Latest Updates
-
Navratri Va Durga Puja: नवरात्रि और दुर्गा पूजा में क्या अंतर है? एक ही देवी, फिर क्यों अलग हैं दोनों पर्व -
Navratri Recipes 2026: डायबिटीज के मरीज नवरात्रि व्रत में खाएं ये 5 शुगर फ्री रेसिपी, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
मानसून में डायबिटीज के मरीज पैरों का ख्याल कैसे रखें? डॉक्टर से जानें आसान फुट केयर टिप्स -
Navratri 2026: गरबा में दिखना है स्टाइलिश? ट्राई करें ये 6 एवरग्रीन ब्लाउज डिजाइन -
पाकिस्तानियों से इतने साल ज्यादा जीते हैं भारतीय, WHO की रिपोर्ट में सामने आई औसत उम्र और मौत की वजह -
रूस में प्लेग का खौफ! महिला रिसर्चर की मौत के बाद 200 लोग किए गए क्वारंटीन, जानें कैसे फैलती है ये बीमारी -
World Cerebral Palsy Day 2026: बच्चों को विकलांग बना देती है यह बीमारी, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज -
Indira Ekadashi Vrat Katha: इंदिरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, पितरों को मिलता है मोक्ष -
Indira Ekadashi 2026: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय...इंदिरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Navratri Vrat Recipes: नवरात्रि के लिए पहले ही बना लें ये स्वादिष्ट फलाहारी नमकीन, नौ दिन तक नहीं होगी खराब
World Asthma Day: दमा के रोगी जरुर करें ये 7 योग, होगा बड़ा फायदा
आज यानी 3 मई को दुनियाभर में वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया जा रहा है। विश्व में लगभग 30 करोड़ लोग दमा की समस्या से ग्रसित हैं। आज हर परिवार में किसी ना किसी व्यक्ति को दमे की बीमारी जरुर है।
अस्थमा की बीमारी को जड़ से खतम करना शायद ही मुश्किल है लेकिन हां, इसे योग से कंट्रोल जरुर किया जा सकता है। यह बात रिसर्च में भी सामने आई है कि अगर आप नियमित 15-20 मिनट तक रोज योग करेंगे तो आप को अस्थमा से राहत मिलेगी और अटैक धीरे धीरे कम हो कर खतम हो जाएगा।
रोज सुबह या शाम को नियमित सांस लेने वाले योगासन और ध्यान लगाने वाले आसन करें। इससे आपका जीवन आसान हो जाएगा। योग करने से फेफड़ों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है और दवाईयों की जरुरत कम होती है। आइये जानते हैं योग कौन-कौन से आसन करने से अस्थमा रोगियों को फायदा मिलेगा।

शवासन
शवासन एक मात्र ऐसा आसन है, जिसे हर आयुवर्ग के लोग कर सकते हैं। यह सरल भी है। इसको करने से चित्त एकदम शांत हो जाता है और एक शांत शरीर और दिमाग दमे की बीमारी को दूर करने में सहायक होते हैं।इसे करने की विधि के लिये क्लिक करें

प्राणायाम
इसको सबसे आखिर में करें। यह अस्थमा के लिये एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। प्राणायाम से चिंता दूर होती है, हार्ट रेट कम होती है, ब्लड प्रेशर कम होता है और साथ ही इम्यून सिस्टम और एंडोक्राइन सिस्टम का सही संतुलन बना रहता है।
इसे करने की विधि के लिये क्लिक करें

बध्धाकोनासन
बध्धाकोनासन के लिए सबसे पहले पीठ बिल्कुल सीधी करके बैठ जाएं। घुटने मुड़े हुए और पौर जमीन को टच करते रहें। आपके पैरों के तलवे एक-दूसरे से सटे रहें, इसका ध्यान रखिए। अब लांबी सांस लें और छोड़ें।ध्यान रखें कि आपके पैरों की मांसपेशियां तनी हुई हो, न कि ढीली-ढाली रहे।

मत्स्यासन
इसमें आपको मछली की तरह पोज़ देना होता है यानि मछली की तरह बन जाएं। इस आसन को करने से गले में खिंचाव पड़ता है और थॉयराइड ग्रन्थि तथा सांस की नली पर दबाव बनता है।
इसे करने की विधि के लिये क्लिक करें

ब्रिज पोज़
यह योगासन आपके फेफड़े और सीने को खोलने में मदद करता है। साथ ही यह थायरॉइड ग्रंथी को भी ठीक करने में मददगार है।
इसे करने की विधि के लिये क्लिक करें

भुजंग आसन
भुजंग आसन सीने को फैलाता है, रक्त परिसंचरण में सुधार करता है इसलिये यह अस्थमा के रोगों के लिए अच्छा है।
इसे करने की विधि के लिये क्लिक करें

अर्धमत्स्येन्द्रासन
इसको नियमित रूप से करने पर पीठ, पेट के नले, पैर, गर्दन, हाथ, कमर, नाभि से नीचे के भाग एवं छाती की नाड़ियों को अच्छा खिंचाव मिलने से उन पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इससे फेफड़ों में खुल कर ऑक्सीजन जाती है इसलिये यह दमा के रोगियों को जरुर करना चाहिये।



Click it and Unblock the Notifications
