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स्तन कैंसर से कैसे बचाता है विटामिन डी?
ब्रेस्ट कैंसर में विटामिन डी महत्वूपर्ण भूमिका निभाता है। सूर्य से मिलने वाला विटामिन ब्रेस्ट कैंसर के मरीज़ों में अहम भूमिका निभाता है। जो महिलाएं विटामिन डी कम लेती हैं उनमें बाकी कैंसर की तुलना में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है।
ये माइक्रोन्यूट्रिएंट शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में अहम भूमिका निभाता है और ये हड्डियों की सेहत के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। आहार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी ना लें तो इसस सेहत को नुकसान हो सकता है।

विटामिन डी की कमी से ये बीमारियां भी हो सकती हैं :
- डायबिटीज़
- कमजोर मांसपेशियां
- हाई ब्लड प्रेशर
- मल्टीपल स्केरोसिस
रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जिन महिलाओं के रक्त में विटामिन डी का स्तर ज्यादा होता है उनमें रक्त में विटामिन डी का स्तर कम होने वाली महिलाओं की तुलना में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम रहता है।
इसके अलावा दूसरी रिसर्च में 1666 महिलाओं को शामिल किया गया जिन्हें पहले से ही ब्रेस्ट कैंसर था। स्टडी में खुलासा हुआ कि जिन महिलाओं में विटामिन डी का स्तर ज्यादा था उनमें विटामिन की कमी वाली महिलाओं की तुलना में जल्दी रिकवरी की संभावना थी।
विटामिन डी की कमी का पता कैसे लगाएं
विटामिन डी की कमी का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है कि अपनी त्वचा का रंग और बॉडी मास इंडेक्स चैक करना। अगर आपकी त्वचा का रंग गहरा है और इसमें मेलानिन पिगमेंट ज्यादा है तो ये आपकी त्वचा को सूर्य से यूवी रेडिएशन लेने नहीं देता है। अगर आपका बीएमआई ज्यादा है तो ये भी विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है।
कैसे बढ़ा सकते हैं विटामिन डी का स्तर
सूर्य की मदद से : हम सभी जानते हैं कि धूप ही विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है। 15 मिनट के लिए धूप में बैठकर आप पर्याप्त विटामिन डी ले सकते हैं। सप्ताह में तीन बार ऐसा जरूर करें। ज्यादा समय तक धूप में ना बैठें क्योंकि ऐसा करने की वजह से त्वचा का कैंसर हो सकता है।
विटामिन डी सप्लीमेंट
मार्केट में आपको बड़ी आसानी से विटामिन डी सप्लीमेंट मिल जाएंगें। हालांकि, इन्हें अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से अपना विटामिन डी सीरम लेवल जरूर चैक करवा लें। शरीर में विटामिन डी सीरम का सामान्य स्तर 40-6च एनजी/एमएल होना चाहिए। अगर ये इससे कम है तो आप विटामिन डी सप्लीमेंट ले सकते हैं। सेहत विशेषज्ञों की मानें तो आपको विटामिन डी2 की जगह डी3 लेना चाहिए।
वैसे तो विटामिन डी को सभी के लिए सुरक्षित माना जाता है लेकिन फिर भी आपको इनका सेवन शुरु करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए। अगर आपको पहले कभी किडनी स्टोन रह चुका है तो इनके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
विटामिन युक्त आहार
धूप और सप्लीमेंट्स के अलावा आप अपने शरीर में प्राकृतिक तरीके से विटामिन डी का स्तर बनाए रखने के लिए विटामिन युक्त आहार को अपनी डाइट में भी शामिल कर सकते हैं।

विटामिन डी युक्त आहर इस प्रकार हैं :
- साल्मन
- कोड लिवर ऑयल
- कैटफिश
- हेरिंग
- ऑएस्टर
- सारदिंस
- स्टीलहैड ट्राउट
- मैकेरल
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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