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क्या अचानक से घटने लगा है वजन? तो हो सकती हैं ये 7 बीमारियां
हममें से ज्यादातर लोग अपने बढ़ते वजन को लेकर ज्यादा चिंतित रहते हैं और वजन घटाने के लिए कई एक्सरसाइज भी करते हैं। लेकिन बिना किसी कोशिश के अगर अचानक से वजन घटने लगे तो यह वाकई चिंता का विषय है। अपने आप वजन कम होना आपके शरीर में किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है। यदि आपका वजन छह महीनों में पांच से दस प्रतिशत तक कम हुआ है तो आपको स्वास्थ्य परीक्षण कराने की जरूरत है

अचानक वजन घटने से आपकी लाइफ स्टाइल भी प्रभावित हो सकती है। भूख न लगना और भरपूर नींद न आना जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है, जिससे सिरदर्द और थकान का अनुभव होता है। अगर वास्तव में आपको इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं तो आइए जानें की किन कारणों से आपका वजन तेजी से घट सकता है।

1- कैंसर
अचानक वजन कम होने की एक वजह कैंसर भी हो सकता है। अगर आपका वजन तेजी से कम हो रहा है लेकिन आप सही तरीके से भोजन करते हैं, आपकी एक्सरसाइज रूटीन भी पहले जैसी ही है और आप कोई नई दवा लेना शुरू नहीं किए हैं तो वजन घटना आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। क्योंकि आपको कैंसर जैसी बीमारी होने की ज्यादा संभावना है। डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर होने पर शरीर की एनर्जी कम होने लगती है।

कैंसर (1)
इसकी वजह से शरीर का वजन तेजी से घटने लगता है और शरीर पतला दिखने लगता है। इससे गैस्ट्रिक और पैंक्रियाज कैंसर के अलावा फेफड़े, सिर, गर्दन और कोलोरेक्टल कैंसर होने की संभावना होती है। इसलिए आप वजन घटने पर इसकी अनदेखी न करें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

2 तनाव
ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है जो ऑफिस के वर्क प्रेशर, घर की कलह और सामाजिक दबाव से ज्यादा तनाव में रहते हैं। अधिक तनाव में रहने के कारण उनकी लाइफ स्टाइल प्रभावित होने लगती है। इससे उन्हें सही तरीके से भूख नहीं लगती है और वे भरपूर खाना नहीं खा पाते हैं। भूख की कमी की वजह से शरीर से फ्लाइट हार्मोन निकलता है जो आपके तनाव को और ज्यादा बढ़ा देता है।

तनाव (2)
इसके अलावा दिमाग के हाइपोथैल्मस से कॉर्टिकोट्रोपिन नामक हार्मोन निकलने लगता है जो भूख नहीं लगने देता है। इसके अलावा दिमाग एड्रिनल ग्लैंड को भी संकेत भेजता है जो हार्मोन को असंतुलित कर देता है। जिससे आपको कम भूख लगती है और खाना न खाने की वजह से वजन भी घटने लगता है।

3- पेट की बीमारी
छोटी आंत में सही तरीके से भोजन का अवशोषण नहीं हो पाने के कारण सीलिएक रोग, क्रोहन रोग, लैक्टोज बढ़ना और आंत के टूटने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। जब आंत भोजन के जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है तो इस स्थिति को मैलाब्जार्पशन कहते है। सिलिएक रोग जैसी पेट की बीमारी वैसे तो ज्यादातर मामलों में ठीक हो जाती है लेकिन अगर अचानक वजन घट रहा हो तो आप पहले डॉक्टर से अपना परीक्षण कराएं।

4 डायबिटीज
डायबिटीज होने पर भूख कम लगती है। इसकी वजह से व्यक्ति के शरीर में शुगर का स्तर बढ़ जाता है, जो किडनी और उसके कार्यों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। डायबिटीज के मरीज ब्लड शुगर का उपयोग नहीं कर पाते हैं और यह किडनी से फिल्टर होकर उत्सर्जित हो जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति की मांसपेशियां और हड्डियां प्रभावित होने लगती है। अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब जाना, आंखों में धुंधलापन और हाथ पैरों में झुनझुनी, शरीर में सुन्नता का अनुभव आदि डायबिटीज के लक्षण हैं।

5 थायरॉयड
थायरॉयड हमारे मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है। इसलिए थायरॉयड के कारण वजन प्रभावित हो सकता है। अगर मेटाबोलिज्म बढ़ जाता है तो शरीर का वजन कम होने लगता है लेकिन यह अधिक बढ़ जाए तो स्वास्थ्य के लिए कई गंभीर खतरे उत्पन्न कर सकता है।

5 (2) पोथायरॉडिज्म
अगर किसी व्यक्ति को हाइपोथायरॉडिज्म है तो उसका वजन तेजी से कम होगा और कभी-कभी इसकी वजह से हृदय की गति बढ़ने, अधिक चिंता और इंसोमेनिया जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।

6 एड्रीनल की कमी
जब शरीर पर्याप्त मात्रा में कॉर्टिसोल उत्पन्न नहीं कर पाता है तो एड्रिनल की कमी हो जाती है जिसे एडिसन की बीमारी कहते हैं। यह वही कॉर्टिसोल है जो स्ट्रेस के लिए जिम्मेदार होता है। अधिक तनाव होने पर कॉर्टिसोल अधिक उत्पन्न होता है जो एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन जिन लोगों में कॉर्टिसोल कम उत्पन्न होता है वे तनाव को सहन कर पाने में सक्षम नहीं होते हैं इसलिए वे ज्यादा बीमार रहने लगते हैं। तेजी से वजन घटना, मिचली, चक्कर आना, हल्का महसूस करना और कई तरह के इंफेक्शन एड्रीनल में कमी होने के लक्षण हैं।

7 रूमेटॉयड अर्थराइटिस
कम से कम एक से तीन प्रतिशत महिलाओं में रूमेटॉयड अर्थराइटिस की समस्या पायी जाती है। यह एक सूजन है जो पैर के जोड़ों में होता है। इसकी वजह से तेजी से वजन घटने लगता है। क्योंकि रूमेटॉयड अर्थराइटिस में सिर्फ सूजन ही नहीं होती बल्कि यह शरीर के एनर्जी को भी खत्म कर देता है।

7 (1) रूमेटॉयड अर्थराइटिस
इसकी वजह से रोजाना फैट और कैलोरी कम होने लगता है। रूमेटॉयड अर्थराइटिस तीस से पचास साल की उम्र में सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।



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