Latest Updates
-
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग
बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से दिमाग को हो सकता है नुकसान: स्टडी
आजकल अधिकतर लोगों की जिंदगी में एक्सरसाइज बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ज्यादा शारीरिक व्यायाम का सेहत पर बुरा असर पड़ता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करना नुकसानदायक हो सकता है और प्रमुख तौर पर इसका संबंध थकान एवं खराब परफॉर्मेंस से है।
क्या कहती है स्टडी

'करंट बायोलॉजी’ के जर्नल में प्रकाशित हुई एक स्टडी के अनुसार ज्यादा शारीरिक व्यायाम करने जैसे कि फिजीकल ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मस्तिष्क की क्षमता खासकर बौद्धिक क्षमता को नुकसान पहुंच सकता है।
स्टडी के निष्कर्षों के अनुसार फ्रांस की इंसर्म रिसर्च इंस्टीट्यूट के मैथिअस पेसिग्निओन और उनकी टीम ने कहा कि उन्हें टॉप एथलीट्स में होने वाले ओवरट्रेनिंग सिंड्रोम के कारणों को जानने में काफी दिलचस्पी थी।
इसमें एथलीट्स खराब या कमतर प्रदर्शन करते हैं और बहुत जल्दी थक जाते हैं। इस सिंड्रोम से ग्रस्त व्यक्ति को अपनी परफॉर्मेंस में सुधार के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने का मन करता है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि ओवरट्रेनिंग प्रयासों के कारण थकान और मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस होता है।
कैसे किया गया था अध्ययन

स्टडी के लिए टीम ने 37 ट्रिएथलीट्स के साथ नौ सप्ताह बिताए। इन प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया था।
पहले ग्रुप को हाई लेवल ट्रेनिंग और दूसरे ग्रुप को एक्सपेरिमेंट के आखिरी तीन हफ्तों तक एक्स्ट्रा ट्रेनिंग करने के लिए कहा गया जिसमें 40 फीसदी औसत सेशन शामिल थे।
इससे शोधकर्ताओं को बहुत ज्यादा फिजीकल ट्रेनिंग और दिमाग के ज्यादा काम करने के बीच समानता का पता चला। इससे ज्ञात होता है कि अत्यधिक फिजीकल ट्रेनिंग का संबंध मस्तिष्क और निर्णय लेने की कार्यक्षमता घटने से है।
टॉप एथलीट के मामले में इसके परिणाम को आप इस तरह से देख सकते हैं कि किसी एथलीट का बीच रेस में ही ध्यान भटक गया हो या प्रतियोगिता के बीच अचानक से प्रदर्शन खराब होने लगा हो। इसकी वजह थकान हो सकती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि थकान और बौद्धिक क्षमता में गिरावट की वजह से भी पहले चरण में 'बर्नआउट सिंड्रोम’ हो सकता है जो कि कई लोगों को प्रभावित करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
