Latest Updates
-
थायराइड की दवा कब और कैसे लें? डॉक्टर से जानें सही समय और तरीका -
Ayurveda Day 2026: कब और कैसे हुई आयुर्वेद दिवस की शुरुआत? जानें इस साल की थीम, महत्व और इतिहास -
रानी मुखर्जी की मां और प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का निधन, 75 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 6 काम, वरना नाराज हो सकते हैं पितर -
Fact Check: चेहरे पर 'गोल्ड ऑयल' लगाने से मिलेगी जवां-ग्लोइंग स्किन? जानें वायरल दावे का सच -
लड्डू-मोदक नहीं, यहां बप्पा को लगता है बबल टी का भोग! गणपति पूजा का अनोखा अंदाज हुआ वायरल -
Parivartini Ekadashi Vrat Katha: परिवर्तिनी एकादशी पर जरूर पढ़ें राजा बलि की कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Parivartini Ekadashi 2026 Wishes: हरि की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को भेजें परिवर्तिनी एकादशी की शुभकामनाएं -
अब 1000 से 2000 रूपये में किराए पर मिलेगा गरबा पार्टनर, वारयल पोस्ट ने सोशल मीडिया पर मचाया बवाल -
World Alzheimer's Day 2026: भूलने की आदत कहीं अल्जाइमर का शुरुआती संकेत तो नहीं, जानें इसके लक्षण और इलाज
स्टूडेंट्स को नहीं पीनी चाहिये ज्यादा बियर, हो सकता है कैंसर
एक अध्ययन में पता चलता है कि जो लड़के 2 घंटे के भीतर पांच या अधिक या जो लड़कियां चार बियर पीती हैं, उनकी मस्तिष्क गतिविधि में विशिष्ट परिवर्तन हो जाता है।
एक नए अध्ययन से पता चलता है कि जो छात्र नियमित रूप से ड्रिंक करते हैं, वो अनजाने में स्थायी रूप से दिमाग की क्षमता को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पुर्तगाली वैज्ञानिकों का दावा है कि इन परिवर्तनों के कारण मस्तिष्क के विचार अलग हो सकते हैं, जैसा कि शराबियों में देखा गया है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह निष्कर्ष परेशान करने वाले हैं क्योंकि छात्रों को इस बात की बिल्कुल भी चिंता नहीं है ज्यादा पीना गलत बात है।
मिन्ह यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ज्यादा शराब पीने से ब्रेन डैमेज हो सकता है।कनाड़ा के प्रमुख लेखक डॉक्टर एडुआर्डो लोपेज़ ने कहा है कि अगर शराब पीने पर मस्तिष्क के दिमाग में अंतर होता है, तो किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित नहीं किया जा सकता ता है।
अध्ययन ने शोधकर्ताओं को मस्तिष्क क्षेत्रों के विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिकल गतिविधि का आकलन करने के लिए छात्रों के स्कैल्प के लिए इलेक्ट्रोड को संलग्न किया।
जर्नल फ्रंटियर इन बिहेवियरल न्यूरोसाइंस में शोधकर्ताओं कहा कि इनमें ऐसे लक्षण देखे गए थे, जो पुराने पुरानी शराबियों में देखे जाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
