Latest Updates
-
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Mangla Gauri Vrat 2026: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व -
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश
टी बी की बीमारी का घरेलू उपचार
दुनियाभर में प्रति वर्ष 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस का आयोजन किया जाता है। टीबी एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है जिससे हमारे देश में मुख्य रूप से युवा और कामकाजी लोग प्रभावित हैं। यह दुर्भाग्य है कि देश में आज भी इस बीमारी के कारण प्रति दो मिनट में एक व्यक्ति की मौत होती है।
इस बीमारी के इलाज और बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने की अत्यंत आवश्यकता है। हम पहले भी आपको टी बी की बीमारी के लक्षणों के बारे में बता चुके हैं इसलिये आज हम आपको टी बी की बीमारी के घरेलू उपचार बताएंगे। यदि टी बी का इलाज नहीं किया गया तो इससे इंसान की मृत्यु भी हो सकती है।
विश्व टीबी दिवस: टीबी के आम लक्षण
कोई भी घरलू उपचार तब तक काम करता है जब तक कि आप अच्छा परहेज और नियमित तौर पर बताई गई घरेलू दवाई लेते रहें। यह बीमारी अगर ज्यादा बढ़ रही है तो अपने डॉक्टर से जरुर संपर्क करें।

1. लहसुन
यह कीटाणुओं का नाश करती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। इसे कच्चा या पका कर खाना चाहिये। इसे खाने का एक तरीका है कि 10 लहुसन की कलियों को एक कप दूध में उबाल लें। फिर उबली हुई कलियों को चबा कर खा लें और ऊपर से दूध पी लें। ऐसा कुछ दिनों के लिये करें। पानी ना पियें नहीं तो यह असर नहीं करेगी।

2. केला
केले में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जिससे टीबी के रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह कफ और बुखार को दूर भगाता है। रोगी को 1 गिलास कच्चे केले का जूरोजाना पीना चाहिये।

3. सहिजन
यह टीबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से छुटकारा दिला सकता है। यह फेफड़ों की सूजन को कम करता है संक्रमण से राहत दिलाता है। आप सहिजन की मुठ्ठीभर पत्तियों को 1 कप पानी में 5 मिनट के लिये गरम कर के ठंडा होने के बाद उसमें नमक, मिर्च और नींबू निचोड़ कर रोगी को पीने के लिये दे सकते हैं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पीना चाहिये। इसके अलावा उबली सहिजन का रोजाना सेवन करने से भी राहत मिलती है।

3. आमला
यह शरीर को कई तरह के पोषण पहुंचा कर उसे मजबूती प्रदान करता है। इसका जूस निकाल कर उसमें एक चम्मच शहद मिला कर रोजाना खाली पेट पीन से यह बीमारी दूर होती है।

4. संतरा
एक गिलास ताजे संतरे के रस में एक चुटकी नमक और एक चम्मच शहद मिक्स कर के पियें। इसे दिन में दो बार पियें।

5. सीताफल
एक कप पानी में सीताफल के गूदे को 25 किशमिश के साथ उबालें। जब पानी एक तिहाई हो जाए तब तक इसे पकाएं। फिर इस मिश्रण को छान लें और उसमें 2 छोटे चम्मच चीनी और चुटकी भर इलायची पावडर मिलाएं। ठंडा कर के दिन में दो बार रोज पियें।

6. काली मिर्च
काली मिर्च फेफड़े की सफाई करती है और टीबी की वजह से होने वाले दर्द को दूर करती है। 10 काली मिर्च के दाने को घी के साथ फ्राई कर लें। फिर उसमें एक चुटकी हींग पावडर डाल कर मिक्स कर के ठंडा कर लें। मिश्रण को 3 भाग में बांटें और एक डोस को हर एक घंटे में चबाएं।

7. पुदीना
इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होता है जो कफ से निजात दिलाता है। यह फेफडे़ को भी खराब होने स बचाता है। आधा कप गाजर के जूस में, 1 चम्मच पुदीने का रस, 2 चम्मच शहद और 2 चम्मच शुद्ध सिरका मिलाएं। इस मिश्रण को तीन भाग में बांट लें और हर एक घंटे में पियें।

8. ग्रीन टी
ग्रीन टी को पानी में अच्छी तरह से उबाल कर पियें। यह उस बैक्टीरिया का खात्मा करती है जो टीबी को पैदा करता है। साथ ही यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को बढ़ाती भी है।



Click it and Unblock the Notifications