Latest Updates
-
50+ Father's Day 2026 Wishes: जिसके सिर पर पिता का हाथ...फादर्स डे पर पापा को भेजें ये दिल छू लेने वाले मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 21 June 2026: रविवार को इन 5 राशियों पर होगी धन वर्षा, सूर्य देव बदलेंगे आपका भाग्य -
Fried Onion Special Egg Do Pyaza Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा लाजवाब स्वाद -
International Yoga Day 2026 Quotes: योग दिवस पर इन 30+ कोट्स के जरिए प्रियजनों को दें स्वस्थ रहने का संदेश -
Tandoor Style at Home Paneer Tikka Recipe: अब घर पर पाएं होटल जैसा स्मोकी स्वाद -
Yoga Day 2026 Wishes In Sanskrit: नित्यं योगाभ्यासः...इन संस्कृत संदेशों से अपनों को दें योग दिवस की बधाई -
Father's Day 2026: किसी ने छोड़ी स्मोकिंग, तो कोई निभाता है नैपी ड्यूटी, ये हैं बॉलीवुड के Super Dads -
Simple Aromatic Peas Pulao Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा खिला-खिला मटर पुलाव -
International Yoga Day 2026: रोजाना योग करने से मिलेंगे ये 10 जबरदस्त फायदे, तन और मन रहेगा स्वस्थ -
Jamai Sasthi 2026: दामाद की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत, जानें जमाई षष्ठी का महत्व और मनाने का तरीका
विश्व कुष्ठ निवारण दिवस पर जानें इसके 7 लक्षण
हर साल 23 जनवरी को पूरे विश्व में कुष्ठ निवारण दिवस मनाया जाता है। कुष्ठ रोग या कोढ़ को पुराने जमाने से ही छुआ छूत का रोग माना जाता था।
हर साल 23 जनवरी को पूरे विश्व में कुष्ठ निवारण दिवस मनाया जाता है। कुष्ठ रोग या कोढ़ को पुराने जमाने से ही छुआ छूत का रोग माना जाता था इसलिये आज के दिवस को मनाने का सबसे बड़ा कारण है लोंगो के प्रति जागरूकता फैलाना।
यह न तो वंशागत है और न ही दैवीय प्रकोप बल्कि यह एक रोगाणु से होता है। साथ ही ना तो यह रोग छूने से फैलता है। आइये आज विश्व कुष्ठ निवारण दिवस पर हम जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर कुष्ठ रोग के लक्षण क्या होते हैं।

भौंहें गायब होना
सबसे पहला लक्षण जो देखने को मिलता है वह है कि रोगी की 1/3 तक भौंहें गायब होना शुरु हो जाती हैं।

घावों से हमेशा मवाद बहना
घावों से हमेशा मवाद का बहना। घाव का ठीक ना हो पाना। खून का घावों पर से निकलते रहना

त्वचा पर दाग
त्वचा पर एक रंगहीन दाग जो थोड़ा या पूरी तरह स्पर्शहीन हो या उस दाग पर किसी चुभन का अनुभव नहीं होना।

उंगलियां और अंगूठे सुन्न हो जाना
नसों के संक्रमण की वजह से उंगलियों और अंगूठों में सुन्नपन आ जाना। बाद में इनमें स्पर्श महसूस ना होना।

हाथ पैर कमजोर होना
नसों की खराबी की वजह से हाथों और पैरों में ताकत ना रहना, जिस वजह से कोई भी चीज़ आसानी से पकड़ने की शक्ती खतम हो जाना।

आंखे ना झपका पाना
आंखों की पलको को झपकाने में दिक्कत होना। ऐसा इसलिये क्योंकि वाइरस का अटैक नसों पर हो चुका होता है और नसें कमजोर हो चुकी होती हैं।

श्वसन संक्रमण
कुछ मामलों में, यहां तक कि श्वसन संक्रमण की वजह से नाक की श्लैष्मिक परत को नुकसान पहुंच सकता है।



Click it and Unblock the Notifications