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दर्द से छुटकारा पाने के चक्कर में पेनकिलर दे सकता है ये बीमारियां..

लगभग हर केमिकल मिश्रित दवाई शरीर के लिए नुकसानकारी है। यदि इससे कोई बीमारी होती है तो ये उस पूरे हिस्से हो ही खराब कर सकती हैं। इसलिए बहुत से लोग देर सवेर इन अंग्रेजी दवाइयों की बजाय होम्योपैथी दवाइयों का सेवन करते हैं या कोई थैरेपी लेते हैं।
यदि पेन किलर्स की बात करें तो ये भी शरीर के अंदर विपरीत प्रभाव डालते हैं। यदि कोई व्यक्ति डाइबिटीज़, हायपर-टेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल या किडनी की बीमारी से ग्रसित है तो ये पेन किलर्स विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं।
कुछ लोग तो सिरदर्द या बदन दर्द से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर से पूछें बिना ही पेनकिलर ले लेते हैं। उस समय तो आपको शरीर या सिर दर्द से आराम मिल जाता है लेकिन बाद में यही पेनकिलर आपकी बड़ी बीमारियों का कारण बनती हैं। कुछ लोग तो मामूली सा दर्द होने पर भी पेनकिलर लेना शुरू कर देते है, जो बाद में उनकी आदत बन जाती है। गलत मात्रा और रूटीन में इन दर्दनिवारक दवाइयों का सेवन आपके लिए खतरनाक हो सकता है। गलत तरीके और समय पर पेनकिलर का सेवन करने से आपको कई साइड इफेक्ट भी हो सकते है। इसलिए हमेशा डॉक्टर से पूछकर ही इस तरह की दवाइयों का सेवन करें।

अस्थमा
कई पेनकिलर ऐसी भी होती है सांस से संबंधित रोग उत्पन्न कर सकती है। इसके अधिक प्रयोग से व्यक्ति अस्थमा का शिकार भी हो जाता है। इन्हें नियमित रुप से लेने से फेफड़ों में ऐठन पैदा हो सकती है।

पेट में हो सकता है घाव
पेन किलर ज्यादा लेने से पेट में गैस की समस्या रहना आम हो जाता है। सीने में जलन, पेट दर्द, खट्टी डकारें और उलटी आने की समस्याएं होने लगती हैं। इसके बाद धीरे धीरे पेट में सूजन आ जाती है और उसमें घाव बनने लगते हैं। यह परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि इन घावों में खून भी बहने लगता है।

हार्ट डिजीज
लंबे समय तक किसी भी पेनकिलर का सेवन किडनी फेल, लीवर के खराब होने या मानसिक बीमारियों का कारण बन सकता हैं। पेन किलर खून को दूषित करता है जिससे हार्ट अटैक,हार्ट-फैलियर जैसी समस्याए होने लगती है।

लिवर में सूजन
पेन किलर्स लिवर पर भी असर करती हैं, जो लोग अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं उन्हें लिवर के सेल्स टूटने की दिक्कत हो जाती है। इसका सबसे बड़ा लक्षण है भूख कम लगना।
न किलर्स हमारी किडनी पर भी अटैक करती हैं। इसके अधिक प्रयोग के कारण किडनी खराब होने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। पेन किलर्स धीरे-धीरे किडनी के सेल्स को डैमेज कर देती हैं, जिस कारण वो ठीक से काम नहीं कर पाती हैं।

ब्लड क्लॉट और ब्लीडिंग हो सकती है
अक्सर एक पेनकिलर से दर्द गायब न होने लोग कुछ समय बाद ही दूसरी पेनकिलर ले लेते है, जोकि शरीर को अंदर के हार्म करती है। एक शोध के अनुसार एक से अधिक पेनकिलर का सेवन साइड इफेक्ट के खतरे को बढ़ा देते हैं। किसी भी पेनकिलर मेडिसन का असर होने में कम से कम 30 मिनट लगते है। ऐसे में बेसब्र होकर पेनकिलर की ओवरडोज लेने से आपको ब्लीडिंग, किडनी फेलियर, हार्ट अटैक, ब्लड क्लॉटिंग जैसे बीमारियों का खतरा हो सकता है।

गैस्ट्रिक या एसिडिटी
बहुत से लोग दर्द बर्दाश्त न कर पाने के कारण खाली पेट ही पेनकिलर ले लेते हैं लेकिन इससे आपको गैस्ट्रिक या एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इससे आपकी तबीयत भी बिगड़ सकती है। इसलिए पेनकिलर लेने से पहले कुछ न कुछ जरूर खाएं।

ब्लड डिस्क्रैसिया
पेन किलर ज़्यादा लेने से खून की रासायनिक संरचना बदलने लगती है और इसे ब्लड डिस्क्रैसिया कहते हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जो अपने साथ ढेरों बीमारियां ले आती है, क्योंकि शरीर में खून का प्रवाह एवं उसका साफ होना बहुत जरूरी है। यदि इस बीमारी का असर गलती से भी गहरा हो जाए, तो रोगी की जान भी ले सकता है।

लिवर में सूजन
पेन किलर्स लिवर पर भी असर करती हैं, जो लोग अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं उन्हें लिवर के सेल्स टूटने की दिक्कत हो जाती है। इसका सबसे बड़ा लक्षण है भूख कम लगना।
न किलर्स हमारी किडनी पर भी अटैक करती हैं। इसके अधिक प्रयोग के कारण किडनी खराब होने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। पेन किलर्स धीरे-धीरे किडनी के सेल्स को डैमेज कर देती हैं, जिस कारण वो ठीक से काम नहीं कर पाती हैं।

गर्भपात
प्रेग्नेंट महिलाओं को पेन किलर दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। इस अवस्था में दवाओं का ज्यादा सेवन करने से कई बार गर्भपात भी हो सकता हैं। गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह से ही दवाए लेनी चाहिए।

ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है..
बार-बार दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने से व्यक्ति को इनकी लत लग जाती है। इन दवाओं को लगातार खाने से खून पतला पड़ जाता है, जिससे खून जमने लगता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा बना रहता है।

ड्रग एडिक्शन
ड्रग एडिक्शन पूरी दुनिया का एक गंभीर समस्या बन चुका है, लेकिन पेनकिलर अमेरिका में पेन किलर के गलत इस्तेमाल की स्थिति चौंकाने वाली है, ख़ासतौर पर किशोरों में। प्रेसक्रिप्शन मेडिकेशन की लत आपको मौत तक ले जा सकती है। इन दवाईयों के आदी हो जाने से कोई इसकी लत छुड़ाना नामुश्किल है।



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