हाथों से खाना खाने पर क्या कहते हैं हिंदू धर्म से लेकर इस्लाम, जानें क्यों बताया इसे एक सेहतमंद आदत

भारत देश की संस्कति और परम्पराएं ऐसी है जो आपके स्वास्थ्य से जुड़ी हुई हैं। जिनके बारें में विज्ञान बाद में रिसर्च करता है लेकिन वो हैबिट्स देश की सभ्यता में हजारों सालों से जुड़ी हुई है। इन्ही परंपराओं में से एक हाथों से भोजन करना। विदेशी संस्कृति के प्रभाव के कारण भारत में भी लोगों ने कटलरी की इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और कांटे और चम्मच से खाना शुरू किया। इसी के साथ हाथ से खाना खाने के बेनिफिट्स भूल गये, लेकिन भारत में आज भी कई राज्यों में हाथ से ही खाना खाने की परंपरा बनी हुई है। हाथों से खाना खाने के बारें में हर धर्म में कहा गया है, चाहे वो हिंदू धर्म हो या इस्लाम धर्म। सभी में हाथ से खाना खाने के फायदों के बारें में विस्तार से बताया हुआ है। हाथों से खाना खाना खाने पर आपका नर्वस सिस्टम एक्टिव होता है, जो आपको खाने के स्वाद और खुशबू के बारें में आपको बताता है, जिससे आप खाना स्वाद और चटकारे के साथ खाते हैं। हाथों की उंगलियां खाना खाते वक्त जुड़ती हैं, इसके पीछे भी आयुर्वेद और विज्ञान है। आइये जानते हैं हाथों से खाना खाने के क्या क्या फायदे होते हैं, साथ ही आयुर्वेद और सभी धर्मों में हाथों से खाना खाने के बारें में क्या कहा है-

वेदों में हाथ से खाना खाने के बारें में क्या लिखा है ?

वेदों में हाथ से खाना खाने के बारें में क्या लिखा है ?

भारत के प्राचीन वेदों में हाथ से खाना खाने के अभ्यास के बारें में विस्तार से बताया गया है। हाथों की उंगलियों को एक साथ जोड़ने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इसके साथ ही हाथ से भोजन करने से पेट से संबंधित बीमारियां भी दूर होती हैं। हाथों की उंगलियों में पांच तत्व होते हैं, अंगूठे से आकाश, तर्जनी उंगली से वायु, मध्यमा अग्नि की है, अनामिका उंगली जल व कनिष्ठिका पृथ्वी का प्रतीक है। और जब ये सब एक साथ जुड़ कर भोजन को छूती है को खाने का स्वाद बढ़ जाता है, साथ ही भोजन को बिना पूरा खाए उठने का मन नहीं करेगा।

माइंडफुल ईटिंग में होता है इजाफा

माइंडफुल ईटिंग में होता है इजाफा

हाथों से खाना खाने से आपका खाने से जुड़ाव अधिक होता है। चम्मच या कांटे से खाना खाने से आपका भोजन से उतना जुड़ाव नहीं हो पाता जितना हाथों से होता है। मन की शांति और खाने के पोषक तत्व भी आपके शरीर में बेहतर तरीके अवशोषित होने में सहायता करते हैं।

ओवरईटिंग करने से रोकता है

ओवरईटिंग करने से रोकता है

हाथों से खाने से एक फायदा ये भी होता है कि आप ओवरईटिंग करने से रुक जाते हैं। हाथों से खाना खाने से कम खाने पर भी आपको पेट भरा सा लगता है। ऐसें में ओवरईटिंग ना होने से वजन पर काबू किया जा सकता है। क्योंकि हाथों से खाना, मन को तृप्त करता है जो आप कटलरी से खाना खाने में फील नहीं कर पाते हैं।

ज्यादा हाईजीनिक

ज्यादा हाईजीनिक

हाथों से खाने को खाना ज्यादा हाईजीनिक होता है। कटलरी से कई लोग खाते हैं, अगर वो सही तरीके से नहीं धोई गई है तो उसमें मौजूद बैक्टिरिया आपके अंदर जाकर कई बीमारियां पैदा कर देते हैं। वहीं हाथों को आप दिन में कई बार धोते हैं, खाना खाते वक्त भी धोना आपके हाईजीन से जुड़ा है। इसलिए कुछ खाने से पहले हाथ जरूर धोएं।

हिंदू धर्म में हाथों से किस तरह से खाना चाहिए-

हिंदू धर्म में हाथों से किस तरह से खाना चाहिए-

खाना खाने के लिए अन्नभक्षण मुद्रा का इस्तेमाल किया जाता है। चार अंगुलियों के आधार पर होने से पर्याप्त मात्रा में भोजन (निवाला) आ जाता है। खाने के लिए केवल दाहिने हाथ का प्रयोग किया जाता है। अन्नभक्षण मुद्रा भोजन करने में आपके विवेक को जागृत करता है।

इस्लाम धर्म में क्या बताया गया है हाथों से खाना खाने के बारें में ?

इस्लाम धर्म में क्या बताया गया है हाथों से खाना खाने के बारें में ?

इस्लाम धर्म में भी खाना खाने से पहले हाथों को पानी से अच्छे से धोने के बारें में कहा गया है। इसके साथ ही खाना धीरे-धीरे खाना चाहिए। चम्मच से खाने के बारें में लिखा है कि कटलरी का यूज ना करें तो बेहतर होता है क्योंकि चम्मच या कांटें में दूसरे के मुंह का स्लाइवा चिपका हो सकता है, अगर वो अच्छे से ना धुला हो। खाना दायें हाथ से खाना चाहिए।

हिंदू और इस्लाम धर्म में हाथ से खाने से जुड़े नियम-

हिंदू और इस्लाम धर्म में हाथ से खाने से जुड़े नियम-

1. खाने से पहले हाथों को अच्छे से धोएं।

2. खाना दाहिने हाथ से ही करें।

3. केवल आपकी उंगलियां ही खानें को छूनी चाहिए न कि पूरी हथेली।

4. खाना जमीन पर बैठ कर खाएं।

Story first published: Wednesday, January 11, 2023, 12:25 [IST]
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