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सेक्सुअल लाइफ में इंटीमेसी बढ़ाने के लिए योगासन

बिजी लाइफस्टाइल में आजकल कपल्स के पास एक दूसरे के लिए भी समय नहीं रह गया है। लोगों ने अपनी पर्सनल लाइफ से अपने कॅरियर को प्रिफरेंस दे रहे है जिस वजह से प्यार, मोहब्बत और इंटीमेंसी कहीं न कहीं रिलेशनशिप से गायब होता जा रहा है। जिसका परिणाम ब्रेकअप या तलाक के रुप में मिलता है। दरअसल वर्क स्ट्रेस की वजह से लोगों के पास रिलेशनशिप को इंटीमेंट बनाने का समय नहीं रहा।
किसी भी रिलेशनशिप को एंजॉय करने के लिए इंटीमेसी होना बहुत जरुरी है। ये तब होता है जब आप दोनों फुर्सत के समय पर एक अच्छा लव सेशन एंजॉय करें। जी हां सेक्स के जरिए न सिर्फ रिश्तों में इंटीमेंसी बढ़ती है बल्कि एक आप एक दूसरे से बेहतर तरीकों से महसूस करते हैं।

आप नहीं मानेंगे कि योगा के जरिए आप अपनी सेक्सुअल लाइफ में इंटीमेंसी का तड़का लगा सकते है। आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन के बारे में बताने जा रहे है जो आपके उन पलों में आपको बॉडी को फ्लेक्सिबल बनाने के साथ आपकी इंटीमेंसी को बढ़ाएंगे।
वशिष्ठासन यानी प्लैंक्स
इस योगासन के कारण से आपमें सेक्सुअल कॉफिडेंस आता है और आपकी स्ट्रेंथ बिल्डि़ग पोश्चर बनती है। इसके अलावा यह आपकी पीठ और कोर मसल्स पर काम करता है जिससे आपकी इंटिमेंसी के दौरान आप अपने पोश्चर को ज्यादा देर तक बनाकर रख पाते हैं और आप जल्दी थकते भी नहीं होते हैं।
विधि :
यह योगासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पुशअप पॉजीशन में आएं। इसके बाद बॉडी का भार हथेलियों की बजाय अपनी बांहों पर रखें। इस पॉजीशन में आपकी बॉडी सिर से लेकर पैर तक एक सीध में होनी चाहिए। अब इस पॉजीशन में आप जितनी देर टिकी रह सकते है। उतनी देर तक बनें रहें। इससे कमर दर्द से राहत मिलने के अलावा ब्लड सर्कुलेशन सही रुप से होता है।
मार्जारी आसन यानी काउ स्ट्रेच
मार्जारी आसन यानी काउ स्ट्रेच आपके कीगल मसल्स पर काम करता है। क्योंकि यह पेल्विक एरिया के मूवमेंट को कंट्रोल करने में हेल्प करते है। जी हां इस योग को करने से आप अपनी बॉडी की निचली मसल्स में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ा सकती है।
विधि:
इस योगासन को करने से पहले दोनों घुटनों और दोनों हाथों को जमीन पर रखकर घुटने पर खड़े हो जाएं। फिर हाथों को जमीन पर बिलकुल सीधा रखें। ध्यान रखें कि हाथ कंधों की सीध में हों और हथेली फर्श पर इस तरह टिकाएं कि उंगलियां आगे की तरफ फैली हों। हाथों को घुटनों की सीध में रखें, बाजू और हिप्स भी फर्श से एक सीध में होने चाहिए। इसके बाद रीढ़ को ऊपर की तरफ खींचते हुए सांस अंदर खींचें। इसे इस स्थिति तक लाएं कि पीठ अवतल अवस्था में पूरी तरह ऊपर खिंची हुई दिखे। सांस अंदर की ओर तब तक खींचती रहें जब तक कि पेट हवा से पूरी तरह भर न जाए। इस दौरान सिर का ऊपर उठाए रखें
उपाविस्था कोणासन (वाइड-लेग्गड स्ट्राडल पोज)
