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फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के इलाज के 12 घरेलू उपाय
फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट डिजीज ब्रेस्ट में होने वाली बीमारी है जिसमें ब्रेस्ट में दर्द होता है और गांठ भी बन जाती है। यह बहुत ही आम अवस्था है और लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को कभी कभी न होती है।
फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट डिजीज ब्रेस्ट में होने वाली बीमारी है जिसमें ब्रेस्ट में दर्द होता है और गांठ भी बन जाती है। यह बहुत ही आम अवस्था है और लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को कभी कभी न होती है।
यह अवस्था कैंसर में परिवर्तित नहीं होती है। यह समस्या आमतौर पर 20 से 24 साल की लड़कियों को अधिक होती है। ये हर उम्र की महिलाओं को हो सकती है लेकिन ये नई बनी माताओं को अधिक होती है खासकर नई युवा महिलाओं को जो मां बनने वाली हैं।
इसके लक्षणों में ब्रेस्ट में स्वेलिंग होना या उनका मोटा होना, ब्रेस्ट का कठोर व आकार में बड़ा होना और उनमें दर्द होना शामिल हैं। हम आपको इस समस्या से निपटने के कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं।

1) फ्लैक्ससीड्स- यह ओमेगा
3 फैटी एसिड, विटामिन ई, विटामिन बी, प्रोटीन और मिनरल्स का बेहतर स्रोत है। यह स्तनों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में और ब्रेस्ट ट्यूमर जैसे कई रोगों को रोकने में भी उपयोगी हैं। फब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट एस्ट्रोजेन हार्मोन से संबंधित है और सन बीज इसके संतुलन को बनाए रखने में उपयोगी हैं। नियमित रूप से इसे खाने से ब्रेस्ट फाइब्रॉएड हटाने में मदद मिलती है।

2) विटामिन बी 6 वाली चीजें
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम होने से ब्रेस्ट कोमल होने लगते हैं। विटामिन बी 6 वाले चीजें खाने से इन लेवल को बनाए रखने में मदद मिलती है। आप विटामिन बी 6 युक्त खाद्य पदार्थ जैसे आलू, स्टार्च वाली सब्जियां, मछली आदि का उपभोग कर सकते हैं।

3) कोल्ड कॉम्प्रेस
सूजन, कोमलता से छुटकारा पाने में मदद करता है और बहुत राहत देता है। कुछ बर्फ लें और इसे प्लास्टिक बैग में रखें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। आप एक दिन में कई बार दोहरा सकते हैं।

4) हीट पैड
इससे भी जलन और सूजन से राहत मिल सकती है। यह असुविधा को हटाने में मदद करता है और प्रभावित क्षेत्रों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। आप हीटिंग पैड या तौलिया का उपयोग कर सकते हैं इसे गर्म पानी में डुबोकर, अधिक पानी निचोड़ लें और फिर स्तन पर गांठ पर रखें।

5) अदरक तेल
अदरक का तेल का उपयोग करने से फायब्रोसीस्टिक ब्रेस्ट के दर्द से राहत मिलती है। कुछ समय के लिए अदरक तेल से प्रभावित क्षेत्र की मालिश करें और फिर गर्म कॉम्प्रेस लगायें। गांठ को कम करने के लिए इसे दिन में दो बार करें।

6) विटामिन ई सप्लीमेंट्स
फाइब्रोसाइटिस्टिक ब्रेस्ट के उपचार के लिए विटामिन ई की खुराक को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। अध्ययन में भी पुष्टि की गई है कि डायट के जरिए फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। हालांकि, किसी भी विटामिन की खुराक लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

7) आयोडीन से भरपूर चीजें
आयोडीन की खपत को सूजन को कम करने के लिए जाना जाता है। यह ऊतक संरचना को बनाए रखने में मदद करता है और इस स्थिति का इलाज भी करता है।

8) प्राइरॉस ऑयल
यह तेल महिलाओं से संबंधित विभिन्न बीमारियों का ख्याल रखने के लिए जाना जाता है, जिनमें रजोनिवृत्ति के लक्षण और साथ ही प्रीमेन्स्ट्रल सिंड्रोम भी शामिल हैं। इसमें गामा-लिनोलेनिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो कि ब्रेस्ट के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

9) एस्सेंशल ऑयल ब्लेंड
कैमोमाइल तेल के तीन बूँदें, अदरक के 3 बूँदें और लैवेंडर तेल की 10 बूंदें लें। कैमोमाइल को एंटीकैंसेसर प्रभाव केलिए भी जाना जाता है। इन तेलों में भी एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल और एंटिफंगल गुण होते हैं। इन्हें 100 मिलीलीटर गर्म पानी में मिक्स करें और फिर इसे प्रभावित क्षेत्र पर एक कपास की बॉल से उपयोग करें।

10) बोरेज सीड ऑयल
इन सीड में भी गामा-लिनोलेनिक एसिड होता है जो स्तन में दर्द को कम करने में मदद करता है। स्तन पर तेल लगाकर कुछ समय के लिए मालिश करें।

11) केस्टर ऑयल
कैस्टर तेल का उपयोग व्यापक रूप से कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है। यह स्तनों की सतह से ट्यूमर को स्वाभाविक रूप से हटाने में मदद करता है। प्रभावित क्षेत्र पर तेल लगाएं और फिर कुछ समय तक मालिश करें। आप वैकल्पिक रूप से गर्म या ठंडे तेल से मालिश कर सकते हैं।

12) ब्लैक कोहोश
यह विभिन्न रोगों के इलाज के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। खासकर मेन्स्ट्रुएशन और मेनोपॉज के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसका इस्तेमाल प्रभावी ढंग से फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के उपचार के लिए किया जाता है।



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