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जानें, ब्रेकफास्ट छोड़ने से कैसे हो सकते हैं आप मोटापे और डायबिटीज के शिकार
आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोग ब्रेकफास्ट करना या तो भूल जाते हैं या फिर काम की वजह से छोड़ देते हैं। यह एक अस्वास्थ्यकर जीवन शैली का लक्षण हो सकता है और जिसके चलते मौत का भी खतरा बढ़ता है।
एक स्टडी के अनुसार जो बच्चे और बडे़ अपने दिन का जरुरी आहार छोड़ते हैं, वे ब्रेकफास्ट खाने वाले लोगों के मुकाबले स्मोकिंग, शराब और कम व्यायाम करने के लती हो जाते हैं।
वे लोग जो सुबह ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं वे मोटापे के शिकार तो बनते ही हैं और साथ में उनका किसी भी चीज़ में मन नहीं लगता। एक्सर्प का मानना है कि ब्रेकफास्ट दिन का सबसे महत्वपूर्ण आहार है, जिसे खाने से मोटापे से छुटकारा मिल सकता है।

शोधकर्ताओं ने 5,500 किशोर लड़कियों और लड़कों तथा उनके पैरेंट्स से पूछताछ की क्या वे ब्रेकफास्ट करते हैं और कितनी बार करते हैं। दूसरी चीज़ उन्होने वजन, शराब पीने की आदत और फूड हैबिट्स के बारे में भी पूछी।
शोध में पाया गया कि जो बच्चे ब्रेकफास्ट छोड़ देते हैं, उनके पैरेंट्स की भी यही आदत थी, यानी जैसे पैरेंट्स वैसे ही बच्चे। जल्दी और मध्य किशोरावस्था के दौरान, अव्यवस्थित खाने के पैटर्न को दृढ़ता से स्वास्थ्य के समझौते के साथ जोड़ा जा सकात है जसे, बच्चों का शराब पीना, तंबाकू का सेवन या फिर गांजे की लत लगना आदि।

रिसर्च के अनुसार यदि दिन की शुरुआत में पेट भरा रहेगा तो बार बार लगने वाली भूख और मोटापे को दूर रखा जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि नाश्ता, रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने, जो कि भूख और एनर्जी को कंट्रोल करती है, में मदद करता है।
एक अन्य स्टडी जिसमें 3,000 अमेरिकंस थे, पाया गया कि जो लोग नियमित ब्रेकफास्ट करते थे, वे ना तो ओवरवेट थे और ना ही उनमें मधुमेह के निशान थे। लेकिन वे लोग जो नाश्ता नहीं करते थे, उनमें ये दोनों ही चीज़ें पाई गई।
इसलिये आखिर में यह कहना कि ब्रेकफास्ट कभी नहीं छोड़ना चाहिये, बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। पैरेंट्स को भी यह ध्यान रखना चाहिये कि उनके बच्चों को पौष्टिक आहार मिल रहा है या नहीं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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