Latest Updates
-
पति के घर से बाहर जाते ही महिलाओं को भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये 6 काम, हो सकता है अशुभ -
World Youth Skills Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व युवा कौशल दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
28 दिन बाद लगेगा सूर्य ग्रहण, 2 मिनट 18 सेंकड के लिए छा जाएगा अंधेरा, क्या भारत में दिखेगा ये नजारा -
Harela Wishes In Pahadi Or Hindi: 'जी रया, जागि रया' कहकर अपनों को दें हरेला पर्व की शुभकामनाएं -
रथ यात्रा में सबसे पहले राजा ही क्यों लगाते हैं झाड़ू? जानिए छेरा पहरा की परंपरा -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण
रंगीन और खुशबुदार टॉयलेट पेपर इस्तेमाल करने के दुष्परिणाम
कुछ दशकों पहले तक भारत में टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल कुछेक वर्ग के द्वारा ही किया जाता था। उस समय इसके फायदे और नुकसान करने के बारे में न ही किसी को जानकारी थी और न ही इसके बारे में जानने क दिलचस्पी।
समय बदला और भारत में शौच सम्बंधी जागरूकता के बाद यहां के लोग भी पश्िचमी देशों की तरह टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करने लगे।
इन दिनों कॉर्पोरेट स्थानों, मॉल, एयरपोर्ट, होटल या रेस्टोरेंट में इनका इस्तेमाल काफी बढ़ गया है।

हाईजीन के हिसाब से भी लोग अब इनका इस्तेमाल घरों में करने लगे हैं। इन दिनों टॉयलेट पेपर का कारोबार इस कदर बढ़ गया है कि कई देशों में इसका निर्माण तेजी से होता है और इसकी बिक्री भी काफी बढ़ गई है। इसे कई रंगों और खुशबुओं में बनाया जाने लगा है। ऐसा लोगों को ज्यादा से ज्यादा आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है।
हालांकि, हाल ही में एक रिसर्च से स्पष्ट हुआ है कि कलर्ड टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करने से कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। इससे निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

1. यूरेथ्रा में संक्रमण -
इस प्रकार के टॉयलेट पेपर में सेंट और कलर मौजूद होता है जोकि आपके यूरेथ्रा जैसे नाजुक हिस्से को नुकसान पहुँचा सकता है और यहां संक्रमण, सूजन या दर्द दे सकता है।

2. यीस्ट संक्रमण -
महिलाओं में ये संक्रमण टॉयलेट पेपर, खासकर रंगीन टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करने से हो सकता है। इससे योनि वाले हिस्से में फंगस संक्रमण हो सकता है और खुजली आदि भी हो सकती है। साथ ही पेट में दर्द और गंदी सी बदबू वाला सफेद चिपचिपा पदार्थ भी योनि से निकल सकता है।

3. रेक्टल संक्रमण -
खुशबुदार और कलर्ड टॉयलेट पेपर से रेक्टल संक्रमण हो सकता है और ये कैमिकल वहां की त्वचा पर भी दाने या खुजली पैदा कर सकता है।

4. सर्विकल कैंसर -
शोधों से यह पता चला है कि कलर्ड और सेंटेड पेपर के इस्तेमाल सर्विकल कैंसर का खतरा बहुत बढ़ जाता है।



Click it and Unblock the Notifications