जेब या पॉकेट में कॉन्‍डम रखते हैं तो आज ही बंद कर दें

कई बार लड़के अपनी जेब या पर्स में ही कॉन्‍डम स्‍टोर करके रखते हैं ताकि अचानक ज़रूरत पड़ने पर उन्‍हें भागना ना पड़े। हालांकि, क्‍या आप जानते हैं कि इस तरह पर्स और जेब में कॉन्‍डम स्‍टोर करके रखना सुरक्षित होता भी है या नहीं है?

शोधकर्ताओं की मानें तो ये बात साबित हो चुकी है कि जेब या पर्स में कॉन्‍डम रखना किसी बिना प्रयोग की गयी कॉन्‍डम के बराबर ही है। आप भले ही सुरक्षा के लिहाज़ से इमरजेंसी के लिए कॉन्‍डम साथ रखते हों लेकिन जेब या पर्स में रखकर आप इसके असर को अनजाने में ही कम कर देते हैं।

condoms in pockets and purse

इन जगहों पर कॉन्‍डम स्‍टोर करके रखने से कई कारणों की वजह से कॉन्‍डम डैमेज हो सकती है। टूटी हुई कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करने से एसटीआई का खतरा बढ़ जाता है और इसे पॉकेट में रखने से कीटाणु भी फैलने का खतरा ज़्यादा रहता है।

शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है कि गर्मी, मॉइश्‍चर, फ्रिक्‍शन और लाइट के प्रभाव से कॉन्‍डम की क्‍वालिटी पर असर पड़ता है और ये इस्‍तेमाल के काबिल नहीं रहती है। पर्स और जेब जैसी जगहें कॉन्‍डम रखने के लिए बहुत गर्म मानी जाती हैं और इस तरह तापमान बढ़ने से लैटेक्‍स पर असर पड़ता है और ये कॉन्‍डम को कम प्रभावी बनाता है और इसके फटने का भी खतरा रहता है। आपको इसे ठंडी जगहों पर स्‍टोर करके रखना चाहिए।

तो अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो जेब में कॉन्‍डम लेकर चलते हैं तो आज ही ये काम करना बंद कर दें और इन्‍हें किसी ठंडी जगह पर रखना शुरु करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, September 8, 2018, 9:30 [IST]
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