Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
वज़न कम करके घुटनों का बचाव कैसे किया जा सकता है
क्या वज़न अधिक होने से घुटनों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं? हाल ही में किये गए अध्ययन से पता चला कि कि मोटे लोग वज़न कम करके घुटने से संबंधित समस्याओं को रोक सकते हैं। अतिरिक्त वज़न के कारण घुटने की कार्टिलेज (उपास्थि) ख़राब हो सकती है।
ऑस्टियोआर्थराइटिस एक बीमारी होती है जो शरीर के जोड़ों को ख़राब कर सकती है तथा मोटापे के कारण स्थिति और भी ख़राब हो सकती है।

इस अध्ययन के अनुसार वज़न कम करने से जोड़ों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। क्या आवश्यकता से अधिक वज़न के कारण घुटनों की समस्या आ सकती है? इस अध्ययन में यही बताया गया है कि यदि जोड़ों की समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो कई लोगों में विकलांगता की समस्या भी आ सकती है। अत: मोटापे को रोककर हम एक खतरे को दूर रख सकते हैं।

क्या वज़न अधिक होने के कारण घुटने की समस्याएं हो सकती है – इस अध्ययन में लगभग 500 मोटे लोगों के वज़न घटाने और उपास्थि के पतन के बीच संबंध का अध्ययन किया गया। इनमें से अधिकाँश लोग ऑस्टियोआर्थराइटिस या घुटने की अन्य समस्याओं से ग्रसित थे।
शोधकर्ताओं ने सहभागियों को 3 समूहों में बांटा। एक समूह किसी भी प्रकार के वज़न कम करने के प्रयत्न में शामिल नहीं था जबकि दूसरे समूह ने अध्ययन के दौरान कुछ वज़न कम किया था। तीसरे समूह को अध्ययन के एक भाग के रूप में लगभग 10% वज़न कम करने के लिए कहा गया।

यह अध्ययन 4 वर्ष किया गया। परिणामों से यह तथ्य सामने आया कि वज़न कम करने से घुटनों को होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। वे लोग जिन्होंने लगभग 10% वज़न कम किया था उनकी उपास्थि में कम खराबी आई।

अन्य दो समूह जिन्होनें बहुत कम या बिलकुल भी वज़न कम नहीं किया था उनकी उपास्थि में खराबी होने के स्तर में कोई अंतर नहीं आया। इसका अर्थ यह है कि वज़न कम होने का सीधा असर घुटनों पर पड़ता है। वे लोग जो नियमित तौर पर कसरत करके या उचित आहार लेकर वज़न कम करते हैं उनके लिए ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा कम हो जाता है।

तो आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं? यदि आपका वज़न आवश्यकता से अधिक है तो अपने घुटनों को सभी समस्याओं से बचाने के लिए वज़न कम करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
