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जरूरत के मुताबिक ऐसे चुने सही वर्कआउट
स्वस्थ तन और मन की जरूरत है निरंतर एक्सरसाइज और बैलेंस्ड डाइट। यह लाइन हमने बहुत बार अखबारों, मैगजीन में पढ़ी तो न्यूज चैनल व रेडियो पर सुनी भी है। इतना ही नहीं अब तो लोगों की डिमांड व जरूरत के हिसाब से भी एक्सरसाइज को मॉडिफाइड करने के साथ ही उनमें नए-नए प्रयोग भी किए जा रहें है। ताकि सभी को अपनी जरूरत के हिसाब से वर्कआउट मिल सके।
अब एक्सरसाइज सिर्फ जिम में वेट उठाना या ट्रेड मिल करने तक ही सीमित नहीं रहा है। इन दिनों तो कार्डियो, वजन वेट लिफटिंग व पिलाटे जैसी एक्सरसाइजेज आ चुकी है। लेकिन इन सभी के बीच अभी भी एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है, कि आखिर कौनसी एक्सरसाइज कब और किसके लिए फायदेमंद है? कैसे कोई अपनी जरूरत के हिसाब से किसी एक एक्सरसाइज को फॉलो करें? क्योंकि हर प्रकार का व्यायाम एक ही परिणाम नहीं देता है। सभी एक्सरसाइज का अलग-अलग काम होता है, हर व्यायम का एक अलग उद्देश्य होता है।

जैसे कि मान लिजिए कि वॉक करने से आपकी पीठ मजबूत नहीं होगी, लेकिन यह आपके दिल और जलने वाली कैलोरी के लिए अच्छा होगा। तो आप कैसे तय करें कि कौनसी कसरत को लाइफस्टाल में शामिल करें?
तय करे लक्ष्य
देखा जाए तो व्यायाम सिर्फ वजन घटाने के लिए नहीं होता है। वजन कम करने के लिए 80 प्रतिशत तो आपको अपनी डाइट में चेंज करना पड़ता है तो केवल 20 प्रतिशत व्यायाम होता है। इसलिए पहले आप व्यायाम करना शुरू करें तो, आपको पता होना चाहिए कि आप कौनसी एक्सरसाइज कर रहे हैं और आपका लक्ष्य क्या है। क्या यह पीठ दर्द है जिसे आप कम करना चाहते हैं? या दिल की बीमारी का खतरा बढ़ रहा है जिसे आप दूर करना चाहते है? अपना लक्ष्य निर्धारित करना पहला कदम है क्योंकि यह आपकी कसरत के दिनचर्या को तय करता है।
यह आपको निर्धारित करना होगा कि आप कार्डियो, योग या पिलाटे इत्यादि में से क्या करना चाहते है। यदि आप अभ्यास के लिए किसी भी एक्सरसाइज से शुरू कर रहें है तो असल में आप समय बर्बाद कर रहे हैं। हर एक एक्सरसाइज का अपना एक खास लाभ होता है साथ ही साथ यह एक निश्चित समय अवधि के लिए किया जाना चाहिए।
1. कार्डियो
कार्डियो दिल को स्वस्थ रखने के लिए है, साथ ही इससे कैलोरीज भी बर्न होती है। एक स्वस्थ और मजबूत दिल के लिए, डॉक्टर प्रति सप्ताह कम से कम पांच बार कम से कम 45 मिनट या मध्यम एरोबिक गतिविधि के 30 मिनट के लिए चलने की सलाह देते हैं। कार्डियो के जरिए दिल प्रॉपर काम करता है और तेजी से धकड़ता है। इसी वजह से आपके दिल की अच्छी खासी एक्सरसाइज हो जाती है। यदि आप वजन कम करने की सोच रहे हैं तो कार्डियो से शुरू कर सकते है, क्योंकि इससे वर्कआउट्स के लिए आप वॉर्मअप हो जाते है। उदाहरण के तौर पर औसतन आप जिम में एक घंटे में 300 कैलोरी जलाते हैं। जबकि आप केवल आधे बर्गर या समोसा खाने से इतनी ही कैलोरी की मात्रा का उपभोग फिर कर लेते है। यही तो वजह है कि जिम जाने के बाद भी वजन कम नहीं हो रहा हैं।
