Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
ओरल सेक्स से भी फ़ैल सकता है गोनोरिया, जानिये लक्षण और बचाव
गोनोरिया एक तरह का यौन संचारित रोग है और महिलायें इसकी ज्यादा शिकार होती हैं। कई बार महिलाओं को यह पता भी नहीं होता कि वे ऐसे किसी यौन रोग से पीड़ित हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप इस संक्रामक बीमारी से जुड़ी हर छोड़ी बड़ी जानकारी जाने।
अगर आप सोच रहे हैं कि गोनोरिया सिर्फ सेक्स करने से फैलता है तो आपको बता दें कि यह ओरल सेक्स करने से भी फ़ैल सकता है। हाल ही में कई एक्सपर्ट ने इस बात की जानकारी दी कि ओरल सेक्स के दौरान पीड़ित व्यक्ति के गले के माध्यम से भी यह रोग फ़ैल सकता है।

ऐसे में आपके गले में भी गोनोरिया फ़ैल सकते हैं और फिर आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अगर ओरल गोनोरिया का समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह भी जननांगो तक फ़ैल सकता है। जिस वजह से पुरुषों के पेल्विक हिस्से में दर्द और महिलाओं को पेशाब करते समय जलन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आपको बता दें कि गोनोरिया नामक यह बीमारी नेसेरिया गोनोरिया नामक बैक्टीरिया के कारण होती है।
इस बीमारी के लक्षण पुरुषों और महिलाओं में अलग अलग होते हैं। पुरुषों के मूत्र का रंग हल्का हरा, पीला या गाढ़ा भूरा हो सकता है और उनके अंडाशय में सूजन आने लगती हैं। वहीँ महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में जलन, ब्लीडिंग और पीरियड्स में बीच में डिस्चार्ज होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
कुछ गंभीर मामलों में गोनोरिया का असर हार्ट वाल्व और आंखों पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर उन नवजात शिशुओं पर इसका असर ज्यादा होता है जिनकी मां इस बीमारी से पीड़ित रहती हैं। एंटीबायोटिक के सेवन से इसके असर को खत्म किया जा सकता है फिर भी आपको ऐसे कोई लक्षण दिखे तो बिना डेरी किये तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
