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एकाग्रता बढ़ाने में सहायक नटराजासन
दुनिया में सबसे ज्यादा तनाव वर्किंग लोगों को होता है। टारगेट एचीव करना, सैलरी की झिकझिक, सही क्लाइंट न मिलना या फिर वर्कप्लेस पर शोषण होना; जैसी हजार झंझटें काम करने वाले इंसान को होती हैं। ऐसे में कई बार हम चीजों को भूलने लग जाते हैं और छोटी-छोटी बात भी ध्यान से उतर जाती है। ऐसा तनावग्रस्त मन के कारण होता है।
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अगर आपका ध्यान सही से नहीं लगता है तो आप अक्सर बातों और चीजों को भूलने लग जाते हैं। एकाग्रता नहीं रह जाती है। नटराज यानि नृत्य के भगवान, इनके बारे में हम सभी को मालूम है।
नटराज के नाम पर ही एक आसन है - नटराजासन। यह आसन एकाग्रता में सुधार लाता है और हमारी याद्दाश्त को मजबूत बना देता है। आइए जानते हैं इस आसन को किस प्रकार कर सकते हैं:

नटराजासन करने के चरण -
1. सबसे पहले सावधान की अवस्था में खड़े हो जाएं।
2. एक ही बिंदु पर फोकस करें और धीरे से अपने बाएं पैर पर पूरा वजन डालते हुए संतुलन बनाने का प्रयास करें।

3. दाएं पैर को घुटने से हल्का फोल्ड करें और उसे बाएं पैर के घुटने पर भगवान नटराज के समान मुद्रा में रखें।
4. अब अपने हाथों को सीधा करें।
5. सामान्य रूप से सांस लेते रहे और इसी अवस्था में 20 सेकेंड तक खड़े रहें।
6. इसके बाद, पुन: अपनी सामान्य अवस्था में आ जाएं।
7. यह आसन 3 से 4 बार करें।

8. आप चाहें तो दाएं पैर पर वजन डालकर बाएं को ऊपर रख सकते हैं।
लाभ :
- इससे वजन कम होता है।
- पैर और जांघ की मांसपेशियों में मजबूती आती है।
- कूल्हे और एडि़यों की हड्डी भी मजबूत हो जाती है।
- तनाव में राहत मिलती है।
- मुद्रा और संतुलन में भी मदद मिलती है।
- साथ ही पाचन क्रिया भी दुरूस्त हो जाती है।
बरती जाने वाली सावधानियां:
- रक्तचाप के मरीज इसे न करें।
- गर्भवती महिलाएं भी इस योगा को करने का प्रयास न करें।
- शुरूआत में इस आसन को करने के लिए दीवार का सहारा लेना चाहिए ताकि गिरे नहीं। साथ ही एक्सपर्ट एडवाइस भी ले सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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