मुंह के ऐसे रोग जो आपको चौंका देंगे

By Super Admin

मुंह हमारे शरीर का महत्वपूर्ण भाग है। हालाँकि शरीर के अन्य भागों की तरह हम इस पर अधिक ध्यान नहीं देते। अब वह समय आ गया है कि हमें अपने मुंह की देखभाल शुरू कर देनी चाहिए क्योंकि शोध से पता चला है कि मुंह में भी कई गंभीर चौंका देने वाली बीमारियाँ हो सकती हैं।

सबसे पहली बीमारी एंगुलर चेईलिटिस है जिसमें होंठों के किनारे फट जाते हैं। एंगुलर चेईलिटिस मुंह के किनारों के फटने का कारण नहीं है बल्कि यह उसका एक परिणाम है।

 Shocking Diseases Of The Mouth

ऐसा तब होता है जब होंठों की नमी मुंह के किनारों पर जमा होने लगती है जिसके कारण माइक्रोऑर्गेनिज्म और यीस्ट विकसित होने लगते हैं।

एंगुलर चेईलिटिस बहुत गंभीर समस्या हो सकती है जिसके कारण अन्य कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। मुंह में उपस्थित बैक्टीरिया नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों का निर्माण करते हैं जो बाद में पेट के अंदर चले जाते हैं। इसके कारण हार्ट (दिल) की बीमारी, लीवर की बीमारी हो सकती है और दांत गिर सकते हैं।

यही कारण है कि यदि आप मुंह के किनारे फटे हुए देखें तो इसका तुरंत उपचार करवाएं। मुंह के छाले भी मुंह की एक बीमारी है। यह संक्रामक है तथा दवाईयों से इसका इलाज किया जा सकता है। हालाँकि बार बार आने वाले छाले चिंता का कारण हो सकते हैं तथा इसका इलाज एक कुशल प्रशिक्षित डॉक्टर से करवाना चाहिए।

broken teeth

थ्रश (मुखव्रण) भी मुंह की एक बीमारी है जो कैंडिडा यीस्ट के कारण होती है तथा यदि आप डाइबिटीज़ से ग्रस्त हैं तथा कुछ एंटीबायोटिक्स या विशेष दवाईयां ले रहे हैं और आपका प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर है तो यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है।
Tongue

ब्लैक टंग मुंह की एक बहुत गंदी बीमारी है जिसमें जीभ काली दिखाई देती है। ऐसा धूम्रपान करने, एंटीबायोटिक्स का सेवन करने, बहुत अधिक चाय या कॉफ़ी पीने से हो सकता है। इसके अलावा यदि मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार का उत्पादन नहीं हो रहा हो तो भी यह समस्या हो सकती है।

mouth

कभी कभी मुंह में छोटे छोटे फोड़े हो जाते हैं जिनमें बहुत दर्द होता है। यह तनाव, हार्मोंस, आपके आहार में विटामिन्स की कमी, संक्रमण या अतिसंवेदनशीलता के कारण हो सकता है। ये आपकी जीभ, मसूड़ों और गालों पर आ सकते हैं तथा इनके कारण बहुत अधिक दर्द होता है।

लयूकोप्लाकिया में मुंह में प्लाक या सफ़ेद धब्बे दिखने लगते हैं। ऐसा धूम्रपान, ठीक तरह से दांत नहीं लगाने और कठोर दांतों के कारण होता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, August 17, 2016, 10:30 [IST]
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