सेक्स इच्छा की कमी को दूर करने का यह कारगर आसन है। यह पेल्विक एरिया में रक्त-संचार बढ़ाने में मदद करता है। रक्त-संचार बढ़ने से जनांनागों में ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। शोध इस बात को साबित कर चुके हैं श्रोणिक क्षेत्र में रक्त-संचार का संबंध कामोत्तेजना से होता है। रक्त संचार अधिक होने से आप सेक्स का लंबे समय तक आनंद उठा पाएंगे।
स्वावलंब सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड)
आपके शरीर के निचले हिस्से में रक्त-संचार कम होने का अंदेशा अधिक होता है। यह गुरुत्वाकर्षण की गतिशीलता के कारण भी हो सकता है। शरीर के निचले अंगों से रक्त को वापस हृदय की ओर भेजना, आसान काम नहीं। इस समस्या को आप अपने शरीर को उल्टा करके इस समस्या को हल कर सकते हैं। इससे आपका चित्त शांत रहेगा, थकान दूर होगी और पाचन क्रिया बेहतर होगी।
विधि:
इस आसान के लिए सीधा लेट जाएं और फिर कमर के नीचे के शरीर के हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं। तब तक उठाएं जब तक कि शरीर के पूरे हिस्सों का भार कंधों पर नहीं आ जाता है। इससे आपको आराम मिलेगा।
सुप्त बद्धकोणासन यानि
यह योगासन आपकी थाई और हिप्स को स्ट्रेच कर उनमें लचीलापन लाता है। इससे आपकी पीठ दर्द की समस्या भी ठीक हो जाएगी जो कि ऑफिस में नौ घंटे बैठने के बाद अमूमन हर किसी को होती है। साथ ही यह आपकी बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर आपके एनर्जी लेवल को बढ़ाता है।
विधि:
इस आसन के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। बांहों को शरीर के दोनों तरफ पैर की दिशा में फैलाकर रखें। इस पॉजिशन में हथेलियां छत की दिशा में रहनी चाहिए। घुटनो को मोड़ें और तलवों को जमीन से लगाकर रखें। दोनों तलवों को नमस्कार की मुद्रा में एक दूसरे के करीब लाकर जमीन से लगाएं। जितना संभव हो एड़ियों को हिप्स की ओर करीब लाएं। इस पॉजिशन में 30 सेकेण्ड से 1 मिनट तक बने रहें। हाथों से दोनों हिप्स को दबाएं और धीर धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।
भुजंगासन यानि कोबरा पोज
अगर आपके पीरियड से संबंधित कोई समस्या है तो भुजंगाासन आपके लिए फायदेमंद है। दरअसल कोबरा पोज सीधे आपकी ओवरी और यूटरस को हेल्थ बेनिफिट्स देती है। यह बॉडी के निचली मसल्स में लचीलापन बढ़ाने में हेल्प करता है और महिलाओं को पीठ दर्द में राहत देता है और निचले हिस्से की मसल्स की हेल्थ में सुधार लाता है, जिससे उन पलों में आपके निचले मसल्स में ज्यादा हार्मोन्स का स्राव होता है और आपमें इंटिमेंसी का एहसास बढ़ता है।
विधि:
सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। अब पेट के पास अपने दोनों हाथों को रखें। फिर दोनों पैरों को एकदूसरे से दूर कर लें और पंजों को ऊपर की तरफ रखें और उनसे जमीन पर प्रेशर बनाएं। हथेलियों से जमीन पर प्रेशर डालें और दोनों कोहनी को शरीर के पास रखें। अब बिना हाथ का सहारा लिए कमर से ज़ोर लगाएं। धीरे धीरे चेस्ट को जमीन से ऊपर उठायें, कंधों को पीछे की तरफ लेकर जाएं। जब आपकी कमर की मसल्स और पैरों पर प्रेशर बने तो हाथों का सहारा लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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