दुन‍िया की पहली मलेरिया वैक्‍सीन को मिली मंजूरी, जाने इसके बारे में कैसे करता है काम

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को दुनिया की पहली मलेरिया वैक्सीन को स्‍वीकृति दे दी है। मच्छर इस बीमारी की वजह से एक वर्ष में 400,000 से अधिक लोगों को मारती है, जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी बच्चे होते हैं। Mosquirix का टीका ब्रिटिश दवा निर्माता ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन द्वारा विकसित किया गया था। अफ्रीकी महाद्वीप में मलेरिया से हर दो मिनट में एक बच्चे की मौत होती है। इस वैक्सीन को सबसे पहले ब्रिटिश दवा निर्माता कंपनी ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन ने 1987 में बनाया था। आइए जानते है इस वैक्‍सीन से जुड़ी जरुरी बातें।

All you need to know about Mosquirix, first malaria vaccine approved by WHO in Hindi

मच्छर क्या है?

यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी के अनुसार, मॉस्क्युरिक्स एक टीका है जो 6 सप्ताह से 17 महीने की उम्र के बच्चों को मलेरिया से बचाने में मदद करने के लिए दिया जाता है। यह हेपेटाइटिस बी वायरस से लीवर के संक्रमण से बचाने में भी मदद करता है, लेकिन यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि टीके का उपयोग केवल इस उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

वैक्सीन को 1987 में ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन द्वारा विकसित किया गया था। हालांकि, यह चुनौतियों का सामना करता है: मॉसक्विरिक्स को चार खुराक तक की आवश्यकता होती है, और इसकी सुरक्षा कई महीनों के बाद फीकी पड़ जाती है। फिर भी, वैज्ञानिकों का कहना है कि अफ्रीका में मलेरिया के खिलाफ टीके का बड़ा असर हो सकता है।

2019 के बाद से, घाना, केन्या और मलावी में WHO द्वारा समन्वित एक बड़े पैमाने पर पायलट कार्यक्रम में शिशुओं को Mosquirix की 2.3 मिलियन खुराक दी गई है। जिन लोगों को यह बीमारी होती है उनमें से अधिकांश पांच साल से कम उम्र के हैं।

Mosquirix का उपयोग कैसे किया जाता है?

Mosquirix को 0.5 मिली इंजेक्शन के रूप में जांघ की मांसपेशियों में या कंधे के आसपास की मांसपेशी (डेल्टॉइड) में दिया जाता है। बच्चे को प्रत्येक इंजेक्शन के बीच एक महीने के साथ तीन इंजेक्शन दिए जाते हैं।

तीसरे के 18 महीने बाद चौथा इंजेक्शन लगाने की सलाह दी जाती है। Mosquirix केवल एक नुस्खे के साथ प्राप्त किया जा सकता है।

मच्छर कैसे काम करता है?

यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी के वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉस्क्युरिक्स में सक्रिय पदार्थ प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी की सतह पर पाए जाने वाले प्रोटीन से बना होता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, October 8, 2021, 17:56 [IST]
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