शुक्राणु बढ़ाने में कैसे मददगार गरम दूध और शहद

एक ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार, 18 से 50 वर्ष की उम्र के पुरुष 10% कम शुक्राणु बनने से पीड़ित हैं। हांलाकि इस समस्‍या से निपटने के लिये कई घरेलू उपचार उपलब्‍ध हैं, जिसमें से दूध बड़ी आसानी के साथ उपलब्‍ध है। निश्चित रूप से, शहद के साथ दूध पीने से कम लो स्‍पर्म काउंट की समस्‍या से निजात पाया जा सकता है।

आयुर्वेद में नपुंसकता और बांझपन की समस्याओं के लिए शहद एक दवा के रूप में लेने की सलाह दी जाती है। हल्‍के गुनगुने दूध के साथ शहद पीने से प्रजनन क्षमता का स्‍तन शून्‍य से 60 मिलियन शुक्राणुओं की संख्‍या तब बढ़ जाती है। स्‍वाभाविक रूप से दूध एक हर्बल उपचार है जो कि शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है।

 Milk With Honey

विटामिन A पुरुष सेक्स हार्मोन के उत्पादन के लिए काफी हद तक जिम्‍मेदार होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर में कोशिकाओं को फ्री रैडिक्‍स की क्षति से बचाने का कार्य करते हैं। साथ ही यह वीर्योत्पादक नलिकाओं के रखरखाव के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य करता है। दूध में विटामिन ए काफी मात्रा में होता है इसलिये पुरुषों को यह जरुर पीना चाहिये।

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शुद्ध और बिना गर्म किया शहद यौन उत्‍तेजना को बढ़ता है क्‍योंकि इसमें अनेक पदार्थ जैसे, जिंक, विटामिन ई आदि होता है। जो कि पौरूष और प्रजनन स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं। इसके अलावा, रात को रोज सोते वक्‍त शहद पिसा लहसुन एक साथ मिक्‍स कर के खाना चाहिये, क्‍योंकि यह एक आपके सेक्‍जुअल स्‍टैमिना और प्‍लेजर को बढ़ा देगा। इसके अलावा शहद और दालचीनी भी बाझपन, गठिया, बाल झड़ना, दांतदर्द, कफ, पेट की खराबी, वेट लॉस और बढ़े हुए कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में मददगार है।

इन विटामिन से बढ़ती है पुरुषों की फर्टिलिटी

यह भी एक तरह से मदद कर सकता है, के रूप में भी कम शुक्राणु के कारणों के रूप में अच्छी तरह से गिनती पता करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यहां आम तौर पर अधिक प्रचलित हैं कि कारणों में से कुछ कर रहे हैं।
कम शुक्राणु क्या गणना कारण बनता है?

अगर आप यह कम शुक्राणु के होने का कारण जान लें तो आप इस समस्‍या से काफी हद तक निजात पा सकते हैं। नीचे कुछ आम कारण दिये जा रहे हैं, जिन्‍हें पढ़ कर आप जान जाएंगे कि क्‍यूं आपके अंदर शुक्राणुओं की संख्‍या कम होती जा रही है।

कम शुक्राणुओं का कारण-

  • शारीरिक और मानसिक तनाव
  • नींद पूरी ना होना
  • धूम्रपान और शराब की अधिक लत
  • मोटापा
  • कैंसर
  • आनुवंशिकता
  • हार्मोन समस्‍या
  • प्रदूषण और जिंक की कमी
  • स्टेरॉयड जैसी दवाइयां

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, February 7, 2015, 13:29 [IST]
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