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इस उपाय से दूर करें नसों में जमी गंदगी, बॉडी होगी डिटॉक्स और खून रहेगा साफ
शरीर के बेहतर कामकाज और ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने के लिए धमनियों का स्वस्थ होना जरुरी है। इसके बंद होने या ब्लॉकेज पर ब्लड सर्कुलेशन पर बुरी तरह प्रभाव पड़ता है। जिससे शरीर को कई तरह की समस्या हो सकती हैं। इस स्थिति में मरीजों की नसें निष्क्रिय हो जाती हैं। नसों के ब्लॉक हो जाने से दिल से जुड़ी बहुत सारी बीमारियां पैदा हो जाती है।
कई बार लोगों को इस बात की भनक तक नहीं लगती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप नसों की ब्लॉकेज की समस्या से दूर हो सकते हो।

ब्लॉकेज का लक्षण
नसों के ब्लॉक होने पर आपको प्रभावित हिस्से में गांठ, जलन हो सकती है। इसके अलावा आप छाती में दर्द, सांस की कमी, दिल की घबराहट, कमजोरी या चक्कर आना होता है। शरीर में दर्द रहना, अंगों का फड़कना या हाथ पैर का संवेदनहीन होना इसके लक्षण होते हैं। कई मामलों में किसी बड़ी घटना जैसे कि लकवा, स्ट्रोक और दिल का दौरा होने तक का खतरा रहता है।

लहसुन खाएं
लहसुन में बहुत अच्छी क्वालिटी का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो शरीर में घूमने वाले हानिकारक फ्री रैडीकल तत्वों को बाँध देता है जिस कारण से वे शरीर को कोई नुकसान नही पहुंचा पाते हैं और दिल के ऊपर ज्यादा बोझ नही बढ़ने देता है। रोज सुबह लहसुन की एक या दो कली गुनगुने पानी के साथ निगलना सबसे आसान उपाय है।

अनार का जूस
अनार नसों और शरीर में फैट जमा होने से रोकने में कारगर होता है। इसके अलावा अनार का सेवन करने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण बढ़ता है । यह नाइट्रिक ऑक्साइड नसों को खुला रखता है और उनमें रक्त के प्रवाह को सुचारू बनाता है । इसके अलावा यह नसों में खून का थक्का जमने की प्रक्रिया को भी बाधित करता है ।

ग्रीन टी
ग्रीन टी में कैथेचीन नामक एक कम्पाउण्ड पाया जाता है और यह कैथेचीन नसों को सामान्य रूप से लचीला बनाये रखता है । इसके अलावा ग्रीन टी के सेवन से रुधिर धमनियों की अन्दर की सतह पर मौजूद विशेष एण्डोथिलीयल कोशिकाओं की सेहत को दुरुस्त रखती है जिस कारण से दिल की बीमारियॉ होने का खतरा कम हो जाता है ।

पालक
पालक को हरा खून भी कहा जाता है । पालक के अन्दर नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है जो नसो में आने वाली सिकुड़न को खत्म करता है और खून का थक्का बनने से भी रोकता है । अतः पालक का जूस पीने से अथवा पालक का सलाद खाने से हार्ट स्ट्रोक और दिल की दूसरी बीमारियों का खतरा बहुत कम हो जाता है।

ये नुस्खा भी अजमाएं
नसों की ब्लॉकेज को खोलने के लिए 1 ग्राम दालचीनी, 10 ग्राम साबूत काली मिर्च, 10 ग्राम तेज पत्ता, 10 ग्राम मगज, 10 ग्राम मिश्री का टुकड़ा और 10 ग्राम अलसी शामिल हों।
इन चीजों को मिक्सी में पीस लें और 6-6 ग्राम की पुड़िया बना लें। रोजाना सुबह खाली पेट एक पुड़िया को गुनगुनें पानी से सेवन करें और उसके एक घंटे तक कुछ भी न खाएं। इससे आपके शरीर में नसों की ब्लॉकेज की समस्या नहीं होंगी।



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