आसाम में मिला अफ्रीकन स्‍वाइन फ्लू का पहला मामला, जाने कैसे फैलता है?

देश में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का पहला मामला असम में सामने आया है। राज्य सरकार का दावा है कि वहां के सात जिलों के 306 गांवों में रविवार तक 2,500 सुअरों की मौत हो गई। असम के पशुपालन मंत्री अतुल बोरा का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बावजूद सुअरों को मारने का कदम तुरंत नहीं उठाएंगे। बल्कि इस संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए दूसरा तरीका ढूंढेंगे। उनका कहना है कि अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का कोरोना से कोई संबंध नहीं है। इंसानों पर इसका असर नहीं होता।

ase of African Swine Flu Detected in Assam, Know More About This Flu

सुअरों में दिखते हैं इसके लक्षण

विशेषज्ञों की मानें तो अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का वायरस सुअरों को संक्रमित करता है। इस फ्लू के संपर्क में आने से सुअर अपनी भूख खो देते हैं। उनकी सफेद चमड़ी पर नीले-बैंगनी छोर द‍िखने लगते हैं। इसके अलावा इन्‍हें खांसी और सांस लेने में द‍िक्‍कत जैसी समस्‍या होने ल गती है। इस फ्लू के संपर्क में आने के कुछ द‍िनों के भीतर ही सुअर कामातुर अवस्‍था में पहुंचने के बाद गर्भधारण और गर्भपात जैसे लक्षण भी द‍िखते हैं इसके अलावा वजन कम होने के साथ त्‍वचा में अल्‍सर द‍िखे लगता है और पांव के जोड़ों पर सूजन नजर आने लगती है।

सुअर के मांस, लार, खून और टिश्यू से फैलता है संक्रमण

इस फ्लू का संक्रमण सुअर के मांस, लार, खून और टिश्यू से फैलता है। इसलिए, एक से दूसरे जिले में सूअरों का ट्रांसपोर्टेशन नहीं किया जाएगा। राज्य से सूअरों की आवाजाही रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। पड़ोसी राज्यों से भी अपील की है कि सुअरों का मूवमेंट रोकने के इंतजाम करें।

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इंसानों को नुकसान नहीं, उनके जरिए संक्रमण फैल सकता है

विशेषज्ञों की मानें तो यह आसानी से इंसानों तक भी पहुंच सकता है। अफ्रीकन स्वाइन फ्लू पिछले साल अप्रैल में चीन के शिजांग से शुरू हुआ था। शिजांग की सीमा अरुणाचल प्रदेश से लगती है। यह आशंका है कि अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का वायरस पहले अरुणाचल प्रदेश पहुंचा और फिर असम में आ गया। ज्यादातर आवारा सुअर संक्रमित पाए गए हैं, लेकिन फार्मों वाले सुअरों में भी इन्फेक्शन मिला है। एक किसान के 230 सुअर मर गए। इससे पहले उसके कर्मचारी का सुअर मर गया था। इसलिए आशंका है कि उस कर्मचारी के जरिए वायरस फार्म तक पहुंचा। ऐसा कुछ दूसरे फार्मों में भी देखा गया। यानी यह वायरस इंसानों के जरिए भी फैल रहा है। हालांकि, इंसानों को इससे कोई नुकसान नहीं होता।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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