Latest Updates
-
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय
टाइप -2 मधुमेह के लिए काले बीज: और इसका तेल मधुमेह के उपचार में कैसे मदद कर सकता है
कलौंजी जिसे इंग्लिश में ब्लैक सीड्स कहा जाता है।। कलौंजी को ब्रेड्स के ऊपर, कई दालों के अंदर और करी में इस्तेमाल किया जाता है। कलौंजी की खुशबू बहुत अच्छी होती है। इसके अलावा यह छोटा सा मसाले का बीज कई स्वास्थ्य लाभ देता है। कलौंजी में कई लवण और पोषक तत्व होते हैं। कलौंजी में कई तरह के अमीनो एसिड और प्रोटीन पाए जाते हैं। यह आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर से भरपूर होती है। अपने इन्हीं गुणों की वजह से कलौंजी को मसालों में सबसे हेल्दी माना गया है।

डायबिटीज को करें दूर
भारतीय आहार में कलौंजी का इस्तेमाल खूब किया जाता है। इसके अलावा कलौंजी का तेल भी बनाकर इस्तेमाल में लिया जाता है। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में कारगर है। हां, कलौंजी का तेल टाइप 2 डायबिटीज में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कई तरह से टाइट 2 डाइबिटीज में फायदेमंद होते हैं। कई शोध में ये बात सामने आ गई है कि कलौंजी ब्लड शुगर के स्तर को नियमित करने में मददगार है। शोध के अनुसार डायबिटीज के मरीज अगर अपने आहार में कलौंजी का इस्तेमाल करते हैं तो यह खाली पेट ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करती है।

सूजन से लड़ता है
हाइपरग्लाइकेमिया या बढ़ा हुआ रक्त शर्करा की वजह से भी शरीर में बढ़ी हुई सूजन के जुड़ा हुआ है। शोध से पता चला है कि अपने दैनिक आहार में कलौंजी तेल या कलौंजी को शामिल करने से शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव के लक्षणों को कम किया जा सकता है।
बरतें सावधानी
कलौंजी के बीजों का सेवन करते वक्त इस बात का ध्यान रखें। एक बार में 3 या 5 से ज्यादा बीजों का इस्तेमाल न करें। यह पित्त दोष को पैदा कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को भी कलौंजी खाते समय सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अधिक मात्रा में इनका सेवन गर्भपात का कारण बन सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
