Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से दिमाग को हो सकता है नुकसान: स्टडी
आजकल अधिकतर लोगों की जिंदगी में एक्सरसाइज बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ज्यादा शारीरिक व्यायाम का सेहत पर बुरा असर पड़ता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करना नुकसानदायक हो सकता है और प्रमुख तौर पर इसका संबंध थकान एवं खराब परफॉर्मेंस से है।
क्या कहती है स्टडी

'करंट बायोलॉजी’ के जर्नल में प्रकाशित हुई एक स्टडी के अनुसार ज्यादा शारीरिक व्यायाम करने जैसे कि फिजीकल ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मस्तिष्क की क्षमता खासकर बौद्धिक क्षमता को नुकसान पहुंच सकता है।
स्टडी के निष्कर्षों के अनुसार फ्रांस की इंसर्म रिसर्च इंस्टीट्यूट के मैथिअस पेसिग्निओन और उनकी टीम ने कहा कि उन्हें टॉप एथलीट्स में होने वाले ओवरट्रेनिंग सिंड्रोम के कारणों को जानने में काफी दिलचस्पी थी।
इसमें एथलीट्स खराब या कमतर प्रदर्शन करते हैं और बहुत जल्दी थक जाते हैं। इस सिंड्रोम से ग्रस्त व्यक्ति को अपनी परफॉर्मेंस में सुधार के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने का मन करता है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि ओवरट्रेनिंग प्रयासों के कारण थकान और मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस होता है।
कैसे किया गया था अध्ययन

स्टडी के लिए टीम ने 37 ट्रिएथलीट्स के साथ नौ सप्ताह बिताए। इन प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया था।
पहले ग्रुप को हाई लेवल ट्रेनिंग और दूसरे ग्रुप को एक्सपेरिमेंट के आखिरी तीन हफ्तों तक एक्स्ट्रा ट्रेनिंग करने के लिए कहा गया जिसमें 40 फीसदी औसत सेशन शामिल थे।
इससे शोधकर्ताओं को बहुत ज्यादा फिजीकल ट्रेनिंग और दिमाग के ज्यादा काम करने के बीच समानता का पता चला। इससे ज्ञात होता है कि अत्यधिक फिजीकल ट्रेनिंग का संबंध मस्तिष्क और निर्णय लेने की कार्यक्षमता घटने से है।
टॉप एथलीट के मामले में इसके परिणाम को आप इस तरह से देख सकते हैं कि किसी एथलीट का बीच रेस में ही ध्यान भटक गया हो या प्रतियोगिता के बीच अचानक से प्रदर्शन खराब होने लगा हो। इसकी वजह थकान हो सकती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि थकान और बौद्धिक क्षमता में गिरावट की वजह से भी पहले चरण में 'बर्नआउट सिंड्रोम’ हो सकता है जो कि कई लोगों को प्रभावित करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
