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सेब का छिलका क्या सेहत के लिए फायदेमंद होता है या नहीं?
कहते हैं कि जो लोग सेब खाते हैं उन्हें कभी डॉक्टर की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि सेब को खाने का सही तरीका क्या है।
कुछ लोग इसके छिलके को उतारकर खाते हैं तो कुछ छिलके समेत। कई लोग फलों पर कीटाणुनाशकों और फलों पर उपयोग किए जाने वाले वैक्स की वजह से सेब का छिलका उतारकर खाना पसंद करते हैं।

आज इस पोस्ट के ज़रिए हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि सेब को छिलके के साथ खाना ज्यादा बेहतर होता है या बिना छिलके के।
सेब में विटामिंस और मिनरल्स जैसे कि विटामिन सी, पोटाशियम, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट्स और अन्य प्लांट यौगिक जैसे क्यूरसेटिन, कैटेचिन और क्लोरोजेनिक एसिड मौजूद होते हैं। एक मध्यम आकार के सेब में 95 कैलोरी होती है।
सेब में पॉलीफेनॉल्स होते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट सेब की स्किन और अंदर दोनों में ही पाए जाते हैं।
ऐसे कई लोग हैं जो सेब का छिलका उतारकर खाना पसंद करते हैं लेकिन आपको बता दें कि छिलका उतारने से आप कई सारे पोषक तत्वों को भी निकाल देते हैं। सेब के छिलके ना निकालने के कुछ कारण इस प्रकार हैं :
छिलके में फाइबर होता है
एक मध्यम आकार के सेब में 4.4 ग्राम फाइबर होता है। सेब के छिलके में घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही तरह के फाइबर होते हैं लेकिन इसमें 77 प्रतिशत अघुलनशील फाइबर होता है। ये फाइबर पानी के साथ बाध्यकारी और पाचन अपशिष्ट को बड़ी आंत के माध्यम से निकालता है जिससे कब्ज नहीं होती है। वहीं दूसरी ओर, घुलनशील फाइबर से पेट भरा हुआ महसूस करता है और ब्लड शुगर नहीं बढ़ता है और पोषक तत्व आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद करता है।
छिलके में भरपूर होते हैं विटामिंस
सेब के छिलके में 8.4 मिलीग्राम विटामिन सी और 98 आईसू विटामिन ए होता है। छिलका हटाने से 6.4 मिलीग्राम विटामिन सी और 61 आईयू विटामिन ए खत्म हो जाता है।
क्या आप जानते हैं कि आधे सेब के छिलके में ही सबसे ज्यादा विटामिन सी होता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप छिलके के साथ ही सेब का सेवन करें।
छिलका कैंसर से बचाता है
कोरनेल यूनिवर्सिटी ने 2007 में अपनी एक स्टडी में खुलासा किया था कि सेब के छिलके में ट्राइटेरपेनॉएड्स मौजूद होते हैं। ये यौगिक कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं को खत्म कर देते हैं और खासतौर पर कोलोन, ब्रेस्ट और लिवर कैंसर की कोशिकाओं को।
सांस संबंधित परेशानियां करे दूर
क्यूरसेटिन एक ऐसा फ्लेवेनॉएड है जोकि सेब के गूदे से ज्यादा इसके छिलके में पाया जाता है। एक स्टडी में पाया गया है कि जो लोग हर सप्ताह पांच से ज्यादा सेब खाते हैं उनके फेफड़े क्यूरसेटिन की वजह से बेहतर काम कर पाते हैं। ये अस्थमा का खतरा भी घटा देता है। साल 2004 में हुई एक स्टडी के मुताबिक क्यूरसेटिन मस्तिष्ट में मौजूद अल्जाइमर रोग से जुड़े टिश्यूज़ से लड़ता है और साथ ही अन्य दिमागी रोगों से भी बचाता है।
वजन कम करने में मदद करता है
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। सेब के छिलके में उरसोलिक एसिड होता है जोकि ओबेसिटी से लड़ने में फायदेमंद यौगिक माना जाता है। उरसोलिक एसिड से मसल फैट बढ़ता है जिससे कैलोरी बर्न होती है और ओबेसिटी का खतरा कम हो जाता है।
सेब के छिलके के अन्य पोषक फायदे
इलिनोएस यूनिवर्सिटी के अनुसार सेब के छिलके में महत्वपूर्ण मिनरल्स जैसे पोटाशियम, कैल्शियम, फोलेट, आयरन और फास्फोरस होता है। ये मिनरल्स हमारे शरीर में अलग-अलग कार्य करते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ कोशिकाओं के विकास को नियंत्रित करने और स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करते हैं।
सेब के छिलके कैसे खाएं
कई सेबों में कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है। खाने से पहले सेब को अच्छी तरह से धो लें ताकि उस पर पेस्टिसाइड और वैक्स हट जाए। अगर आपको सेब का छिलका पसंद नहीं है तो इसे बेक करके खाएं। इससे सेब का छिलका नरम हो जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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