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क्या मधुमेह रोगी भी रक्तदान कर सकते हैं, जाने इससे जुड़ी सच्चाई
रक्तदान को लेकर आज भी हमारे आसपास के लोगों में काफी गलत धारणाएं प्रचलित है। कई लोगों को लगता है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी होती है और रक्तदान करते वक्त दर्द होता है। इन सभी गलतफहमियों के वजह से कई लोग रक्तदान करने से बचते हैं। ऐसी ही एक गलतफहमी है डायबिटीक मरीजों को। डायबिटीज से पीड़ित मरीज इस बात को लेकर काफी परेशान रहते हैं कि वे अपना ब्लड किसी और को डोनेट कर सकते हैं या नहीं?
कुछ मरीजों को ये डर रहता है कि कहीं उनके ब्लड के कारण वे जिसे डोनेट कर रहे हैं उसे डायबिटीज ना हो जाए। आपको जानकर ताजुब होगा कि डायबिटीज से जूझ रहे लोग भी रक्तदान कर सकते हैं। लेकिन रक्तदान करने से पहले उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। रक्तदान को विशेष बनाने के लिए दुनियाभर में 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है।

डायबिटीज मरीज भी कर सकते है रक्तदान
अगर किसी व्यक्ति की शुगर 225 तक है और वो इंसुलिन न लेता हो तो वो रक्तदान कर सकता है। इसके अलावा अगर किसी की शुगर ज्यादा है तो उसका रक्त किसी ऐसी इंसान को ही चढ़ाया जाता है जिसको शुगर की समस्या हो। यहां आपको ये बता दें कि मधुमेह यानी शुगर की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए भी रक्तदान काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर शुगर का मरीज लगातार अपना खून दान करता है तो उसका नया खून जब बनेगा तो वो शुगर रहित होगा क्योंकि हमारा शरीर शुगर वाला खून नहीं बनाता है। इसमें ये ध्यान रखने की जरूरत होती है कि एक रक्तदान व दूसरे रक्तदान के बीच समय का गैप रहे। आप अपने डॉक्टर से बातचीत करके कदम आगे बढ़ा सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और अपना ब्लड डोनेट करने जा रहे हैं तो उससे पहले इन बातों का ध्यान रखें।
- अपनी नींद अच्छी से पूरी कर लें
- पौष्टिक खाना खा लें
- ढेर सारा पानी पीकर जायें
- अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करते रहें
- हेल्दी डायट का सेवन करें।
- डोनेशन के बाद अगले 24 हफ़्तों तक आयरन से भरपूर चीजें खाएं।
- रोजाना अधिक से अधिक हेल्दी चीजों को डायट में शामिल करे।
- अगर ब्लड डोनेट करने के बाद आप बीमार पड़ जाते हैं तो ऐसे में आप तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपना चेकअप करवाएं।

ब्लड डोनेट करने के बाद इन बातों का ध्यान रखें

रक्तदान करने से दिल रहेगा तंदरुस्त
भारत में सालाना 1 करोड़ ब्लड यूनिट की जरूरत पड़ती है। इसलिए समय-समय पर ब्लड डोनेट यानी रक्तदान करते रहना चाहिए। रक्तदान करने से न सिर्फ हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है रक्तदान करने से रक्तदात्ताओं को भी लाभ मिलता है। कई शोध में भी ये बात साबित हो चुकी है कि लगातार रक्तदान करने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा दूर रहता है। यही नहीं, ऐसा करने से हमारे खून में कॉलेस्ट्रोल जमा नहीं होता है और साथ ही जो वायरस हमारे शरीर में अपनी जगह बना लेते हैं, वो भी रक्तदान के दौरान शरीर से बाहर निकल जाते हैं।

एक रक्तदान बचा सकता है चार लोगों की जिंदगी
जी हां, आप जब रक्तदान करते हैं तो इससे एक या दो नहीं बल्कि चार लोगों तक की जान बचाई जा सकती है। जब एक ब्लड यूनिट के चार हिस्से कर दिए जाएं, उनके रेड ब्लड सेल और वाइट ब्लड सेल अलग-अलग हो जाएंगे और प्लाज्मा भी अलग हो जाएंगे तो उसके बाद वो चार लोगों के काम आ सकता है। आपके शरीर का आधा लीटर ख़ून तीन लोगों की जान बचा सकता है।



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