रोज़ाना की ये आदतें बना सकती हैं आपको डिप्रेशन का शिकार

यदि आप बिना किसी कारण के कमजोरी और उदासी महसूस कर रहे हैं तो इसका अर्थ है कि आप डिप्रेशन के शिकार हैं।

By Radhika Thakur

यदि आप बिना किसी कारण के कमजोरी और उदासी महसूस कर रहे हैं तो इसका अर्थ है कि आप डिप्रेशन के शिकार हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी प्रतिदिन की कुछ आदतें विषाद के खतरे को बढ़ा सकती हैं? आजकल उदासी एक बहुत आम समस्या बनती जा रही है क्योंकि हम में से सभी लोग ऐसे लोगों को जानते हैं जो विषाद से पीड़ित हैं।

विषाद के प्रमुख कारणों में जीवनशैली, काम का दबाव, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक आदतें, अनुवांशिक प्रवृत्ति, अक्रियाशील रिश्ते, मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन आदि शामिल है।

विषाद वह स्थिति होती है जिससे ग्रसित व्यक्ति बहुत अधिक दुखी और निराशा महसूस करता है और कुछ मामलों में यह निराशा आत्महत्या तक पहुँच जाती है अत: इसे मामूली नहीं समझना चाहिए। उदासी का इलाज गहन संज्ञानात्मक चिकित्सा सत्र, मनोविश्लेषण और दवाईयों से किया जाता है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवनशैली में कुछ सकारात्मक परिवर्तन करके आप उदासी का उपचार कर सकते हैं। यहाँ प्रतिदिन की कुछ आदतें बताई गयी हैं जिनके कारण विषाद की समस्या हो सकती है।

1. प्रोसेस्ड फ़ूड खाना

1. प्रोसेस्ड फ़ूड खाना

एक शोध अध्ययन के अनुसार वे लोग जो प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स आदि प्रतिदिन खाते हैं उन्हें विषाद की समस्या होने का खतरा अधिक होता है क्योंकि इन खाद्य पदार्थों में उपस्थित टॉक्सिंस (विषारी पदार्थ) मस्तिष्क में रासायनिक परिवर्तन कर देते हैं।

2. स्वयं को अकेला रखना

2. स्वयं को अकेला रखना

बहुत दिनों अकेले रहकर स्वयं के साथ समय बिताने से और किसी के साथ न घुलने मिलने से विषाद की समस्या हो सकती है क्योंकि इस आदत के कारण नकारात्मक विचार और अकेलेपन की समस्या बढ़ जाती है।

3.सोशल मीडिया का आवश्यकता से अधिक उपयोग

3.सोशल मीडिया का आवश्यकता से अधिक उपयोग

विषाद पर किये गए एक अध्ययन से पता चलता है कि सोशल मीडिया अकाउंट पर बहुत अधिक समय बिताने या उनका आवश्यकता से अधिक उपयोग करने से मस्तिष्क के रसायनों में परिवर्तन होता है जिसके कारण विषाद की समस्या होती है।

4. नकारात्मक लोगों के पास रहने से

4. नकारात्मक लोगों के पास रहने से

यदि आप नकारात्मक सोच रखने वाले और निराशावादी लोगों के साथ बहुत अधिक समय बिताते हैं तो उनके दृष्टिकोण के कारण आपको विषाद की समस्या हो सकती है।

5. स्मोकिंग (धूम्रपान)

5. स्मोकिंग (धूम्रपान)

अन्य दुष्परिणामों के अलावा प्रतिदिन धूम्रपान करने से विषाद की समस्या हो सकती है क्योंकि इसमें उपस्थित निकोटिन मस्तिष्क के रासायनिक संतुलन को बिगाड़ सकता है।

6. निष्क्रिय रहने से

6. निष्क्रिय रहने से

निष्क्रिय जीवन शैली, बिना किसी कसरत या शारीरिक गतिविधि के कारण भी तनाव की समस्या हो सकती है क्योंकि बिना कसरत के मस्तिष्क में सेरोटोनिन का स्तर गिरने लगता है।

7.जन्म नियंत्रण के कारण

7.जन्म नियंत्रण के कारण

अनेक महिलायें जो प्रतिदिन जन्म नियंत्रण के लिए गोलियों का सेवन करती हैं उन्हें विषाद की समस्या हो सकती है क्योंकि इन गोलियों के कारण शरीर के हार्मोन्स में उतार चढ़ाव होता रहता है।

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