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जानें, उम्र के साथ आपके पेनिस में क्या परिवर्तन होते हैं?
बहुत अधिक कामेच्छा रखने वाला व्यक्ति भी 65 वर्ष की उम्र के बाद इरेक्टल डिसफंक्शन का शिकार हो जाता है। यहाँ समय के साथ पुरुषत्व में होने वाले ऐसे ही परिवर्तनों के बारे में बताया गया है।
समय के साथ चमक और आभा सब खत्म हो जाती है। यह बात मानव शरीर के मामले में विशेष रूप से सत्य है। समय के साथ साथ हम शारीरिक सुन्दरता, उर्जा, उत्साह, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजें खोने लगते हैं।
यहाँ तक कि बहुत अधिक कामेच्छा रखने वाला व्यक्ति भी 65 वर्ष की उम्र के बाद इरेक्टल डिसफंक्शन का शिकार हो जाता है। क्या आप जानते हैं? वर्तमान सांखिकीय अनुमान यह दावा करते हैं कि 50 वर्ष की उम्र के आधे से अधिक पुरुष ईडी शिकार होते हैं।
तो यदि आपने 35 वर्ष की उम्र पार कर ली है और आप प्रीमेच्योर इजैक्युलेशन की समस्या से ग्रस्त हैं तो आश्चर्य न करें। उम्र के साथ साथ श्रोणि की मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती हैं। और पेनिस का आकार भी छोटा हो जाता है। यहाँ समय के साथ पुरुषत्व में होने वाले ऐसे ही परिवर्तनों के बारे में बताया गया है:

19-30 वर्ष की उम्र में
18-25 वर्ष की उम्र में पुरुष सेक्स के मामले में अतिसक्रिय होते हैं और इसका आनंद उठाते हैं। इरेक्शन के लिए उत्तेजना की आवश्यकता नहीं होती। सुबह सुबह अक्सर ही उत्तेजना आना सामान्य बात होती है। इस उम्र में आवेशपूर्ण और गहन प्रेम करने के लिए कोई प्रयास नहीं करना पड़ता। इस उम्र में स्त्रावित होने वाले सीमेन की मात्रा भी अधिक होती है। ऐसे पुरुष जो बहुत जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं उनमें इस उम्र में प्रीमेच्योर इजेकुलेशन की समस्या बहुत आम होती है।

31-40
30 वर्ष के बाद आपके शरीर में परिवर्तन आने लगते हैं। प्यार के लिए आपका जूनून कुछ कम हो जाता है। आपके मन में अब इसके लिए अधिक इच्छा नहीं रह जाती। परन्तु फिर भी आप बेडरूम की एक्टिविटी को पसंद करते हैं। हालांकि उत्तेजना के बिना इरेक्शन नहीं आता। थोड़े से स्पर्श के बाद उत्तेजना आती है। सुबह होने वाली उत्तेजना कम हो जाती है। इसके अलावा पहले इजेक्युलेशन के बाद दूसरा इरेक्शन आने में समय लगता है।

41-50 वर्ष की उम्र में
आपका उत्साह बहुत तेज़ी से कम होता है हालाँकि आप प्यार करने में अब भी रूचि रखते हैं। बहुत ज़्यादा स्पर्श के बाद अच्छा इरेक्शन आता है। परन्तु पुरुषत्व की दृढ़ता की तुलना उस समय से नहीं की जा सकती जो 20 वर्ष की उम्र में थी। सीमेन के निकलने के पहले यदि आपका अंग शिथिल हो जाए तो स्वयं को दोषी न मानें। आपको दूसरे इरेक्शन के लिए एक घंटे की आवश्यकता होती है क्योंकि उसी दिन दूसरी बार इरेक्शन आना बहुत मुश्किल होता है।

51-60 वर्ष
इच्छा लगभग समाप्त हो जाती है। सुबह के समय इरेक्शन नहीं आता। आपका स्टेमिना कम हो जाता है। इजेकुलेशन के पहले ही इरेक्शन चला जाता है। चरम बिंदु की मात्रा कम हो जाती है। कुछ मामलों में प्यार करने के बाद आपको कुछ महसूस नहीं होता। सीमेन की मात्रा भी कम हो जाती है। बहुत अधिक म्हणत करने के बाद एक या दो बूँद ही सीमेन निकलता है। आप थका हुआ महसूस करते हैं। सेक्स की मात्रा बहुत कम हो जाती है।

61-70
अधिकाँश पुरुष इस समय तक अपनी इच्छा खो चुके होते हैं। टेस्टोस्टेरोन का स्टार तेज़ी से कम होता है। आपकी इच्छा कम हो जाती है। बहुत अधिक प्रयास करने के बाद ही इरेक्शन आता है। परन्तु आप कुछ ही मिनिटों में कठोरता खो देते हैं। चरमोत्कर्ष पर पहुंचना बहुत मुश्किल हो जाता है।

71-80
यदि आपके मन में अभी भी इच्छा है तो भी आपकी इन्द्रियाँ और अंग साथ नहीं देते। इरेक्शन बहुत कम होता है। पेनीट्रेशन बहुत चुनौतीपूर्ण हो जाता है क्योंकि पेनिस बहुत बड़ा और कठोर नहीं रह जाता। सुबह के समय की उत्तेजना? नहीं रह जाती।

81-90 वर्ष
इस उम्र तक बहुत कम लोग जीवित रहते हैं। इस उम्र में यदि आप साल में एक या दो बार सेक्स कर सकते हैं तो आपको स्ट्रांग मैन कहा जाएगा। हो सकता है कि आप अपने जन्मदिन या शादी की सालगिरह पर सेक्स करें।

91-100
यदि आप इस उम्र तक जीवित रहते हैं तो सेक्स आपकी प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए। आपको जीवित रखने के लिए भगवान को धन्यवाद देना चाहिए। आपका शरीर कमज़ोर और नाज़ुक हो जाता है। यहाँ तक कि आप किसी को कस के पकड़ भी नहीं पाते। इस उम्र में आपको मीठी यादों का आनंद उठाना चाहिए। परन्तु इंतज़ार करें! इसे पढने के बाद डरे नहीं। कसरत को अपने जीवन का एक भाग बनायें। अच्छा आहार खाएं। अच्छी नींद लें। धूम्रपान और शराब का सेवन न करें। इससे शरीर पर होने वाले ऐजिंग के प्रभाव धीमे होते हैं



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