को रोक सकते हैं और अपनी हड्डी को मजबूत कर सकते हैं। इसके लिए आप जॉगिंग, टेनिस, योगा, पावर वॉकिंग, स्वीमिंग, एथलेटिक्स, फुटबाल और बैडमिंटन की मदद ले सकते हैं।

4. शराब का सेवन कम करें
शराब का सेवन कई तरह से हड्डी को प्रभावित करता है। यह न सिर्फ कैल्सियम और विटामिन डी के अब्सॉर्प्शन को प्रभावित करता है, बल्कि पाराथाइरॉइड हार्मोन को भी बढ़ा देता है। यह हार्मोन हड्डी में मौजूद कैल्सियम को ब्रेकडाउन करता है और हड्डी पर कैल्सियम के जमाव को बढ़ाने वाला हार्मोन कार्टिसोल को घटा देता है। इसके अलावा यह हड्डी बनाने वाली कोशिका आस्टिओब्लास्ट को भी नष्ट करता है। इसलिए अगर आप प्रतिदिन सिर्फ 2-3 औंस शराब का सेवन करेंगे तो आप आस्टिओपरोसिस को प्राकृतिक रूप से रोक सकेंगे।

5. धुम्रपान छोड़ें
वैज्ञानिक रूप से यह बात साबित हो चुकी है कि तंबाकू सेवन से हड्डी का घनत्व कम होता है। साथ ही फ्रैक्चर की संभावना भी बढ़ जाती है और इसे ठीक होने में भी समय लगता है। इसका ठीक-ठीक कारण का पता नहीं लग पाया है, पर इतना तो तय है कि आप जितने लंबे समय तक धुम्रपान करेंगे, बुढ़ापे में फ्रैक्चर कर खतरा उतना ही ज्यादा होगा। महिलाओं को पुरुषों की महत्वपूर्ण हड्डिया ढीली पड़ जाती है और धुम्रपान न करने वाले पुरुषों और महिलाओं की तुलना में धुम्रपान करने वालों में एस्ट्रोजन का स्राव कम होता है।



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