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स्मोकिंग की लत छुड़ाने में प्रभावी है ई-सिगरेट, सर्वे में आया सामने
इंग्लैंड में हुई एक स्टडी में सामने आया है कि धूम्रपान की लत को छोड़ने के लिए ई-सिगरेट दूसरे उपायों की तुलना में लोगों की पहली पसंद बन रहा है। रिसर्च में सामने आया है कि 95 प्रतिशत लोग ई-सिगरेट के जरिए अपने स्मोकिंग हैबिट पर नियंत्रण किया है। सिगरेट छुड़ाने के कई सामान्य तरीके जैसे कि निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी पैचेज़ और च्युंइगम में सबसे ज्यादा ई-सिगरेट असरकारी है।
इसके अलावा इस रिसर्च में इन पहलूओं पर ध्यान दिया है कि स्मोकिंग छोड़ने की पीछे मुख्य कारक क्या थे, जिनमें उम्र, सामाजिक स्तर, सिगरेट की लत, पहले कितनी बार सिगरेट छोड़ने की कोशिश कब की गई है और स्मोकिंग छोड़ने का प्रयास कब तक किया गया या स्मोकिंग कब छोड़ दी जैसे विषयों को भी इस रिसर्च में शामिल किया गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की मानें तो वैश्विक स्तर पर प्रति वर्ष 7 मिलियन लोग धूम्रपान और अन्य तंबाकू वाले पदार्थों के सेवन के कारण मर जाते हैं। इनमें से 1.1 मिलियन लोग तो सिर्फ सिगरेट पीने की वजह से मुत्यु का ग्रास बन जाते हैं। इसके अलावा लगभग 80 फीसदी स्मोकिंग करने वाले लोग गरीब या मध्यम आय वाले देशों से हैं।
रिसर्च में ये तथ्य भी सामने आया कि ई-सिगरेट में तंबाकू नहीं होता लेकिन निकोटीन लिक्विड जरूर होता है। इस लिक्विड को सांस द्वारा अंदर लिया जाता है। तंबाकू बनाने वाली कई बड़ी कंपनियां ई-सिगरेट बेचती हैं।
इस अध्ययन में इंग्लैंड के लगभग 19,000 लोगों को शामिल किया गया था, जिन्होंने 2006 से 2018 तक 12-वर्ष की अवधि से पहले 12 महीनों में धूम्रपान छोड़ने की कोशिश की थी। जिन लोगों ने सफल तरीके से ध्रूमपान को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है, उन्हें मिसाल के तौर पर लोगों के सामने पेश किया गया। 95 फीसदी लोगों में 82 फीसदी से ज्यादा स्मोकर्स को ई-सिगरेट की मदद से स्मोकिंग छोड़ने में मदद मिली।

रिसर्च में शामिल यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की एक प्रोफेसर सारा जैक्सन ने कहा, "अध्ययन में ऐसे सबूत मिले हैं जो ये साबित करते हैं कि ई-सिगरेट के इस्तेमाल से धूम्रपान छोड़ने में मदद करती है"।
कई विशेषज्ञों के अनुसार ई-सिगरेट या 'वेपिंग' स्मोकर्स के लिए तम्बाकू छोड़ने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है, लेकिन कुछ वैज्ञानिक इस पर संदेह करते हैं। उन्हें डर है कि ई-सिगरेट से धू्म्रपान छोड़ना आसान है, ये जानकर युवा भी इसके आदी बन सकते हैं। विशेषज्ञों ने रिसर्च में नतीजों में पाया कि ई-सिगरेट धूम्रपान छोड़ने में उतनी ही मदद करती है जितनी कि इसकी लत छुड़ाने वाली दवाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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