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राकेश रोशन को हुआ था गले का कैंसर, शराब और सिगरेट है इस कैंसर की जड़

कोयला, कहो ना प्यार है और कृष जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्माता राकेश रोशन का मंगलवार को गले के कैंसर का सफल ऑपरेशन हुआ। राकेश रोशन गले के कैंसर के प्रारम्भिक स्टेज से जूझ रहे थे, इस बात का खुलासा अभिनेता रितिक रोशन ने मंगलवार को ट्विट के जरिए किया था। ट्विट के मुताबिक, उनके पिता को गले के कैंसर स्क्वेमस सेल कार्सिनोमा (Squamous Cell Carcinoma) की पहली स्टेज डायग्नोज हुई है।
शराब और तंबाकू का अत्यधिक सेवन इसका बड़ा कारण है। इस कैंसर में सेल्स (कोशिका) की ग्रोथ असामान्य रूप से बढ़ जाती है। यह गले के कैंसर का एक प्रकार है या ये शुरुआती स्टेज में होता है। इस तरह का कैंसर गले की कोशिकाओं को प्रभावित करता है। आइए जानते है गले के इस कैंसर और इससे बचाव के बारे में।

क्या होता है गले का कैंसर?
स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा ऑफ थ्रोट, गले का कैंसर का होता है। यह टॉन्सिल से जुड़ा कैंसर है जो ज्यादातर पुरुषों को होता है। इस कैंसर में जब गले में असामान्य कोशिकाएं जब वृद्धि करती हैं तो ये ट्यूमर का निर्माण करती हैं। गले का कैंसर वॉइस बॉक्स, वोकल कॉर्ड्स और गले के अन्य भागों जैसे टॉन्सिल और ऑरोफरीनक्स के कैंसर को बढ़ावा देता है। पश्चिम यूरोप में इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। इसका मुख्य कारण अधिक अल्कोहल लेना और स्मोकिंग करना है।

गले में कैंसर के लक्षण
अपने शुरुआती चरण में गले के कैंसर का पता लगाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन कुछ लक्षणों के आधार पर आप इस बीमारी तक पहुंच सकते हैं।
- आवाज में बदलाव
- वजन घटाना
- सांस लेने में दिक्कत
- गले में खराश
- निगलने में परेशानी (डिस्फेजिया)
- लगातार खांसी (खून खांसी हो सकती है)
- गर्दन में सूजन लिम्फ नोड्स
- मुंह और गले में छाले निकलना
- गले में गांठ और कान में दर्द रहना

गले में कैंसर होने के कारण
महिलाओं की तुलना में पुरुषों में गले का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। खराब जीवनशैली के अलावा मौखिक स्वास्थय की तरफ ध्यान नहीं देने की वजह से भी ये कैंसर उभरकर सामने आ सकता है, इसकी मुख्य वजह ये है :
- धूम्रपान
- अत्यधिक शराब का सेवन
- खराब पोषण
- खराब दंत स्वच्छता
- आनुवांशिक सिंड्रोम
इस कैंसर की एक मुख्य वजह वायरस इंफेक्शन भी हो सकता है। कुछ मामलों में इसका कारण ह्यूमन पेपिलोमा वायरस, हरपीज सिम्प्लैक्स वायरस और एचआईवी का संक्रमण भी होता है। इस कैंसर से जूझ रहे मरीज में फेफड़े और ब्लैडर कैंसर की आशंका भी होती है क्योंकि इन बीमारियों के रिस्क फैक्टर भी एक ही जैसे होते हैं।

क्या होता है स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा?
स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा एक ऐसा घातक ट्यूमर है जो न सिर्फ गले को बल्कि शरीर के किसी भी हिस्से में कैंसर बनकर उभर सकता है। SCC यानी स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा सेल्स की एक छोटी सी गांठ के रूप में शुरू होता है। बीमारी बढ़ने पर यह गलकर फूट जाता है और गांठ एक घाव में बदल जाती है। प्रभावित अंगों के आधार पर लक्षण भी काफी अलग-अलग होते हैं। कुछ समय पहले अभिनेता टॉम ऑल्टर की स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (SCC) स्किन कैंसर के कारण मौत हुई थी।

ये होती है गले के कैंसर के स्टेज
स्टेज 1 : अगर ट्यूमर 2 सेमी. का है और गले तक सीमित है।
स्टेज 2 : ट्यूमर का आकार 4 सेमी. हो गया है और गले के आसपास बढ़ गया है तो।
स्टेज 3: वहीं इसके 4 सेमी से अधिक बढ़ने और लिम्फ नोड तक फैल जाने पर।
स्टेज 4: लिम्फ नोड व शरीर के दूसरे अंगों तक फैलने पर चौथी स्टेज का कैंसर कहा जाता है।



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