Latest Updates
-
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित -
15 या 16 मार्च कब है पापमोचिनी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय
सिजोफ्रेनिया के मरीज नहीं करनी चाहिए, जाने इससे जुड़ी सच्चाई
सिजोफ्रेनिया एक मानसिक विकार है। डब्लूएचओ के अनुसार, विश्वभर में एक प्रतिशत लोग इस समस्या से ग्रसित है। यह तेजी से बढ़ता हुआ एक मानसिक विकार है। इस तरह के मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति खुद को समाज और परिवार से अलग कर देता है। अपना अधिक समय अकेले में बिताता है। ऐसे में यह समस्या और ज्यादा घातक हो जाता है। सिजोफ्रेनिया का सही देखरेख से इस बीमारी का इलाज सम्भव है।
लेकिन हमारे ईद-गिर्द ऐसी कई लोग है जिन्हें सिजोफ्रेनिया को लेकर कई तरह की मिथक मौजूद है। आइए जानते है इस मानसिक विकार को लेकर जुड़े मिथ और सच्चाई के बारे में।

मल्टीप्ल पर्सनालिटी डिसऑर्डर के शिकार होते हैं सिजोफ्रेनिया से पीड़ित मरीज?
कई लोगों का मानना है कि सिजोफ्रेनिया के लोग मल्टीप्ल पर्सनालिटी डिसऑर्डर की समस्या से घिरे हुए होते हैं। ये कभी भी स्प्लिट हो जाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह बात गलत है। इसके कई लक्षण होते हैं, लेकिन कहीं कोई भी लक्षण मल्टीप्ल पर्सनालिटी से मिलता-जुलता नहीं है।

दवाईयों से सही होती है ये बीमारी?
एक बार सिजोफ्रेनिया का लेबल लग जाए, तो इसका मतलब ये नहीं होता कि दवाओं का सेवन जीवन के अंतिम क्षणों तक आपको दवाओं का सेवन करना होगा। मनोचिकित्सक विभिन्न कारकों के आधार पर तय करते हैं कि दवाएं कब तक देनी हैं। कई रोगियों को तो धीरे-धीरे दवाओं के सेवन से छुटकारा मिल जाता है और कभी भी इस रोग का कोई भी लक्षण या एपिसोड दोबारा देखने को नहीं मिलता है।

आनुवांशिक होता है सिजोफ्रेनिया?
कई लोगों को लगता है कि सिजोफ्रेनिया एक तरह से मानसिक बीमारी होती है। लेकिन इससे जुड़े कई कारण भी हो सकती है जैसे जींस, ट्रोमा और दवाईयों का अधिक सेवन। लेकिन ये बीमारी आनुवांशिक नहीं होती है।

सिजोफ्रेनिया के मरीज से शादी नहीं करनी चाहिए
सिजोफ्रेनिया का ईलाज सम्भव है। ये एक प्रकार का मानसिक विकार है। सिजोफ्रेनिया ग्रस्त व्यक्ति भी दूसरों की तरह सुखी जीवन जी सकता है। भारतीय मनोचिकित्सकों के अनुसार, लगभग 72 % मरीज इससे रोग से पीड़ित होने के बावजूद अकेले रहते हैं, तो वहीं लगभग 40 % मरीजों ने दोबारा फिर से नौकरी भी ज्वाइन कर ली।

सिजोफ्रेनिया के मरीज दिमाग से होते हैं कमजोर?
इस मिथक को पूरी तरह से गलत साबित करने का सबसे बेहतर उदाहरण प्रोफेसर जॉन नैश हैं, जिन्होंने ऑस्कर विजेता फिल्म ‘ए ब्यूटीफुल माइंड' से लोगों को प्रेरित किया। वह अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार विजेता थे। यदि इलाज न किया गया हो तो सिजोफ्रेनिया संज्ञान (cognition) को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह किसी को मूर्ख या उसकी बुद्धिमत्ता को कम नहीं करता है। ऐसे लोग भी आपके और हमारे जैसे ही दुनिया के लिए योगदान दे सकते हैं।

ऐसे लोग हिंसक और खतरनाक होते हैं?
सिजोफ्रेनिया के कुछ मरीज वायलेंट हो सकते हैं, लेकिन अधिकतर मरीज नॉन वायलेंट ही होते हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मनोचिकित्सकों द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, 13,806 सिजोफ्रेनिया मरीजों में से सिर्फ 23% मरीज ही हिंसक प्रवृति के पाए गए। दरअसल, सिजोफ्रेनिया से पीड़ित लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और मानसिक और शारीरिक रूप से असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है।



Click it and Unblock the Notifications











