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World Asthma Day: दमा के रोगी जरुर करें ये 7 योग, होगा बड़ा फायदा
आज यानी 3 मई को दुनियाभर में वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया जा रहा है। विश्व में लगभग 30 करोड़ लोग दमा की समस्या से ग्रसित हैं। आज हर परिवार में किसी ना किसी व्यक्ति को दमे की बीमारी जरुर है।
अस्थमा की बीमारी को जड़ से खतम करना शायद ही मुश्किल है लेकिन हां, इसे योग से कंट्रोल जरुर किया जा सकता है। यह बात रिसर्च में भी सामने आई है कि अगर आप नियमित 15-20 मिनट तक रोज योग करेंगे तो आप को अस्थमा से राहत मिलेगी और अटैक धीरे धीरे कम हो कर खतम हो जाएगा।
रोज सुबह या शाम को नियमित सांस लेने वाले योगासन और ध्यान लगाने वाले आसन करें। इससे आपका जीवन आसान हो जाएगा। योग करने से फेफड़ों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है और दवाईयों की जरुरत कम होती है। आइये जानते हैं योग कौन-कौन से आसन करने से अस्थमा रोगियों को फायदा मिलेगा।

शवासन
शवासन एक मात्र ऐसा आसन है, जिसे हर आयुवर्ग के लोग कर सकते हैं। यह सरल भी है। इसको करने से चित्त एकदम शांत हो जाता है और एक शांत शरीर और दिमाग दमे की बीमारी को दूर करने में सहायक होते हैं।इसे करने की विधि के लिये क्लिक करें

प्राणायाम
इसको सबसे आखिर में करें। यह अस्थमा के लिये एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। प्राणायाम से चिंता दूर होती है, हार्ट रेट कम होती है, ब्लड प्रेशर कम होता है और साथ ही इम्यून सिस्टम और एंडोक्राइन सिस्टम का सही संतुलन बना रहता है।
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बध्धाकोनासन
बध्धाकोनासन के लिए सबसे पहले पीठ बिल्कुल सीधी करके बैठ जाएं। घुटने मुड़े हुए और पौर जमीन को टच करते रहें। आपके पैरों के तलवे एक-दूसरे से सटे रहें, इसका ध्यान रखिए। अब लांबी सांस लें और छोड़ें।ध्यान रखें कि आपके पैरों की मांसपेशियां तनी हुई हो, न कि ढीली-ढाली रहे।

मत्स्यासन
इसमें आपको मछली की तरह पोज़ देना होता है यानि मछली की तरह बन जाएं। इस आसन को करने से गले में खिंचाव पड़ता है और थॉयराइड ग्रन्थि तथा सांस की नली पर दबाव बनता है।
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ब्रिज पोज़
यह योगासन आपके फेफड़े और सीने को खोलने में मदद करता है। साथ ही यह थायरॉइड ग्रंथी को भी ठीक करने में मददगार है।
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भुजंग आसन
भुजंग आसन सीने को फैलाता है, रक्त परिसंचरण में सुधार करता है इसलिये यह अस्थमा के रोगों के लिए अच्छा है।
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अर्धमत्स्येन्द्रासन
इसको नियमित रूप से करने पर पीठ, पेट के नले, पैर, गर्दन, हाथ, कमर, नाभि से नीचे के भाग एवं छाती की नाड़ियों को अच्छा खिंचाव मिलने से उन पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इससे फेफड़ों में खुल कर ऑक्सीजन जाती है इसलिये यह दमा के रोगियों को जरुर करना चाहिये।



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