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क्या आपको भी लंच के बाद आती है ज़बर्दस्त नींद, तो पढ़े फूड कोमा के बारे में

अधिकतर लोग खाना खाने के बाद नींद या आलस आने की शिकायत करते हैं। पेटभर या मनपसंद खाना खाने के बाद इंसान फूड कोमा में जा सकता है। मेडिकल भाषा में इसे पोस्टप्रेंडिअल सोम्नोलेंस कहा जाता है। तो चलिए जानते हैं इस फूड कोमा और इसके कारणों के बारे में।

क्या है फूड कोमा
फूड कोमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेटभर खाना खाने के बाद बहुत ज़्यादा थकान या आलस महसूस होने लगता है। इसमें भोजन के कई घंटों बाद तक ऐसा महसूस होता है।
ज़्यादा खाना खाने के बाद सोने का मन करता है या फिर दोपहर को आराम करने का मन करता है। हम में से हर कोई कभी ना कभी इस परिस्थिति से गुज़रा होगा लेकिन हम में से बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि इसे फूड कोमा कहा जाता है।
फूड कोमा के क्या है कारण
फूड कोमा को लेकर कई अलग-अलग तरह की थ्योरी बताई जाती है। इनमें से कुछ लोकप्रिय इस प्रकार हैं:
ट्रिप्टोफैनयुक्त फूड
कई विशेषज्ञों का कहना है कि खाने के बाद नींद आने की वजह एल ट्रिप्टोफैन का उच्च स्तर है। ये एक अमीनो एसिड होता है जो कुछ डेयरी और मांस उत्पादों में पाया जाता है। जब कार्बोहाइड्रेट्स जैसे कि चावल या आलू का अमीनो एसिड के साथ सेवन करते हैं तो इससे सेरोटोनिन का उत्पादन बढ़ जाता है।
सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमिटर है और जब ये रिलीज़ होता है तो व्यक्ति ज़्यादा रिलैक्स और आलस महसूस करने लगता है। सेरोटोनिन का उत्पादन अमीनो एसिड ट्रिप्टोफैन से होता है और ये मेलाटोनिन में बदल जाता है। ये हार्मोन शरीर को सोने के लिए तैयार करता है।
वसायुक्त ज़्यादा भोजन करना
शोधकर्ताओं की मानें तो ज़्यादा फैट और कम कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने की वजह से भी भोजन के बाद नींद आने लगती है। उनकी मानें तो फैटयुक्त भोजन करने के बाद दिमाग के निंद्रा केंद्र को कुछ ऐसे संकेत मिलते हैं कि व्यक्ति को नींद आने लगती है। ये संकेत भूख के संकेतों को कम कर दिमाग में नींद के संकेतों को बढ़ा देते हैं।
दिमाग की जगह रक्तस्राव पाचन तंत्र में होने लगता है
सेहत विशेषज्ञों का कहना है कि फूड कोमा का कारण दिमाग से हटकर रक्त प्रवाह का पाचन अंगों में होना भी है।
खाते समय पैरासिंपथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है। ज़्यादा या पेटभर खाने के बाद ये पैरासिंपथेटिक नर्वस सिस्टम को ट्रिगर करता है। परिणामस्वरूप, रक्तप्रवाह मस्तिष्क की ओर ज़्यादा होने की बजाय पाचन अंगों की तरफ होने लगता है।
पीएनएस शरीर में और भी कुछ कार्यों को नियंत्रित करता है जैसे कि हार्ट रेट को धीमा करना और पाचन और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना आदि।
फूड कोमा से बचने के उपाय
अगर आपको खाना खाने के बाद अच्छा नहीं लग रहा या जी मितली हो रहा है तो पेट को ठीक रखने के लिए पुदीने की हर्बल टी पी लीजिए।
फूड कोमा से निपटने का एक और तरीका है और वो है अपने खाने को संतुलित करना है। आपकी प्लेट में समान मात्रा में सब्जियां, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट्स होने चाहिए। पाचन के लिए ज़रूरी फाइबर एवं हरी पत्तेदार सब्जियों को भी शामिल करें।
कम खाना खाएं जो आपको लंच के बाद आलस से दूर रखने में मदद करे। ऑफिस में तो भरपेट खाना बिल्कुल ना खाएं। अपने खाने के पोर्शन साइज़ को कंट्रोल में रखें।
ठोस आहार के बाद एक्टिव रहने या वॉक पर जाने से रक्तप्रवाह बढ़ जाता है और मांसपेशियां सक्रिया रहती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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