Latest Updates
-
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस : इन संकेतों को पहचान कर रोकें अपने करीबी को अात्महत्या करने से
कई रिपोर्टों का कहना है कि आत्महत्या की प्रवृत्ति वाले लोग आत्महत्या करने से पहले मदद की तलाश करते हैं। और ऐसे भी कई लोग हैं जो आत्महत्या से पहले स्वयं को बिलकुल अलग-थलग कर लेते हैं।
इसलिए, आत्महत्या वाले विचार के व्यक्ति के उन लक्षणों, प्रवृत्ति एवं विचारों को जानना बहुत ज़रूरी है ताकि उन्हें इस चरम-कदम को उठाने से रोका जा सके ।

आत्महत्या के बारे में बातें: वह हर एक वाक्य और टिप्पणी, जिसमें स्वयं को नुक्सान पहुंचाने की बात हो या फिर मृत्यु की बात हो, पर ध्यान देना चाहिए। उदाहरण के तौर पर :- “काश! मैं पैदा ही ना हुआ होता।“,“ अगर हम फिर मिले तो.....” एवं “ मेरे लिए मर जाना ही उचित है”।
READ: विश्व एंटी सुसाइड डे पर खास टिप्स
प्राणघातक साधनों को पाने का प्रयत्न: किसी भी प्राणघातक वस्तु को ढूँढना जैसे बन्दूक, दवाईयां, चाकू या फिर ऐसी चीज़ जिसका प्रयोग आत्महत्या करने के लिए किया जा सके ।
मृत्यु के विचारों में खोये रहना: मौत पर साधारण बातचीत से अधिक विचार-विमर्श, हिंसा के बारे में कवितायें या लेख आदि बांटना।
निराशा की भावना: ऐसा मानना कि उसके के लिए कोई आशा नहीं है और वह भंवर में फंस गया है या फिर हालात कभी नहीं बदल सकते आदि।
आत्म-घृणा: अपना जीवन मूल्यहीन लगना, अपराधबोध की भावना होना, स्वयं से नफरत करना एवं दूसरों पर बोझ लगना।
मामलों को क्रमवार करना: वसीयत बनाना, अपनी वस्तुएं अपने प्रियजनों को दे देना, अपने परिवार की भलाई के लिए अंतिम-प्रबंध करना आदि।
अलविदा कहना: अपने निकतम लोगों को बातचीत के लिए बुलाना जैसे कि अंतिम बार बात कर रहे हों या फिर ऐसे अलविदा कहना जैसे कि अंतिम बार कह रहे हों।
दूसरों से कटे-कटे रहना: दूसरे लोगों से खुद को अलग रखना, अकेले रहना या सबसे अलग-थलग रहना।
स्वयं के प्रति विनाशक-व्यवहार: ऐसा व्यक्ति जो काफी समय से उदास हो और फिर अचानक शांत हो जाए तो इसका मतलब यह हो सकता है कि उसने आत्महत्या का निर्णय कर लिया हो ।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications