Latest Updates
-
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा
जानें, बाएं ओर करवट लेट कर सोने के फायदे
सोना हमारे शरीर के लिये बेहद जरुरी है। सोने से हमारे शरीर की थकान तो मिटती ही है साथ में दिमाग भी तेजी से काम करने लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोते वक्त हम जिस भी पोजिशन मे यानी जिस भी करवट में लेटते हैं, उसका हमारे शरीर पर काफी प्रभाव पड़ता है। जी हां, यानी आप जिस भी करवट लेटेंगे, उसका असर आपके अंगों तथा मस्तिष्क पर साफ पड़ेगा।
अब हम एक ही करवट लेटें, यह पॉसिबल नहीं है। इंसान सोते वक्त इधर-उधर करवट ले ही लेता है। वह उसी करवट लेटता है जिस ओर उसे सबसे ज्यादा आराम मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाएं ओरकरवट कर के लेटने से आपको कई फायदे हो सकते हैं?
बहुत से लोंगो को यह पता नहीं है कि सोते समय बाएं ओर करवट लेने से हमारे शरीर को कई बड़े फायदे मिलते हैं। कई बीमारियां जैसे, दिल का रोग, पेट संबन्धित खराबी, थकान, पेट का फूलना और अन्यशारीरिक समस्याएं केवल बाएं ओर करवट लेने से ही ठीक हो जाती हैं। यहां आगे हम यही बताने जा रहे हैं कि कैसे बाईं तरफ करवट लेकर सोना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

सीधे सोने के नुकसान
जो लोग रात में सीधे सोते हैं, उन्हें उस दौरान ठीक से सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। यह पोजीशन उन लोगों के लिये अच्छी नहीं मानी जाती जिन्हें अस्थमा या स्लीप एपनिया की बीमारी है। इसलिये ऐसे लोंगो को रात में बाएं ओर करवट ले कर सोने की आदत डालनी चाहिये।

डॉक्टर क्या देते हैं सलाह
डॉक्टर कहते हैं कि शरीर में जो भी विशैले पदार्थ हैं, वह बाईं ओर करवट लेटने से धीरे-धीरे लसिका तंत्र द्वारा निकल जाते हैं। दरअसल बाईं ओर सोने से हमारे लीवर पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं पड़ता, इसलिए यह टॉक्सिन शरीर से बाह निकलने में सफल हो जाते हैं।

पेट फूलना, गैसे आदि की समस्या से राहत
बाएं ओर करवट लेटने से पेट के फूलने की परेशानी, पेट में गैस होने की परेशानी या फिर एसिडिटी बनने की परेशानी, आदि सभी बाईं ओर करवट लेकर सोने से हल हो जाती हैं।

भोजन पचाने में मिलती है राहत
अगर आप अपना खाना हजम करना चाहते हैं तो बाएं ओर करवट लेटना काफी प्रभाकारी होगा। इस तरह की पोजिशन में लेटने से हाजमे के सिस्टम पर कोई दबाव नहीं पड़ता और वह अपना काम आसानी से कर लेता है।

लीवर और किडनियों के लिये फायदेमंद
हमारे शरीर से गंदगी निकालने का सबसे ज्यादा कार्य लीवर और किडनियों का ही है। इसलिये सोते समय इन पर ज्यादा प्रेशर नहीं डालना चाहिये।

बदहजमी दूर करे
जिन लोगों का हाज्मा गड़बड़ रहता है और बदहजमी की शिकायत रहती है, उन्हें डाक्टर बायीं करवट लेटने की सलाह देते हैं।

पेट होगा आराम से साफ
इस पोजिशन में लेटने से ग्रेविटी भोजन को छोटी आंत से बड़ी आंत तक आराम से पहुंचाने में मदद करती है। इसी वजह से सुबह आपका पेट आराम से खाली हो जाता है।

हार्ट रहे स्वस्थ
जो लोग रात मे गलत पोजिशन में सोते हैं उनके हार्ट पर जोर ज्यादा पड़ता है। रात में सोने की सही पोजिशन बाएं है। इससे दिन पर जोर कम पड़ता है और दिल तक खून की सप्पलाई काफी अच्छी मात्रा मे होती है। अब अगर दिल स्वस्थ रहेगा तो खून व आक्सीजन की सप्लाई आसानी से शरीर और दिमाग तक भी पहुंचेगा।

एसिडिटी से राहत
अगर रोज सुबह उठने के बाद आपको एसिडिटी बनती है तो समझ जाएं कि आप गलत पोजिशन में सोए थे। लेकिन अगर आप बाएं ओर करवट कर के लेटेंगे तो जो पेट का एसिड होगा, वह ऊपर की जगह नीचे की ओर ही जाएगा, जिससे एसिडिटी और सीने की जलन नहीं होगी।

बैक पेन से आराम
माना जाता है कि जो लाग बाएं ओर करवट कर के लेटते हैं, उनकी रीढ़ पर बिल्कुल भी जोर नही पड़ता और बैक पेन से राहत भी मिलती है। साथ ही ऐसा करने से बढियां और गहरी नींद भी आती है।

प्रेगनेंसी के लक्षण से राहत
प्रेगनेसी में बाएं ओर करवट करने से उस दौरान जो भी लक्षण होते हैं, उससे आराम मिल जाता है। जैसे पीठदर्द या मासपेशियो का दर्द आदि। ऐसा इसलिये क्योकि यह पोजिशन बैक और लीवर से प्रेशर कम कर देती है और किडनियों तथा शिशु तक ब्लड फ्लो को बढ़ाती है।



Click it and Unblock the Notifications