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घबराएं नहीं... पीलिया से बचाव के ये तरीके हैं

जैसे-जैसे मौसम बदल रहा है, वैसे-वैसे बीमारियों का आलम भी बढ़ने लगा है। इन दिनों पीलिया (जॉन्डिस) अपने चरम पर पहुंच चुका है। पीलिया कोई बीमारी नहीं है बल्कि लक्षण है। यदि आपको लगे कि आपके शरीर, नाखून या आंखों का रंग पीला होना शुरु हो गया है तथा उसे पीलिया हो सकता है, तो वह पानी की मात्रा बढ़ा दें।
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पीलिया से बचने का सबसे अच्छा उपाय है, यह जान लेना कि वह होता क्यूं है। इसके होने का सबसे अहम कारण है हेपाटाइटिस संक्रमण, खासतौर पर हेपाटाइटिस A। यह रोग ज्यादातर ऐसे लोगों में फैलता है, जो व्यक्तिगत व वातावरणीय सफाई पर कम ध्यान देते हैं या फिर देते ही नहीं है।
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इस रोग का पता रक्त की जांच, मल की जांच तथा लीवर की कार्यशक्ति की जांच कर के लगाया जा सकता है। अब आइये जानते हैं पीलिया से बचाव के क्या-क्या तरीके हैं?

टीकाकरण करवाएं
हाल के अध्ययनों और शोधकर्ताओं दृारा पता चला है कि पीलिया से बचाव के लिये टीकाकरण का इस्तमाल किया जा सकता है। इन दवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिये कई प्रोग्राम्स का आयोजन किया जा रहा है।

शराब से रहें दूर
शराब एक धीमे ज़हर की तरह है जो, आपके लीवर को सबसे पहले प्रभावित करता है। अत्याधिक शराब पीने से लीवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे मरने लगती हैं और व्यक्ति को जॉनडिस यानी पीलिया हो जाता है। पीलिया के बाद हेपेटाइटिस और फिर लीवर सिरोसिस।

कोलेस्ट्रॉल घटाएं
मोटापा और जान्डिस,दोनों एक साथ जुड़े हुए हैं। वसा युक्त आहार LSD लेवल को बढ़ा देते हैं, जिससे फैटी लीवर और लीवर डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।

सही आहार खाएं
अच्छा खाना और सही खाना, आपको ना केवल पीलिया बल्कि अन्य बीमारियों से भी बचा सकता है। इसलिये हमेशा पौष्टिक आहार खाएं ना कि बाहार का चटर-पटर।

सूरज की धूप सेकें
सही मात्रा में सूरज की धूप दिलाने से भी शिशुओं तथा बडे़ लोगों में पीलिया रोग को ठीक किया जा सकता है।

बेकार की दवाइयां न खाएं
हमेशा वही दवाई खानी चाहिये, जिसे डॉक्टर ने लिखी हो। अगर ऐसा न किया गया तो, लीवर की कोशिकाओं को अन्य प्रकार की दवाइयों को लेने में ज्यादा महनत करनी पड़ सकती है, जिससे पीलिया होने का खतरा हो सकता है।

बिल्कुल ना खाएं इन्हें...
कॉफी, लाल मिर्च, तंबाकू, गरम मसाले या फि चाय आदि का अधिक सेवन ना करें।

साफ-सफाई का ख्याल रखें
खुद की सफाई तथा अपने आस-पास की जगहों की सफाई रखना बड़ा जरुरी है। इसके अलावा बाहर का गंदा, बासी खाना नहीं खाना चाहिये। पानी भी हमेशा साफ पीना चाहिये, क्योंकि पानी से पीलिया सबसे जल्दी पकड़ता है।

खुद से करें बचाव
अपने खुद के निजी सामानों को जैसे, खाने की प्लेट, चम्मच, कपड़े, कंघी आदि को दूसरों के साथ शेयर ना करें, खास तौर पर उस व्यक्ति के साथ जिसे हेपाटाइटिस हो चुका हो।

हाथों को धोना न भूलें
पानी या खाना लेते समय अपने हाथों को धोना न भूलें। साथ ही पबलिक टॉयलेट का प्रयोग करने के बाद भी हाथों को साबुन से धोना ना भूलें। दरवाजों के हैंडल या नल आदि को छूने से काफी बैक्टीरिया आपके हाथों में आ सकते हैं।



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