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यूरिन इन्फेक्शन से बचने के कुछ आसान उपाय
जिस तरह ठहरे हुए पानी में बैक्टीरिया पैदा होने लगता है, उसी तरह से जब पेशाब लगने पर उसे रोक लिया जाए, तो मूत्राशय में भी बैक्टीरिया पनपने और संख्या में बढ़ने लगते हें, जिससे यह स्थति पैदा हो जाती है। यूटीआई का खतरा लड़को की बजाए लड़कियों में ज्यादा देखने को मिलता है।
यूटीआई के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं : मूत्र में जलन, गुप्तांगों में खुजली, बार-बार मूत्र त्यागना, थोडा-थोडा यूरिन डिस्चार्ज होना और इस दौरान दर्द महसूस होना आदि। तुरंत उपचार न किया जाए तो जलन बहुत कष्टकारी होती जाती है।

1. पेशाब आने पर रोके नहीं
कभी भी तेज आई पेशाब को रोके नहीं, जब भी पेशाब लगे तुरंत जाएं वरना यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाएगा।

2. ढेर सारा पानी पिएं
इस बीमारी से बचने के लिये खूब ज्यादा पानी पिएं। हर एक घंटे में पेशाब लगनी जरुरी होती है इसलिये आपको लगभग 8-10 ग्लास पानी तो रोज पीना चाहिये।

3. संभोग के बाद हमेशा पेशाब करें
संभोग के बाद हमेशा पेशाब करें और योनि को साफ करें। इससे ट्रैक में अगर कोई बैक्टीरिया होगा भी, तो वह साफ जो जाएगा। शारीरिक संबन्ध बनाने के बाद ज्यादातर महिलाओं को मूत्र मार्ग में संक्रमण की शिकायत हो जाती है, जो कि खुद उनके ही पार्टनर दृारा ट्रांसमिट होती है। पुरुषों में शुक्राणु (वीर्य) और मूत्र एक ही मार्ग के माध्यम दृारा निकलते हैं, जिससे मूत्र संक्रमण सेक्स दृारा आसानी से महिला साथी के जननांग में चला जाता है।

4. पबलिक टॉयलेट का यूज़ कम से कम करें
जितना हो सके पब्लिक कमोड का प्रयोग न करें तो बेहतर होगा। या फिर अच्छा होगा कि सबसे पहले फ्लश चला लें और फिर उसके दो मिनट बाद ही बैठें। वरना संक्रमण होने का खतरा दोगुना बढ़ जाता है। अपना टॉयलेट हमेशा साफ रखें। यह पूरी तरह से संक्रमण से भरे हुए होते हैं। पबलिक टॉयलेट में जहां बैक्टीरिया अपना घर बनाते हैं वह हैं, टॉयलेट सीट, फ्लश लीवर, नल आदि... टॉयलेट का प्रयोग करने के बाद तुरंत ही अपने हाथों को साबुन से धोना चाहिये।

5. कॉटन की ही अंडरवियर पहने
यूटीआई फैलाने वाले बैक्टीरिया हमेशा गर्म और गीले स्थान पर ही फैलते हैं। वो अंडरवेयर जो सिंथेटिक की बनी हुई होती है वह गुप्तांगो तक हवा को पास होने से रोकती है। हमेशा कॉटन फैब्रिक से ही बनी अंडरवेयर पहने, जिससे त्वचा हमेशा ड्राय बनी रहे औ बैक्टीरियल फॉर्मेशन न हो। रोज नहाना और पर्सनल हाइजीन रखने से आप इस बीमारी से दूर रहेंगी। अपनी अंडरवेयर को दिन में कम से कम 1 बार जरुर चेंज करें। और कभी भी टाइट अंडरवेयर ना पहने।

6. पाइनएप्पल खाइये
ताजे पाइनएप्पल में एक खास एंजाइम होते हैं जो यूटीआई के लिये एक उपचार हैं। इसे ठीक करने के लिये आपको एक कटोरा पाइनएप्पल भर कर खाना होगा। इसे दिन में दो बार खाएं, आपका संक्रमण ठीक हो जाएगा।

7. साफ सफाई का ध्यान रखें
दिन में कम से कम एक बार अपने प्राइवेट पार्ट को माइल्ड सोप से धोएं। कई महिलाओं को सोप सूट नहीं करता है। लेकिन अगर आप केवल पानी से ही अपने गुप्तअंगो की सफाई कर लेती हैं तो वह भी काफी माना जाता है। इससे बैक्टीरिया का सफाया होता है।

8. नियमित योग करें
सप्ताह में 5 दिन कम-से-कम 30 मिनट का व्यायाम हर दिन करें। इसमें कोई भी एरोबिक व्यायाम जैसे पैदल चलना, दौड़ना आदि हो सकता है। पेल्विक क्षेत्र की माँसपेशियों को राहत देने के लिए कीगल एक्सरसाइज कर सकती हैं। यूटीआई को नियंत्रित करने में योग आसन लाभकारी होते हैं, क्योंकि ये पेल्विक क्षेत्र की माँसपेशियों को मजबूत करते हैं और मूत्र को ना रोक सकने की समस्या को कम करते हैं।

9. क्या ना करें
आपको जितना हो सके उतना चॉकलेट, कैफीन और कार्ब का सेवन करने से बचें। यह 3 चीजें आपके मूत्राशय की लाइनिंग को नुकसान पहुंचा सकती हैं और बैक्टीरिया के लिये आराम से घर बना सकती हैं।



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