2. वेट ट्रेनिंग
शरीर को मजबूत बनाने के लिए ही होती है वेट ट्रेनिंग। आपके वर्कआउट की दिनचर्या में वेट ट्रेनिंग जोड़ने से मांसपेशिया व हड्डियां मजबूत होती है, जिसके चलते चोट का खतरा कम हो जाता है। साथ ही साथ वेट ट्रेनिंग का मतलब यह नहीं है कि आप शरीर को बल्कि बना लें, मसल्स बनाने के लिए पूरा वक्त लगता है इसके लिए एक्सरसाइज के साथ प्रॉपर स्पलीमेंट्स भी लेने पड़ते है। वेट ट्रेनिंग के साथ हैल्दी डाइट लेने से आप खुद को फिट रख सकते है।
3. HIIT (हाई इंटेनसिटी इंटरवेल ट्रेनिंग)
देखा जाए तो HIIT हाई इंटेनसिटी इंटरवेल ट्रेनिंग कार्डियों का ही एक रूप है। यह एक तकनीक है जिसके तहत आप तेज गती वाले अभ्यास करने के बाद कम टाइम के लिए आराम करते हैं और इसी क्रम को बदलते रहते हैं। HIIT से आप में धैर्य आने के साथ ही आपकी सहनशक्ति भी बढ़ती है। इतना ही नहीं कुछेक अध्ययनों की मानें तो यह कैलोरी कम करने का एक बेहतर और तेज तरीका है। देखा जाए तो ये अभ्यास विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं, उदाहरण के तौर पर, शरीर के निचले हिस्से के फैट को कम करने के लिए, जहां आप 30 सेकंड के लिए स्प्रिंट (कम दूरी की तेज दौड़) करते हैं, 45 सेकंड के लिए स्क्वाट (उकड़ू बैठकर कूदना) कूदते है, 20 फेफड़े (जिम में की जाने वाली एक्सरसाइज), 50 काल्फ रेज ( जिम में की जाने वाली एक्सरसाइज), एक मिनट के लिए आराम करते हैं और दोहराते हैं।
4. योग
इन दिनों ट्रेंड में छाए योग में ध्यान, श्वास अभ्यास, साथ ही भौतिक आसन भी शामिल हैं।
तो यदि आप योग के भौतिक रूप के बारे में बात करते हैं, जिसमें पावर योग जैसी नई तकनीक शामिल हैं, तो इसका उद्देश्य आपके पूरे शरीर को फिट और मजबूत रखना है। योग मुद्राएं आपके जोड़ों, पीठ, गर्दन, सभी को अच्छे आकार में रखती हैं। योग भी शरीर की आंतरिक समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है, जैसे रोग प्रतिरोग क्षमता को बढ़ाना, प्रजनन में सहायता, और तमाम बीमारियों को दूर रखना। माना कि आप योग से वजन कम कर रहें, लेकिन इसका लक्ष्य सिर्फ वजन कम करना ही नहीं, बल्कि पूर्ण आंतरिक स्वास्थ पर ध्यान देना है।
5.पिलाटे
पिलाटे से आपको मजबूत बेस मिलता है। कहने का मतलब है कि यह मांसपेशियों की ताकत और आपकी मुख्य मांसपेशियों को टोन करता है। साथ ही साथ यह शरीर में लचीलापन लाने का साथ ही शरीर के नियंत्रण को भी बनाए रखता है। देखा जाए तो पिलाटे एक्सरसाइज के कुछ हिस्से योग मुद्रा के समान हैं। जबकि पिलाटे विशिष्ट मशीनों के जरिए किया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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