आई केयर : गर्मियों में ऐसे रखें आंखों का ध्‍यान

गर्मी में तेज धूप का असर सिर्फ शरीर और त्‍वचा पर ही नहीं पड़ता है। लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्‍याएं आंखों को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे में इस मौसम में त्वचा की ही तरह आंखें भी खास देखभाल की जरुरत होती है। गर्मी में सूरज से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा के साथ-साथ आंखों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। आंखें, दिमाग की बारीक शिराओं से जुड़ी हुई होती है। ये शिराएं आंखों की स्किन के बहुत नजदीक होती हैं, इसलिए ज्यादा देर धूप में रहने से आंखों को नुकसान पहुंचता है।

इसके अलावा वायु प्रदूषण भी आंखों के ल‍िए नुकसानदायक होता है। गर्मियों में आंखों को सुरक्षित रखने के ल‍िए हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं, जिसे अपनाकर आप सुरक्ष‍ित रह सकते हैं।

गर्मी में होती है ये आंखों की समस्याएं

गर्मी में होती है ये आंखों की समस्याएं

आंखों में जलन, आंखें लाल होना, आंखों से पानी आना, आंखों में चुभन, कन्जंक्टिवाइटिस आदि लोगों को परेशान करती है।

 पानी के छींटे मारें

पानी के छींटे मारें

जब भी आप बाहर से घर आते हैं, तो शरीर का तापमान बढ़ जाता है। सबसे पहले आराम से बैठ जाएं और शरीर को नार्मल तापमान में आने दें। एसी की बजाय पंखे के नीचे बैठें। उसके बाद ही ठंडे पानी से आंखों को धोएं। आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारने के बाद तौलिये से चेहरा पोछ लें। जलन अधिक हो या आंखें लाल हों, तो बर्फ से आंखों की सिंकाई करें।

आंखों को ना रगड़ें

आंखों को ना रगड़ें

गर्मियों में अक्‍सर धूल के कण आंखों में चुभन और जलन का कारण बन सकती है। पर आंखों को रगड़ें नहीं। ऐसा करेंगे, तो आंखों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। चुभन महसूस हो तो रुमाल से हल्के हाथों से सहलाएं और फिर आंखों को ठंडे पानी से धो लें।

 सनग्लासेज पहनें

सनग्लासेज पहनें

गर्मियों में भरी धूप में बाहर न‍िकलने से पहले सनग्‍लासेज पहनना न भूलें। सूरज से निकलने वाली घातक यूवी किरणों से आंखों की रेटीना को नुकसान पहुंच सकता है। धूल के कण भी रेटिना को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा तेज धूप में यूवी किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसूओं की परत टूटने लगती है। यह स्थिति कॉर्निया के लिए हानिकारक हो सकती है। आंखों के कॉर्निया को भी यूवी किरणों से उतना ही नुकसान पहुंचता है, जितना रेटिना को। ऐसे में धूप में निकलते वक्त सनग्लासेज पहनने से इन सभी परेशानियों से आप बच सकते हैं।

 ज्‍यादा लिक्विड पीएं

ज्‍यादा लिक्विड पीएं

कंप्यूटर के इस्तेमाल, एसी में रहने की आदत, शरीर को राहत देने के लिए दवाओं का इस्तेमाल ड्राई आई सिंड्रोम को जन्म देता है। इसके कारण आंखों में चुभन, जलन, सूखापन, खुजली जैसी समस्या होती है। ड्राई आई सिंड्रोम होने पर कमरे का तापमान कम रखें। पानी और लिक्विड ज्यादा मात्रा में लें। किसी आई ड्रॉप का भी दिन में तीन से चार बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

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