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नींद से जुडी हुई इन गलतियों को न करें
सोने से ब्रेन रिचार्ज होता है तथा आपका ध्यान अच्छे से केन्द्रित होता है, जागरूकता बढ़ती है और मूड भी अच्छा रहता है। हालाँकि कई ऐसे लोग हैं जो नींद से संबंधित गंभीर बीमारी से काफी समय से परेशान हैं।
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नींद की बीमारी से तात्पर्य नींद के अनियमित पैटर्न से है जो शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक कार्यों को प्रभावित करता है। चिंता और तनाव के कारण भी नींद से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं या मौजूदा समस्याओं को और अधिक ख़राब कर सकती है।

नींद से संबंधित अन्य समस्याओं में खर्राटे भरना, नींद में चलना और नार्कोलेप्सी (निद्रा रोग) शामिल हैं। रेस्ट लेस लैग सिंड्रोम तथा ब्रक्सिज्म (दांत पीसने की आदत) भी नींद से संबंधित बीमारियों में शामिल है।
नींद की कमी का असर आपके स्कूल या ऑफिस में आपके काम के प्रदर्शन पर दिखाई दे सकता है या इससे आपको स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं होने का खतरा बना रहता है। यह घबराहट और मूड से संबंधित विकारों का कारण भी बन सकता है।
ऐसे लोग जिन्हें नींद से संबंधित समस्याएं होती हैं उन्हें हार्ट (दिल) की बीमारी, हार्ट फेल होना, दिल की धड़कन का अनियमित होना, मायोकार्डियल इन्फार्कशन (रोधगलन), हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), स्ट्रोक, डाइबिटीज़ (मधुमेह) और मोटापे का ख़तरा बना रहता है।
हालाँकि नींद से संबंधित कुछ ऐसी गलतियां हैं जिन्हें करने से हमें अच्छी और पर्याप्त नींद नहीं आती। इन गलतियों को करने से बचें और सुनिश्चित रूप से अच्छी नींद लें तथा सुबह तरोताज़ा महसूस करें।
कभी भी स्नूज़ बटन को न दबाएँ। उन दस मिनिटों में आपकी नींद पूरी नहीं होगी। बल्कि ऐसा करने से आपकी नींद में बार बार रूकावट आती है और आप अधिक थका हुआ महसूस करेंगे। बहुत लंबी झपकी न लें। झपकी को तीस मिनिट तक ही सीमित रखें क्योंकि तरोताज़ा होने का यह एक बेहतर तरीका है। बहुत देर तक झपकी लेने से नींद के पैटर्न में गड़बड़ी आ जाती है।
सोने की एक नियमित दिनचर्या रखें। रोज़ नियत समय पर सोयें तथा नियत समय पर उठें। इससे आप अनिद्रा की समस्या से बचे रहेंगे तथा आपके नींद के पैटर्न में बदलाव भी नहीं आएगा।
अच्छी नींद के लिए दोपहर के बाद कैफीन का सेवन न करें। सोने से पहले अल्कोहल या शुगर का सेवन न करें।
ये आपके शरीर में उपस्थित केमिकल्स (रसायनों) में रूकावट पैदा करते हैं जिससे नींद से संबंधित परेशानी हो सकती है। अँधेरे कमरे में सोयें। इसके अलावा सोने से पहले सारी चिंताएं और तनाव दूर कर दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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